Explainer: आखिर लोगों को क्यों इतनी पसंद आती है कोरियन फिल्में? जानें इसके पीछे क्या है वजह
korean movies: पिछले कुछ सालों में कोरियन सिनेमा ने दुनियाभर में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. भारत में भी कोरियन फिल्मों और वेब सीरीज को पसंद करने वाले दर्शकों की संख्या तेजी से बढ़ी है. खासकर युथ के बीच कोरियन कंटेंट का क्रेज देखने को मिलता है. पहले जहां भारतीय दर्शकों के बीच हॉलीवुड और बॉलीवुड फिल्मों का दबदबा हुआ करता था वहीं अब कोरियन फिल्में और सीरीज भी लोगों की वॉच लिस्ट में अपनी जगह बना चुकी हैं.
कोरियन ड्रामा, रोमांस, एक्शन, थ्रिलर और हॉरर से लेकर सोशल इश्यूज पर बनी फिल्मों तक को दर्शकों का खूब प्यार मिलता है. ‘पैरासाइट’, ‘ओल्डबॉय’, ‘ट्रेन टू बुसान’, ‘द हैंडमेडन’ और ‘मेमोरी ऑफ मर्डर’ जैसी फिल्मों ने इंटरनेशनल लेवल पर अपनी खास पहचान बनाई है. वहीं ‘स्क्विड गेम’, ‘ऑल ऑफ अस आर डेड’ और ‘किंगडम’ जैसे शोज ने कोरियन कंटेंट को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई. लेकिन सवाल ये है कि आखिर कोरियन फिल्में और सीरीज लोगों को इतनी पसंद क्यों आती हैं? क्या सिर्फ उनकी कहानी इसकी वजह है या इसके पीछे कोई और बड़ा कारण भी है? चलिए समझते हैं इसके बारे में सब कुछ.
सबसे बड़ी वजह होती है कहानी
कोरियन फिल्मों की पॉपुलेरिटी की सबसे बड़ी वजह उनकी कहानी मानी जाती है. वहां के फिल्ममेकर अक्सर ऐसी कहानियां चुनते हैं, जिनमें दर्शकों को शुरुआत से अंत तक बांधे रखने की क्षमता होती है. कई कोरियन फिल्मों में कहानी सिर्फ हीरो और विलेन के बीच लड़ाई तक सीमित नहीं रहती. कहानी में रिश्ते, समाज, परिवार, गरीबी, अमीरी, मानसिक संघर्ष और इंसानी भावनाओं को भी शामिल किया जाता है. यही वजह है कि दर्शक सिर्फ फिल्म देखते नहीं हैं, बल्कि किरदारों से इमोशनली जुड़ जाते हैं. कई फिल्मों में कहानी धीरे-धीरे आगे बढ़ती है और आखिर में ऐसा ट्विस्ट आता है जिसकी दर्शक ने कल्पना भी नहीं की होती.
कहानी में ट्विस्ट और सस्पेंस
कोरियन सिनेमा खासतौर पर अपने ट्विस्ट और सस्पेंस के लिए जाना जाता है. यहां फिल्म की कहानी को इस तरह बनाया जाता है कि दर्शक लगातार अनुमान लगाता रहता है कि आगे क्या होगा. कई बार जिस किरदार को दर्शक शुरुआत में सही समझ रहा होता है वही आगे जाकर कहानी का सबसे अहम हिस्सा बन जाता है. वहीं कई फिल्मों में आखिरी कुछ मिनटों में ऐसा ट्विस्ट देखने को मिलता है जो पूरी कहानी को नए नजरिए से देखने के लिए मजबूर कर देता है. यही ‘क्या होगा आगे?’ वाला सवाल दर्शकों को स्क्रीन से जोड़े रखता है.
इमोशन और इंसानी रिश्तों पर जोर
कोरियन फिल्मों की एक खासियत ये भी है कि इनमें भावनाओं को काफी गहराई से दिखाया जाता है. प्यार, दोस्ती, परिवार, अकेलापन, बदला, दर्द और संघर्ष जैसे इमोशंस कहानी का अहम हिस्सा होते हैं. रोमांटिक फिल्मों में सिर्फ हीरो-हीरोइन का प्यार नहीं दिखाया जाता, बल्कि उनके रिश्ते से जुड़े छोटे-छोटे इमोशनल मोमेंट्स को भी महत्व दिया जाता है. इसी वजह से कई कोरियन फिल्मों को देखने के बाद दर्शकों पर लंबे समय तक उसका असर रहता है.
किरदारों को सिर्फ ‘हीरो’ या ‘विलेन’ नहीं बनाया जाता
भारतीय फिल्मों में कई बार किरदारों को हीरो, विलेन और सपोर्टिंग कैरेक्टर के तौर पर बांट दिया जाता है. कोरियन सिनेमा में अक्सर किरदारों को इससे ज्यादा जटिल बनाया जाता है. कई बार मुख्य किरदार में अच्छाई के साथ बुराइयां भी होती हैं. वहीं विलेन के पीछे भी कोई कहानी या मजबूरी दिखाई जा सकती है. इससे किरदार ज्यादा वास्तविक लगते हैं. दर्शक उन्हें सिर्फ सही या गलत के रूप में नहीं देखता, बल्कि उनके फैसलों और परिस्थितियों को समझने की कोशिश करता है.
