पश्चिम देश भड़का रहे युद्ध, रूस यूरोप के लिए खतरा नहीं है: क्रेमलिन
मॉस्को, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। रूस क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने रविवार को फिर दोहराया कि रूस यूरेशियाई महाद्वीप का एक अहम हिस्सा है और उसे यूरोप के लिए मुख्य खतरा नहीं कहा जा सकता।
रूसी समाचार एजेंसी तास की रिपोर्ट के अनुसार, पेसकोव ने वेस्टी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि रूस को प्रोपेगैंडा के लिए एक बाहरी दुश्मन की तरह पेश किया जा रहा है।
पेसकोव ने कहा कि रूस यूरोप के लिए मुख्य खतरा नहीं हो सकता, क्योंकि चाहे कोई कुछ भी कहे, रूस एक यूरेशियाई देश होने के नाते यूरोप का ही एक अभिन्न हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों में सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और अपनी पहचान और मूल्यों को लेकर संकट और गहरा होता जा रहा है। यूरोप के नेता अपनी घरेलू समस्याओं का सारा दोष रूस पर नहीं डाल पाएंगे। रूस ने बार-बार कहा कि उसका यूरोप पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने 24 अप्रैल को कहा कि पश्चिमी देशों ने यूक्रेन की मदद से रूस के खिलाफ युद्ध घोषित कर दिया है।
उन्होंने कहा कि हम पर खुला युद्ध घोषित किया गया है। कीव शासन को ‘अग्रणी शक्ति’ की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन सभी जानते हैं कि यह ‘अग्रणी शक्ति’ पश्चिमी हथियारों, खुफिया जानकारी, सैटेलाइट सिस्टम, सैन्य प्रशिक्षण और अन्य मदद के बिना बेकार है।”
यूरोपीय संघ (ईयू) ने यूक्रेन के लिए 90 अरब यूरो का लोन फाइनल कर दिया है। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने 23 अप्रैल को इसकी घोषणा की। यह लोन दिसंबर 2025 में यूरोपीय परिषद की ओर से तय किया गया था, और इसका इस्तेमाल 2026 और 2027 में यूक्रेन की सबसे जरूरी बजट और रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
कोस्टा ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि यूरोप मजबूती से एकजुट होकर और बिना डगमगाए यूक्रेन का समर्थन कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि परिषद ने रूस के खिलाफ 20वां प्रतिबंध पैकेज अपनाया है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता को कम किया जा सके।
--आईएएनएस
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Kal Ka Mausam: दिल्ली-यूपी में गर्मी करेगी टॉर्चर, बिहार-झारखंड में दिखेगा आंधी-तूफान का साया, जानें IMD अपडेट
Kal Ka Mausam: देश के मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है. भारत के अलग-अलग हिस्सों में कुदरत के दो विपरीत रूप देखने को मिल रहे हैं. एक तरफ जहां उत्तर और मध्य भारत के लोग सूरज की तपिश और जानलेवा लू से बेहाल हैं, वहीं दूसरी तरफ पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में कुदरत का रौद्र रूप बारिश और आंधी के रूप में सामने आ रहा है. 27 अप्रैल 2026 से लेकर मई के पहले हफ्ते तक मौसम में भारी उथल-पुथल रहने वाली है.
दिल्ली और उत्तर प्रदेश में गर्मी का टॉर्चर
राजधानी दिल्ली में कल यानी 27 अप्रैल को गर्मी अपने चरम पर रह सकती है. मौसम विभाग ने यहां भीषण लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. अनुमान है कि कल अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि रात का पारा भी 29 डिग्री के आसपास रहेगा. दोपहर के समय चलने वाली 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार की गर्म हवाएं झुलसाने वाली होंगी. जानकारों का कहना है कि इस दौरान घर से बाहर निकलना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है.
यूपी में सूरज के तल्ख तेवर
वहीं उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां भी सूरज के तेवर तल्ख बने हुए हैं. लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे बड़े शहरों में तापमान 42 डिग्री को छू रहा है. हालांकि, यूपी वालों के लिए राहत की बात यह है कि 28 अप्रैल के बाद मौसम करवट ले सकता है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी हिस्सों तक धूल भरी आंधी और हल्की बारिश की संभावना है, जिससे तपती गर्मी से थोड़ी निजात मिलने की उम्मीद है.
बिहार और झारखंड में आंधी तूफान का साया
बिहार में मौसम का मिजाज काफी डरावना नजर आ रहा है. 27 और 28 अप्रैल को राज्य के कई जिलों में 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी आंधी चलने की आशंका है. मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि गरज-चमक के साथ होने वाली इस बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिर सकती है, जो जान-माल के लिए बड़ा खतरा बन सकती है. पटना और आसपास के इलाकों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे उमस भरी गर्मी भी लोगों को परेशान करेगी.
पहाड़ों पर बर्फबारी और ओलावृष्टि का अलर्ट
पहाड़ी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम काफी सुहावना लेकिन चुनौतीपूर्ण रहने वाला है. 28 अप्रैल से 2 मई के बीच उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं. जम्मू कश्मीर और लद्दाख में भी गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. पहाड़ों पर होने वाली इस हलचल का सीधा असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ेगा और आने वाले दिनों में गर्मी की तीव्रता में कमी आएगी.
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश
सिक्किम, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों में यह पूरा सप्ताह बारिश के नाम रहने वाला है. असम और मेघालय में 30 अप्रैल तक बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. यहां 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं जनजीवन अस्त-व्यस्त कर सकती हैं. वहीं दक्षिण भारत में केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में महीने के अंत तक भारी बारिश की संभावना है. केरल में 29 अप्रैल से 1 मई के बीच मूसलाधार बारिश का अनुमान लगाया गया है.
मध्य भारत में तापमान में गिरावट के आसार
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए आने वाले कुछ दिन राहत भरे हो सकते हैं. यहां 27 से 30 अप्रैल के बीच धूल भरी आंधी और हल्की फुहारें पड़ने के आसार हैं. इस मौसमी बदलाव की वजह से तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है. इससे पहले जो भीषण गर्मी पड़ रही थी, उससे लोगों को कुछ समय के लिए राहत मिलेगी. कुल मिलाकर देखें तो अगले पांच दिन देश के अधिकतर राज्यों के लिए मौसम के लिहाज से काफी संवेदनशील रहने वाले हैं.
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