Jamun Plant: घर में जामुन का पौधा लगाना है? ऐसे करें प्लांटेशन और देखभाल, कुछ साल में पेड़ पर लदेंगे फल
Jamun Plantation Tips: घर के आंगन, बड़े गमले या किचन गार्डन में अगर कोई ऐसा फलदार पौधा लगाना चाहते हैं जो लंबे समय तक साथ दे, तो जामुन एक अच्छा विकल्प हो सकता है। जामुन का पेड़ गर्म जलवायु में अच्छी तरह विकसित होता है और एक बार ठीक से स्थापित होने के बाद ज्यादा नखरे नहीं करता। हालांकि शुरुआत में पौधे की जगह, मिट्टी, पानी और धूप का सही ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
जामुन का पौधा लगाने के लिए बीज के बजाय अच्छी नर्सरी से स्वस्थ पौधा लेना ज्यादा सुविधाजनक रहता है। सही देखभाल मिलने पर पौधा तेजी से बढ़ सकता है और कुछ वर्षों बाद फल देना शुरू कर सकता है। अगर आप घर पर जामुन उगाने की तैयारी कर रहे हैं, तो प्लांटेशन से लेकर सिंचाई और खाद तक इन बातों का ध्यान रखें।
जामुन उगाने और देखभाल के टिप्स
सही जगह का करें चुनाव
जामुन का पौधा लगाने के लिए ऐसी जगह चुनें जहां पर्याप्त धूप आती हो। पौधे को रोजाना कई घंटे सीधी धूप मिलने से उसकी ग्रोथ बेहतर हो सकती है। अगर जमीन में लगा रहे हैं तो दीवार, पाइप या दूसरी संरचनाओं से पर्याप्त दूरी रखें, क्योंकि जामुन का पेड़ समय के साथ काफी बड़ा हो सकता है।
कैसी होनी चाहिए मिट्टी?
जामुन के पौधे के लिए ऐसी मिट्टी बेहतर रहती है जिसमें पानी आसानी से निकल सके। बहुत ज्यादा पानी जमा रहने वाली मिट्टी जड़ों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है। पौधा लगाने से पहले मिट्टी में अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद या कंपोस्ट मिलाएं। इससे मिट्टी की संरचना बेहतर होती है और पौधे को शुरुआती पोषण मिल सकता है।
ऐसे करें जामुन के पौधे की प्लांटेशन
जमीन में पौधा लगाने के लिए उसकी जड़ के आकार से थोड़ा बड़ा गड्ढा तैयार करें। इसमें मिट्टी और कंपोस्ट का मिश्रण डालकर पौधे को सावधानी से लगाएं। पौधे की जड़ों को मोड़ें नहीं और लगाने के बाद आसपास की मिट्टी को हल्के हाथ से दबा दें। इसके बाद पर्याप्त पानी दें, लेकिन मिट्टी को लगातार दलदली न रहने दें।
अगर गमले में जामुन उगाना चाहते हैं तो बड़ा और मजबूत कंटेनर चुनना जरूरी है। ध्यान रखें कि गमले के नीचे पानी निकलने के लिए पर्याप्त ड्रेनेज होल जरूर हों। पौधा बढ़ने के साथ जरूरत पड़ने पर इसे बड़े कंटेनर में शिफ्ट किया जा सकता है।
शुरुआत में सिंचाई का रखें खास ध्यान
नए लगाए गए पौधे को शुरुआत में नियमित पानी की जरूरत होती है। लेकिन हर बार पानी देने से पहले मिट्टी की ऊपरी परत की नमी जरूर जांचें। अगर मिट्टी पहले से गीली है तो तुरंत पानी न दें। पौधा अच्छी तरह स्थापित होने के बाद उसकी पानी की जरूरत मौसम और मिट्टी के अनुसार बदल सकती है।
खाद और प्रूनिंग से मिलेगी अच्छी ग्रोथ
पौधे की बढ़त के लिए समय-समय पर जैविक कंपोस्ट या दूसरी उपयुक्त खाद दी जा सकती है। बहुत ज्यादा खाद देने से बचें। पौधे की सूखी, कमजोर या आपस में रगड़ खाने वाली शाखाओं को समय-समय पर हटाने से उसका आकार व्यवस्थित रखने में मदद मिल सकती है।
फल आने में कितना समय लग सकता है?