विजुअल्स और सिनेमैटोग्राफी का शानदार इस्तेमाल
कोरियन फिल्मों की पॉपुलेरिटी में उनकी सिनेमैटोग्राफी का भी बड़ा योगदान है. कई फिल्मों में छोटे से छोटे सीन को भी बेहद खूबसूरती से शूट किया जाता है. लोकेशन, लाइटिंग, कैमरा एंगल और कलर टोन का इस्तेमाल कहानी के मूड के हिसाब से किया जाता है. अगर सीन रोमांटिक है तो विजुअल्स में एक अलग तरह की गर्माहट दिखाई देती है, वहीं थ्रिलर या हॉरर में अंधेरे और ठंडे विजुअल्स के जरिए तनाव बढ़ाया जाता है. यानी फिल्म सिर्फ कहानी के जरिए नहीं, बल्कि अपने विजुअल्स के जरिए भी दर्शकों से बातचीत करती है.
एक ही फिल्म में कई जॉनर का मिश्रण
कोरियन सिनेमा की एक और खासियत है कि यहां फिल्में हमेशा एक ही जॉनर तक सीमित नहीं रहतीं. एक ही फिल्म में आपको कॉमेडी के साथ ड्रामा, रोमांस के साथ थ्रिलर या क्राइम के साथ सोशल कमेंट्री देखने को मिल सकती है. यही वजह है कि दर्शक एक ही तरह की कहानी देखकर बोर नहीं होते. फिल्म लगातार अपना मूड बदलती रहती है और दर्शकों की दिलचस्पी बनी रहती है.
सामाजिक मुद्दों को मनोरंजन के साथ दिखाना
कोरियन सिनेमा सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है. वहां के फिल्ममेकर समाज से जुड़े गंभीर मुद्दों को भी फिल्मों की कहानी में शामिल करते हैं. अमीरी-गरीबी का अंतर, क्लास डिवाइड, बेरोजगारी, परिवार का दबाव, भ्रष्टाचार, हिंसा और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों पर कई शानदार फिल्में बनाई गई हैं. ‘पैरासाइट’ इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. फिल्म ने एक परिवार की कहानी के जरिए अमीर और गरीब लोगों के बीच के अंतर को बेहद सही तरीके से दिखाया. ऐसी फिल्मों की खासियत ये है कि दर्शक मनोरंजन के साथ-साथ किसी सामाजिक मुद्दे पर सोचने के लिए भी मजबूर होता है.
कोरियन म्यूजिक और K-Pop का भी बड़ा असर
कोरियन कंटेंट की पॉपुलेरिटी को K-Pop से अलग करके देखना मुश्किल है. BTS, BLACKPINK जैसे कलाकारों की ग्लोबल लोकप्रियता ने दुनिया भर के युवाओं को कोरियन कल्चर के करीब पहुंचाया. K-Pop सुनने वाले कई लोग धीरे-धीरे कोरियन ड्रामा और फिल्मों की तरफ भी आकर्षित हुए. इसके बाद कोरियन भाषा, फैशन, खाना और कल्चर को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ी. यानी म्यूजिक ने कोरियन एंटरटेनमेंट के लिए एक बड़ा ग्लोबल ऑडियंस बेस तैयार किया.
FAQs
1. कोरियन फिल्मों की सबसे बड़ी खासियत क्या है?
कोरियन फिल्मों की सबसे बड़ी खासियत उनकी मजबूत कहानी, इमोशनल कनेक्शन और चौंकाने वाले ट्विस्ट माने जाते हैं. यही चीजें दर्शकों को अंत तक स्क्रीन से जोड़े रखती हैं.
2. क्या कोरियन फिल्में सिर्फ रोमांस पर आधारित होती हैं?
नहीं, कोरियन सिनेमा में रोमांस के अलावा एक्शन, क्राइम, हॉरर, थ्रिलर, कॉमेडी और सोशल इश्यूज जैसे कई जॉनर की फिल्में और सीरीज देखने को मिलती हैं.
3. भारत में कोरियन कंटेंट इतना लोकप्रिय कैसे हुआ?
OTT प्लेटफॉर्म्स, हिंदी डबिंग, सोशल मीडिया और K-Pop की बढ़ती लोकप्रियता ने भारत में कोरियन फिल्मों और सीरीज की पहुंच को काफी बढ़ाया है.
4. कोरियन फिल्मों की शुरुआत किन फिल्मों से करें?
अगर आप पहली बार कोरियन सिनेमा देख रहे हैं तो ‘Parasite’, ‘Train to Busan’, ‘Oldboy’ जैसी चर्चित फिल्मों से शुरुआत कर सकते हैं. इससे आपको कोरियन सिनेमा की अलग-अलग स्टाइल और कहानी कहने के तरीके का अंदाजा मिलेगा.
