ओडिशा का पारंपरिक सुपरड्रिंक, जो स्वाद के साथ रखे सेहत का भी ख्याल
पुरी, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। ओडिशा की पारंपरिक रसोई में एक ऐसा खास पेय है जो न सिर्फ गर्मियों में शरीर को ठंडक देता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसे कहते हैं टंका तोरानी। यह पेय भगवान जगन्नाथ के मंदिर में महाप्रसाद के रूप में दिया जाता है और खास बात यह है कि इसे एक दिन पुराने पके चावल से तैयार किया जाता है।
आमतौर पर टंका तोरानी गर्मियों के मौसम में ज्यादा पसंद किया जाता है, क्योंकि यह शरीर को अंदर से ठंडा रखता है और प्यास भी अच्छे से बुझाता है। इसलिए ओडिशा के घरों में यह आज भी बड़े चाव से बनाया और पिया जाता है।
टंका तोरानी बनाने की प्रक्रिया भी बहुत दिलचस्प है। इसमें एक दिन पुराने पके हुए चावल को पानी में डालकर रात भर के लिए छोड़ दिया जाता है, ताकि हल्का फर्मेंटेशन (खमीर उठना) हो सके। इसके बाद अगले दिन इसे हाथों से अच्छे से मसल दिया जाता है और इसमें दही मिलाया जाता है।
इसके स्वाद को और बढ़ाने के लिए इसमें कई तरह की चीज़ें डाली जाती हैं जैसे मांगा अदरक, करी पत्ते, नींबू के टुकड़े, हरी मिर्च, धनिया पत्ता, भुना हुआ जीरा पाउडर और काला नमक। कुछ लोग इसमें पानी मिलाकर इसे और पतला कर देते हैं ताकि यह एक ठंडा और हल्का ड्रिंक बन जाए।
जब यह तैयार हो जाता है तो इसका स्वाद थोड़ा खट्टा, थोड़ा मसालेदार और बेहद ताजगी देने वाला होता है। गर्मी में यह शरीर को राहत देने का काम करता है और थकान को भी कम करता है।
सिर्फ स्वाद ही नहीं, टंका तोरानी सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद है, क्योंकि यह एक प्राकृतिक प्रोबायोटिक पेय है, जो पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करता है। इससे पाचन बेहतर होता है और पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस या भारीपन कम हो जाता है।
आज के समय में जब लोग तरह-तरह के कोल्ड ड्रिंक और पैकेट वाले पेय पदार्थों की तरफ बढ़ रहे हैं, ऐसे में टंका तोरानी जैसे पारंपरिक पेय हमें हमारी जड़ों और सेहत दोनों से जोड़ते हैं। यह बिना किसी केमिकल के, पूरी तरह प्राकृतिक और घरेलू सामग्री से बनता है।
--आईएएनएस
पीआईएम/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारतीय शेयर बाजार की शीर्ष 10 में से 7 कंपनियों का मार्केटकैप 2 लाख करोड़ से ज्यादा गिरा, टीसीएस को सबसे अधिक नुकसान
मुंबई, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार की शीर्ष 10 में से सात कंपनियों का मार्केटकैप दो लाख करोड़ रुपए से अधिक कम हो गया है और इसमें टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) को सबसे अधिक नुकसान हुआ है।
इस दौरान सेंसेक्स 1,829.33 अंक या 2.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,664.21 और निफ्टी 455.60 अंक या 1.87 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,897.95 पर बंद हुआ।
टीसीएस और आरआईएल के अलावा 20-24 अप्रैल के कारोबारी सत्र के दौरान, जिन कंपनियों का मार्केटकैप कम हुआ है, उनमें एचडीएफसी बैंक, एलआईसी, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और एलएंडटी का नाम शामिल हैं।
इसके अलावा, एचयूएल, एसबीआई और बजाज फाइनेंस के मार्केटकैप में इजाफा हुआ है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के शेयरों में सबसे तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे कंपनी का मूल्यांकन 66,699.44 करोड़ रुपए घटकर 8,67,364.12 करोड़ रुपए रह गया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई और इसका बाजार मूल्यांकन 50,670.34 करोड़ रुपए घटकर 17,96,647.50 करोड़ रुपए हो गया।
एचडीएफसी बैंक के बाजार पूंजीकरण में 23,090.05 करोड़ रुपए की गिरावट आई और यह घटकर 12,08,225.48 करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जबकि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के बाजार पूंजीकरण में 19,670.75 करोड़ रुपए की गिरावट आई और यह घटकर 5,13,020.56 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है।
भारती एयरटेल के शेयरों में भी 19,406.59 करोड़ रुपए की गिरावट आई और इसका मूल्यांकन घटकर 11,05,718.62 करोड़ रुपए हो गया।
आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 14,663.27 करोड़ रुपए घटकर 9,50,345.40 करोड़ रुपए हो गया, और लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) का बाजार मूल्यांकन 11,142.62 करोड़ रुपए घटकर 5,52,171.88 करोड़ रुपए हो गया।
दूसरी तरफ, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) के बाजार मूल्यांकन में 20,652.91 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई, जिससे इसका मार्केट कैप बढ़कर 5,47,219.80 करोड़ रुपए हो गया।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बाजार पूंजीकरण में भी 19,522.76 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई, जिससे इसका मार्केट कैप बढ़कर 10,16,752.53 करोड़ रुपए हो गया। वहीं, बजाज फाइनेंस का बाजार मूल्यांकन 8,253.64 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई और इसका मार्केट कैप बढ़कर 5,73,690.81 करोड़ रुपए हो गया।
साप्ताहिक नुकसान के बावजूद, रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी के रूप में अपनी स्थिति बरकरार रखने में सफल रही, जिसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी का स्थान रहा।
--आईएएनएस
एबीएस/
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