JAC Result 2026: झारखंड बोर्ड 10वीं का रिजल्ट जारी, 95% छात्र पास; यहां करें चेक
JAC Result 2026: JAC ने कक्षा 10वीं का रिजल्ट 2026 जारी कर दिया है। इस साल कुल 95% छात्र पास हुए हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है।
कितने छात्र हुए पास
इस बार कुल 4,24,001 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 4,22,109 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 4,02,178 छात्रों ने सफलता हासिल की।
रिजल्ट के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2,26,957 छात्रों ने प्रथम श्रेणी हासिल की है। वहीं 1,60,673 छात्र द्वितीय श्रेणी में पास हुए और 14,548 छात्रों को तृतीय श्रेणी मिली है।
कहां चेक करें रिजल्ट
छात्र अपना रिजल्ट ऑनलाइन इन वेबसाइट्स पर जाकर देख सकते हैं:
jacresults.com
jac.jharkhand.gov.in
jacexamportal.in
JAC 10th Result 2026: ऐसे करें ऑनलाइन चेक
छात्र नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करके अपना रिजल्ट आसानी से देख सकते हैं:
- Step 1: JAC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- Step 2: “JAC Class 10 Result 2026” लिंक पर क्लिक करें।
- Step 3: अपना रोल कोड और रोल नंबर दर्ज करें।
- Step 4: दी गई जानकारी सबमिट करें।
- Step 5: स्क्रीन पर आपका रिजल्ट दिखाई देगा।
SMS के जरिए ऐसे चेक करें रिजल्ट
- Step 1: अपने मोबाइल में SMS ऐप खोलें।
- Step 2: कक्षा 10 के लिए टाइप करें: JHA10 <Roll Number>
- Step 3: मैसेज को 5676750 (कक्षा 10) या 56263 (कक्षा 12) पर भेजें।
- Step 4: कुछ देर इंतजार करें।
- Step 5: आपका रिजल्ट SMS के जरिए मोबाइल पर प्राप्त हो जाएगा।
मार्कशीट में ये डिटेल्स जरूर देखें
रिजल्ट देखने के बाद छात्र अपनी मार्कशीट में ये जरूरी जानकारी जरूर चेक करें:
- छात्र का नाम
- माता-पिता का नाम
- स्कूल कोड
- विषयवार अंक
- कुल प्रतिशत और रिजल्ट स्टेटस
ओरिजनल मार्कशीट कब मिलेगी
फिलहाल छात्रों को प्रोविजनल मार्कशीट ऑनलाइन मिलेगी। ओरिजनल मार्कशीट कुछ दिनों बाद स्कूल से प्राप्त की जा सकेगी।
कम नंबर आने पर क्या करें
जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे रीचेकिंग या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसकी जानकारी जल्द ही बोर्ड की वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
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UPI Payments Tips: क्या UPI के लिए अलग बैंक अकाउंट जरूरी? जानिए इसके फायदे और नुकसान
UPI Payments Tips: डिजिटल भुगतान के दौर में यूपीआई ने लोगों की जिंदगी आसान बना दी। अब छोटे से लेकर बड़े खर्च तक, हर लेन-देन कुछ सेकंड में हो जाता। लेकिन इसी सुविधा के साथ एक नया सवाल भी सामने आ रहा है कि क्या यूपीआई पेमेंट के लिए अलग बैंक खाता रखना जरूरी?
विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादातर लोग एक ही बैंक खाते का इस्तेमाल करते, जिसमें सैलरी आती है और उसी से बिल, ट्रांसफर और यूपीआई पेमेंट भी होते। यह तरीका आसान जरूर लगता है, लेकिन इसमें जोखिम भी छिपा होता। अगर किसी वजह से फ्रॉड हो जाए या ऐप से जुड़ी कोई गड़बड़ी हो जाए, तो पूरा पैसा एक साथ खतरे में आ सकता।
यहीं पर अलग खाते का विकल्प काम आता। अगर यूपीआई के लिए अलग खाता रखा जाए, तो उसमें सिर्फ उतना ही पैसा ट्रांसफर किया जाता है, जितना रोजमर्रा के खर्च के लिए जरूरी। बाकी बचत दूसरे खाते में सुरक्षित रहती है। ऐसे में अगर कोई गड़बड़ी होती भी है, तो नुकसान सीमित रहता है और पूरा बैलेंस प्रभावित नहीं होता।
सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, यह तरीका खर्च पर नियंत्रण रखने में भी मदद करता। जब यूपीआई खाते में सीमित पैसा होता है, तो खर्च करते समय व्यक्ति को ज्यादा सतर्कता रहती। खाते में पैसा कम होने पर वह सोच-समझकर खर्च करता है, जिससे फालतू खर्च पर रोक लगती है। वहीं एक ही खाते में ज्यादा बैलेंस दिखने पर लोग अक्सर जरूरत से ज्यादा खर्च कर देते हैं।
हालांकि, अलग खाता रखने के कुछ नुकसान भी हैं। इसमें समय-समय पर पैसे ट्रांसफर करने पड़ते और दोनों खातों का बैलेंस मैनेज करना होता है। कुछ लोगों के लिए यह अतिरिक्त झंझट लग सकता है। इसलिए यह पूरी तरह व्यक्ति की जरूरत और आदत पर निर्भर करता है।
अगर आप यूपीआई का इस्तेमाल कभी-कभार करते हैं, तो अलग खाता रखने से ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन जो लोग रोजाना कई बार यूपीआई से भुगतान करते हैं, जैसे खाना, यात्रा या छोटी खरीदारी, उनके लिए यह तरीका ज्यादा सुरक्षित और उपयोगी साबित हो सकता है।
कुल मिलाकर, यह फैसला सुविधा और नियंत्रण के बीच संतुलन का है। अलग खाता रखने से जोखिम कम किया जा सकता है और खर्च पर बेहतर पकड़ बनाई जा सकती है।
(प्रियंका कुमारी)
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