यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच अजरबैजान में पुतिन से मिलने को तैयार हैं जेलेंस्की
नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की अजरबैजान के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से मुलाकात की और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बातचीत की। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दक्षिण कॉकेशस के अपने पहले दौरे पर कहा कि वह अजरबैजान में व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए तैयार हैं।
बता दें कि बीते कुछ समय से रूस और यूक्रेन के बीच सुलह कराने के लिए अमेरिकी की मध्यस्थता में बातचीत हो रही थी, लेकिन हाल फिलहाल में ईरान के साथ तनाव के बीच यह रुकी हुई है। पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका की अगुवाई वाली डिप्लोमैटिक बातचीत रुकने के बाद जेलेंस्की का यह बयान सामने आया है।
प्रेसिडेंट वोलोडिमीर जेलेंस्की ने कहा, यूक्रेन के लिए यह बहुत जरूरी है कि रूस इस गलत युद्ध को खत्म करने की ताकत पाए। बाकू मॉस्को के बड़े पैमाने पर युद्ध को खत्म करने के लिए डिप्लोमैटिक प्रोसेस में बीच-बचाव कर सकता है।
उन्होंने आगे कहा, “हमने अजरबैजान के राष्ट्रपति को बता दिया है कि हम तीन तरफा बातचीत के लिए तैयार हैं। कीव पहले ही तुर्किए और स्विट्जरलैंड में ऐसी बातचीत कर चुका है।”
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा, “हम निश्चित रूप से अजरबैजान में होने वाली बातचीत के लिए तैयार हैं, बशर्ते रूस डिप्लोमेसी के लिए तैयार हो।” उन्होंने युद्ध शुरू होने के बाद से दक्षिण कॉकेशस की अपनी पहली यात्रा की अहमियत बताई।
हालांकि, क्रेमलिन रूस के अलावा किसी दूसरी जगह यूक्रेन के साथ बातचीत से मना कर रहा था। रूस यूक्रेन पर लगातार बमबारी और सैन्य हमले जारी रखे हुए है। इसके साथ ही क्रेमलिन अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं है।
वहीं, अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन और अजरबैजान ने दोनों देशों की क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया है और करते रहेंगे। उन्होंने यूक्रेन में युद्ध के प्रति बाकू के लंबे समय से चले आ रहे रुख को दोहराया।
अलीयेव ने कहा, “हमने विचारों का आदान-प्रदान किया और संक्षेप में वर्तमान में हमारे बीच काफी सहयोग है, जिसकी आज फिर से पुष्टि की गई है।”
--आईएएनएस
केके/डीकेपी
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पंजाब की नशे के विरूद्ध जंग, मान सरकार के अधीन कार्रवाई तेज; NDPS मामलों में 40% वृद्धि
Punjab News: पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चलाए जा रहे युद्ध 'नशों विरुद्ध अभियान' के प्रभावी, तेज और ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं. ताजा आंकड़े दर्शाते हैं कि नशों के खिलाफ कार्रवाई में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, नशा तस्करी नेटवर्क को बड़े स्तर पर कमजोर किया गया है और दोषियों के खिलाफ सजा दर में भी महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया है.
क्या कहते हैं आकड़े?
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से 2026 (अब तक) के दौरान 73,541 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए हैं, जो 2017–2021 के 52,255 मामलों की तुलना में 40 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्शाते हैं. गिरफ्तारियों की संख्या भी 68,064 से बढ़कर 98,596 हो गई है, जो राज्यभर में नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ लगातार और व्यापक कार्रवाई को दर्शाती है.
हेरोइन की बरामदगी में बड़ा उछाल
जब्तियों के आंकड़े इस अभियान की सफलता को और स्पष्ट करते हैं. हेरोइन की बरामदगी में 148% का बड़ा उछाल दर्ज किया गया है. 2022 से अब तक 5,979 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई, जबकि 2017–21 के दौरान यह मात्रा 2,412 किलोग्राम थी. अफीम की जब्ती में भी 43% से अधिक वृद्धि होकर यह 3,583 किलोग्राम तक पहुंच गई है, जो जमीनी स्तर पर तेज कार्रवाई को दर्शाती है.
कार्रवाई में दिखी बढ़ोतरी
सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में विशेष रूप से उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है. ‘आइस’ (क्रिस्टल मेथामफेटामाइन) की जब्ती 17 किलोग्राम से बढ़कर 93 किलोग्राम हो गई है, जो 447% की वृद्धि है. कोकीन की जब्ती 6,064 किलोग्राम रही, जो पहले के 6,852 किलोग्राम के लगभग बराबर है.
दवाइयों के दुरपयोग पर भी एक्शन
इस अभियान की पहुंच अब दवाइयों के दुरुपयोग तक भी बढ़ चुकी है. 2022–26 के दौरान 8.7 करोड़ गोलियां और कैप्सूल जब्त किए गए हैं, जो खासकर युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सप्लाई चेन पर बड़े प्रहार का संकेत है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस कार्रवाई के सकारात्मक परिणाम न्याय प्रणाली में भी दिखाई दे रहे हैं. दोषियों के लिए सजा दर बढ़कर 89% तक पहुंच गई है, जो मजबूत जांच, साक्ष्य संग्रह और प्रभावी अभियोजन को दर्शाती है.
डीजीपी ने क्या कहा?
डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने कहा, 'यह केवल कार्रवाई में वृद्धि नहीं, बल्कि नशे के खतरे से निपटने के तरीके में एक मूलभूत बदलाव है. मामलों और जब्तियों में वृद्धि इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई को दर्शाती है, जबकि बढ़ती सजा दर यह दिखाती है कि मामलों को उनके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जा रहा है. सप्लायर से लेकर डिस्ट्रीब्यूटर तक पूरी श्रृंखला पर लगातार दबाव बनाया गया है.'
सीएम की रणनीतिक सोच का परिणाम- डीजीपी
गौरव यादव ने आगे बताया कि इस कार्रवाई की व्यापकता और निरंतरता मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की स्पष्ट रणनीतिक सोच का परिणाम है, जिसके तहत ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान राज्यभर में सक्रिय और निर्णायक कार्रवाई का प्रमुख हिस्सा बन चुका है. हालांकि जब्तियों में वृद्धि जमीनी स्तर पर तेज कार्रवाई को दर्शाती है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि मुख्य उद्देश्य नशा नेटवर्क को तोड़ना और नशों की उपलब्धता को कम करना है, ताकि इस अभियान का स्थायी और दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके.
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