जामुन के पौधे में फल आने का समय उसकी किस्म, पौधे की उम्र, मौसम और देखभाल पर निर्भर करता है। बीज से तैयार पौधों को फल देने में अपेक्षाकृत अधिक समय लग सकता है, जबकि अच्छी नर्सरी से लिया गया ग्राफ्टेड या उपयुक्त किस्म का पौधा जल्दी फल दे सकता है। इसलिए पौधा खरीदते समय उसकी किस्म और फल देने की संभावित अवधि की जानकारी जरूर लें।
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लेखक: (कीर्ति)
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Amla Benefits: सेहत का खजाना है इम्यूनिटी बूस्टर आंवला, इस तरीके से खाएंगे तो मिलेंगे 6 बड़े फायदे
Amla Benefits: आंवला छोटा जरूर है, लेकिन इसमें मौजूद पोषक तत्व इसे सेहत के लिए बेहद खास बनाते हैं। विटामिन C, फाइबर और कई एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आंवला लंबे समय से भारतीय खान-पान का हिस्सा रहा है। इसे सही तरीके से डाइट में शामिल किया जाए तो शरीर को कई तरह से फायदा मिल सकता है। खास बात यह है कि आंवला खाने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं होती।
कई लोग आंवले का सेवन मुरब्बे, कैंडी या मीठे उत्पादों के रूप में करते हैं, लेकिन इनमें अतिरिक्त चीनी हो सकती है। वहीं ताजा आंवला, कम नमक के साथ या भोजन का हिस्सा बनाकर खाना अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प हो सकता है।
आंवला खाने के 6 बड़े फायदे
इम्युनिटी को मिल सकता है सपोर्ट
आंवला विटामिन C का अच्छा स्रोत माना जाता है। विटामिन C शरीर के सामान्य इम्यून फंक्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और एंटीऑक्सीडेंट के रूप में भी काम करता है। नियमित और संतुलित डाइट के हिस्से के तौर पर आंवला शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है।
पाचन के लिए फायदेमंद
आंवले में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र के सामान्य कामकाज में मदद करता है। भोजन में पर्याप्त फाइबर शामिल करने से मल त्याग नियमित रखने में सहायता मिल सकती है। आंवले को सलाद, चटनी या भोजन के साथ शामिल करना डाइट में फाइबर बढ़ाने का आसान तरीका हो सकता है।
त्वचा के लिए हो सकता है उपयोगी
आंवले में मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा की सेहत के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। विटामिन C शरीर में कोलेजन बनाने की प्रक्रिया में भूमिका निभाता है। इसलिए संतुलित आहार में आंवले को शामिल करना त्वचा को जरूरी पोषक तत्व देने में मदद कर सकता है।
बालों की सेहत को मिल सकता है पोषण
आंवला पारंपरिक रूप से बालों की देखभाल में भी इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे खाने से मिलने वाले पोषक तत्व संपूर्ण शरीर के पोषण में योगदान करते हैं। हालांकि केवल आंवला खाने से बालों से जुड़ी हर समस्या दूर होने का दावा सही नहीं है। बालों की सेहत के लिए पर्याप्त प्रोटीन, आयरन और अन्य पोषक तत्व भी जरूरी हैं।
एंटी-ऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत
शरीर में बनने वाले फ्री रेडिकल्स से कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का सामना करना पड़ सकता है। आंवले में मौजूद विभिन्न एंटीऑक्सीडेंट यौगिक इस लिहाज से उपयोगी माने जाते हैं। फल और सब्जियों से भरपूर संतुलित डाइट शरीर को अलग-अलग प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट उपलब्ध कराने का बेहतर तरीका है।
दिल की सेहत के लिए डाइट में जगह
आंवला एक पौष्टिक फल है और इसे संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। इसमें फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। हालांकि किसी एक खाद्य पदार्थ को हृदय रोग से बचाव या इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। इसके लिए संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवनशैली ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
इस तरीके से खाएं आंवला
ताजा आंवला खाने का सबसे आसान तरीका है इसे धोकर छोटे टुकड़ों में काटकर खाना। स्वाद के लिए थोड़ा काला नमक या भुना जीरा मिलाया जा सकता है। इसके अलावा आंवले की चटनी, सलाद या सब्जियों में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। आंवले का सेवन करते समय मीठे मुरब्बे और कैंडी की जगह कम चीनी वाले विकल्प चुनना बेहतर है।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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