8 दिन में 16 करोड़ का 'खेला': दिल्ली में बड़े फर्जी कंपनी रैकेट का पर्दाफाश, नौकरी के नाम पर ऐसे फंसाते थे जालसाज?
Delhi Police Busts Big Racket: दिल्ली पुलिस की आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट साइबर टीम ने एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. इस गिरोह के जरिए देशभर में ठगी के पैसों को फर्जी कंपनियों और म्यूल बैंक खातों के जरिए घुमाया जा रहा था. पुलिस ने इस मामले में दो डमी डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है.
पुलिस की जांच में सामने आया कि मेसिट ट्रेडेक्स प्राइवेट लिमिटेड (Messit Tradex Pvt Ltd) नाम की कंपनी के बैंक खाते में सिर्फ 8 दिनों के भीतर 16 करोड़ रुपये से ज्यादा का ट्रांजैक्शन हुआ. यह खाता देशभर में दर्ज 336 साइबर फ्रॉड शिकायतों से जुड़ा पाया गया है, जिससे साफ है कि इसका इस्तेमाल बड़े स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा था.
एक खाते का लिंक 35 से ज्यादा संदिग्ध शेल कंपनियों से जुड़ा
पुलिस के मुताबिक आरोपी सोनू कुमार और अमिंदर सिंह को कंपनी का डमी डायरेक्टर बनाया गया था. इनके नाम पर बैंक खाते खोले गए, लेकिन असली कंट्रोल किसी और के पास था. मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, नेट बैंकिंग और UPI एक्सेस पूरी तरह से हैंडलर्स के हाथ में थे, जो इन खातों को दूर बैठकर ऑपरेट कर रहे थे.
जांच में यह भी पता चला है कि इस एक खाते का लिंक 35 से ज्यादा संदिग्ध शेल कंपनियों से जुड़ा हुआ है. दिल्ली के पीतमपुरा, रानी बाग और नेताजी सुभाष प्लेस जैसे इलाके ऐसे रैकेट के हॉटस्पॉट के तौर पर सामने आए हैं.
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कैसे काम करता था रैकेट?
गिरोह बेरोजगार या जरूरतमंद लोगों को नौकरी या कमीशन का लालच देकर फंसाता था. फिर उनके दस्तावेजों के जरिए कंपनी और बैंक खाते खुलवाए जाते थे. इसके बाद ठगी का पैसा इन खातों में डालकर तेजी से दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था, ताकि ट्रेल छुपाई जा सके.
दिल्ली पुलिस ने लोगों को सावधान करते हुए कहा है कि अपने बैंक खाते, KYC या कंपनी डायरेक्टर बनने से पहले पूरी जांच जरूर करें. किसी भी तरह की साइबर ठगी की जानकारी तुरंत 1930 हेल्पलाइन या सरकारी पोर्टल पर दें. फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे सिंडिकेट की जांच जारी है.
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ईरान-अमेरिका सीजफायर को लेकर चर्चा के बीच तेहरान ने अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट का संचालन किया शुरू
तेहरान, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका और इजरायल की तरफ से 28 फरवरी को हमला शुरू होने के बाद से ईरान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था, जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट ऑपरेशनल नहीं था। हालांकि, हमला शुरू होने के बाद पहली बार तेहरान से इंटरनेशनल विमानों का संचालन एकबार फिर से शुरू हो गया है।
फ्लाइट-ट्रैकिंग वेबसाइट्स ने शनिवार की सुबह को तेहरान के इमाम खुमैनी एयरपोर्ट से इस्तांबुल के लिए चार फ्लाइट के ऑपरेशनल होने की जानकारी दी। ये सभी ईरानी एयरलाइन्स द्वारा ऑपरेट की गईं।
अर्द्ध-सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी ने बताया, “घरेलू एयरलाइंस की कोशिशों से यात्रियों के पहले समूह को मदीना, मस्कट और इस्तांबुल भेजा गया।”
न्यूज एजेंसी ने आने वाले दिनों में विमानों के संचालन की संख्या में बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है। हालांकि, यह सीजफायर पर निर्भर करता है।
अमेरिकी मीडिया सीएनएन ने फ्लाइट डेटा के हवाले से बताया कि सऊदी अरब के मदीना और ओमान के मस्कट के लिए कोई फ्लाइट नहीं थी। ईरान के रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि अमेरिका युद्ध के दलदल में फंस चुका है और इससे बचने के लिए अपनी इज्जत बचाने का रास्ता ढूंढ रहा है।
ईरान के आईएसएनए मीडिया आउटलेट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खास राजदूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर पाकिस्तान जा रहे हैं। हालांकि, ईरान ने अमेरिका के साथी सीधी बातचीत से साफ इनकार कर दिया है, इसलिए अब दोनों पक्षों के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता से बातचीत होगी।
इसके अलावा, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची पहले से ही पाकिस्तान में मौजूद हैं। वहां उन्होंने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की। इसके बाद वह ओमान और रूस की यात्रा करने वाले हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, अराघची अपनी इस यात्रा के दौरान अमेरिकी अधिकारियों से सीधी बातचीत नहीं करेंगे।
तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, ओमान की राजधानी मस्कट में वे क्षेत्रीय मुद्दों और युद्ध से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे, जबकि रूस में वे द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हालात पर बातचीत करेंगे।
अराघची ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से अपनी यात्रा पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि वे इस्लामाबाद, मस्कट और मॉस्को की यात्रा पर जा रहे हैं। उन्होंने कहा, मेरी इन यात्राओं का उद्देश्य द्विपक्षीय मामलों पर हमारे साझेदारों के साथ घनिष्ठ समन्वय स्थापित करना और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर परामर्श करना है। हमारे पड़ोसी हमारी प्राथमिकता हैं।
तस्नीम ने यह भी बताया कि फिलहाल ईरान की अमेरिका के साथ बातचीत करने की कोई योजना नहीं है और अराघची की इस्लामाबाद यात्रा का उद्देश्य अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत करना नहीं है।
--आईएएनएस
केके/डीकेपी
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