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IND vs SL: पहले टेस्ट में इन 2 भारतीय गेंदबाजों का दिख सकता है जलवा, वार्म-अप मैच में बल्ले से की लगातार छक्कों की बारिश
IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी. इस सीरीज के लिए अपनी तैयारियों को परखने के लिए भारतीय टीम ने श्रीलंका इलेवन के खिलाफ एक 3 दिवसीय वॉर्म-अप मैच खेला. यह वॉर्म-अप मैच 7 अगस्त से 9 अगस्त तक खेला गया, जिसमें टीम इंडिया ने 6 विकेट से जीत दर्ज की. इस वॉर्म-अप मैच में देवदत्त पडिक्कल, रवींद्र जडेजा और यशस्वी जायसवाल समेत कई खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन सबसे ज्यादा तहलका 2 भारतीय तेज गेंदबाजों ने मचाया. हम बात कर रहे हैं मोहम्मद सिराज और गुरनूर बरार की, जिन्होंने लगातार छक्के लगाकर श्रीलंकाई गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी थीं. ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी इन दोनों पर नजरें रहने वाली हैं.
गुरनूर बराड़ ने एक ही ओवर में जड़ दिए 4 छक्के
श्रीलंका इलेवन के खिलाफ वॉर्म-अप मैच की पहली पारी में टीम इंडिया के तेज गेंदबाज गुरनूर बरार ने बल्ले से तहलका मचाया. टीम इंडिया की पहली पारी में गुरनूर बरार 11वें नंबर पर बैटिंग करने उतरे थे. वहीं दूसरे दिन के खेल का आखिरी ओवर श्रीलंका के दिलुम सदीरा डाल रहे थे. इस ओवर में गुरनूर बरार ने लगातार 4 छक्के जड़ दिए. गुरनूर बरार सिर्फ 18 गेंदों पर 36 रनों की तूफानी पारी खेलकर नाबाद लौटे थे. इस दौरान उन्होंने अपने बल्ले से 2 चौके और 4 छक्के लगाए. पडिक्कल के साथ मिलकर उन्होंने 30 गेंदों पर नाबाद 51 रनों की साझेदारी की थी.
GURNOOR BRAR SMASHED 6,6,0,6,6 IN THE FINAL OVER...!!!!
— Johns. (@CricCrazyJohns) August 8, 2026
- Gambhir & Jadeja enjoying the batting of Gurnoor ❤️???? pic.twitter.com/eLTX2jaWYv
मोहम्मद सिराज ने लगातार 3 छक्के लगाकर दिलाई टीम इंडिया को जीत
इसके बाद दूसरी पारी में भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज का तहलका देखने को मिला. इस वॉर्म-अप मैच के तीसरे और आखिरी दिन के आखिरी ओवर में लगातार 3 छक्के लगाकर सिराज ने टीम इंडिया को 6 विकेट से जीत दिलाई. तीसरे दिन भारत को जीत के लिए आखिरी ओवर (45वें ओवर) में 16 रनों की जरूरत थी.
मोहम्मद सिराज और सारांश जैन क्रीज पर मौजूद थे. जबकि श्रीलंका के लिए यह आखिरी ओवर स्पिनर केशरा नुवांथा डालने आए. सिराज ने ओवर की शुरुआती तीन गेंदों पर ही लगातार 3 छक्के लगाकर भारतीय टीम को जीत दिला दी. हालांकि इसके बाद भी मैच जारी रहा, क्योंकि वॉर्म-अप मैच के नियमों के मुताबिक जीत मिलने के बाद भी पूरे ओवर कराए जाते हैं. ऐसे में इस आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद सिराज ने चौका जड़ दिया, इसके बाद आखिरी गेंद पर सिंगल लिए. इससे पहले उन्होंने 44वें ओवर में सोनल दिनुशा की गेंद पर एक छक्का जड़ा था. सिराज ने 15 गेंदों पर नाबाद 32 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 4 छक्का और 1 चौका शामिल रहा. सिराज की यह बल्लेबाजी टीम इंडिया के लिए श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी अहम साबित हो सकती है.
DSP GOES 6️⃣ 6️⃣ 6️⃣! ????
— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) August 9, 2026
Mohammed Siraj signs off the warm-up game with three sixes on the trot! ???? #SonySportsNetwork #SonyLIV #BeautifulGameofTestCricket pic.twitter.com/poApnwLVwu
मोहम्मद सिराज के बैट चेक करते नजर आए श्रीलंकाई खिलाड़ी
मोहम्मद सिराज की यह बल्लेबाजी देखकर श्रीलंकाई खिलाड़ी भी हैरान रह गए थे. मैच खत्म होने के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ी सिराज के पास आए और हंसी-मजाक में उनके बैट को भी देखने लगे, कि कहीं बैट में स्प्रिंग वगैरह तो नहीं लगी है. इसे देखकर टीम इंडिया के खिलाड़ियों और स्टाफ की भी हंसी छूट गई.
SRI LANKAN PLAYERS CHECKING THE BAT OF SIRAJ ????????
— Johns. (@CricCrazyJohns) August 9, 2026
- He scored 32*(15) & won the game for India. pic.twitter.com/dAdvFe8fIY
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