कनाडा में ₹70 लाख सैलरी वालों को पक्की PR:अवैध तरीके से आए लोग तुरंत डिपोर्ट होंगे; डॉक्टर-नर्स और इंजीनियर पर ज्यादा फोकस
कनाडा सरकार ने 2026 में अपनी इमीग्रेशन पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है। अब सरकार का फोकस ज्यादा लोगों को बुलाने के बजाय ऐसे लोगों पर है, जो देश की अर्थव्यवस्था में तुरंत योगदान दे सकें। नई नीति के मुताबिक, कनाडा में पहले से रहकर करीब 70 लाख रुपए सालाना कमाने वाले लोग अगर PR (परमानेंट रेजिडेंसी) के लिए आवेदन करते हैं, तो उन्हें सिर्फ 1 हफ्ते के भीतर PR मिल सकती है। जबकि अवैध तरीके से आए लोगों तुरंत डिपोर्ट कर दिया जाएगा। सरकार ने 2025 से 2027 के बीच दिए जाने वाले PR के कुल कोटे में भी कटौती की है। अब प्राथमिकता उन लोगों को दी जा रही है, जो पहले से कनाडा में वर्क परमिट या स्टडी परमिट पर रह रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि ऐसे करीब 40% लोगों को वहीं से PR देकर स्थायी किया जाए। इसका मतलब है कि अगर आप पहले से कनाडा में काम या पढ़ाई कर रहे हैं, तो आपके लिए PR पाना अब पहले से आसान हो सकता है। वहीं, बाहर से नए लोगों को बुलाने की रफ्तार कम की गई है। यह नियम 26 मार्च से लागू हैं। अब प्रशासनिक ढांचे में फेरबदल किया जा रहा है। साथ ही, जिन लोगों के पास हाई-स्किल और अच्छी सैलरी वाली नौकरी का ऑफर है, उन्हें वीजा में प्राथमिकता मिल रही है। खासतौर पर हेल्थकेयर (डॉक्टर, नर्स), इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर (प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन) से जुड़े पेशों को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। जानिए नए बिल में क्या है खास? ज्यादा सैलरी वाले वर्कर्स के लिए PR आसान जानकारी के अनुसार, ज्यादा सैलरी वाले वर्कर्स के लिए पीआर पाने का सबसे सीधा रास्ता एक्सप्रेस एंट्री और प्रोविंशियल नॉमिनी प्रोग्राम (PNP) है। सरकार अब ऐसे ड्रॉ निकाल रही है, जो केवल उन लोगों के लिए हैं, जिनके पास जॉब ऑफर हैं। जो लोग पहले से कनाडा में हाई-वेज पर काम कर रहे हैं, उन्हें कैनेडियन एक्सपीरियंस क्लास के तहत आवेदन करते समय अतिरिक्त अंक मिलेंगे। आपकी सैलरी जितनी ज्यादा होगी, आपके आर्थिक योगदान को उतना ही बेहतर माना जाएगा और पीआर की संभावना बढ़ जाएगी। इमीग्रेशन विभाग उन प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता देगा, जिनकी सालाना इनकम करीब 70 लाख रुपए या उससे अधिक है। स्टूडेंट वीजा के लिए सख्य किए नियम पंजाब से कनाडा जाने वाले स्टूडेंट्स के लिए कनाडा ने नए इमीग्रेशन बिल में नियम अब पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दिए हैं। अब हर कॉलेज या हर कोर्स करने के बाद वर्क परमिट मिलना पक्का नहीं है। सरकार ने कोर्सेज की लिस्ट तैयार की है। केवल उन्हीं क्षेत्रों में पढ़ाई करने वालों को आगे काम करने की परमिशन मिलेगी, जिनकी मार्केट में डिमांड होगी। अवैध तरीके से आने वालों पर रोक के लिए सी-12 बिल नए कानून बिल C-12 की बात करें, तो यह मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है, जो गलत तरीके से कनाडा में घुसने की कोशिश करते हैं। अब शरण मांगने के नियमों को बहुत सख्त कर दिया गया है। अगर कोई व्यक्ति वैध तरीके के बजाय शॉर्टकट अपनाता है, तो उसे तुरंत डिपोर्ट करने के अधिकार सरकार ने अपने पास ले लिए हैं। पहले ये रिफ्यूजी बोर्ड के पास होते थे। पीआर के लिए भी उन लोगों को राहत दी गई है, जिनके माता-पिता कनाडाई हैं, लेकिन वे खुद बाहर पैदा हुए हैं। अब वे अपने बच्चों को भी कनाडाई नागरिकता दे सकेंगे, बशर्ते उन्होंने खुद कनाडा में कम से कम 3 साल बिताए हों।
एकल घर खरीद की सबसे बड़ी डील:रिनात ने 5 हजार करोड़ का खरीदा घर; मां का खाली पर्स देख लिया प्रण, पैसों से भर देंगे
यूक्रेन के सबसे अमीर व बैंकिंग कारोबारी रिनात अख्मेतोव (59) ने यूरोपीय देश मोनाको के मारेटेरा में 5,137 करोड़ रु. में पांच मंजिला अपार्टमेंट खरीदा है। 2024 में हुई ये डील इतिहास की सबसे बड़ी एकल आवासीय डील में से एक है। यह खुलासा हाल ही में मोनाको के संपत्ति रिकॉर्ड और लीक ईमेल की जांच के बाद हुआ है। खदान मजदूर के बेटे से 73,328 करोड़ रुपए की नेटवर्थ खड़ी करने के पीछे अथक प्रयास हैं। रिनात का जन्म 1966 में यूक्रेन के डोनेत्स्क में हुआ। मजदूर परिवार से होने के चलते बचपन तंगहाली में बीता। 215 वर्गफुट फीट का घर था, जिसमें शौचालय और पानी की सुविधा नहीं थी। एक बार डॉक्टर को दिखाकर वे मां के संग लौट रहे थे। रास्ते में उनकी नजर मां के खाली बटुए पर पड़ी। यह देख रिनात बहुत दुखी हुए। तभी उन्होंने ठान लिया कि एक दिन वो बड़े फुटबॉलर बनेंगे और मां का पर्स पैसों से भर देंगे। 29 साल बाद वे फुटबॉल क्लब ‘एफसी शाख्तार डोनेत्स्क’ के प्रेसिडेंट बने। 90 के दशक में रिनात ने ‘आर्स’ कंपनी बनाकर कोयला व्यापार शुरू किया और यहीं से पहली बार 10 लाख रु. कमाए। इसके बाद एनर्जी, बैंकिंग, स्टील क्षेत्रों से जुड़े। अभी इनकी होल्डिंग कंपनी सिस्टम कैपिटल मैनेजमेंट है। 2000 के दशक में रिनात अरबपति बने, तो बचपन की पुरानी झोपड़ी वाली जगह पर मां को तोहफा देते हुए बड़ा महल बनवा दिया। 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होते ही रिनात ने अपने स्टील प्लांट्स का काम बदलकर टैंक रोधी अवरोध, बंकर और स्टील शेल्टर बनाने शुरू किए। इस दौरान 1.70 लाख बुलेटप्रूफ जैकेट तैयार कर सेना को मुफ्त में दान दिए। 2011 में लंदन का सबसे महंगा पेंटहाउस भी खरीदा था 2011 में रिनात ने लंदन के ‘वन हाइड पार्क’ में दो अपार्टमेंट्स खरीदे और उन्हें मिलाकर एक आलीशान पेंटहाउस बनवाया। इसकी कीमत उस समय लगभग ₹930 करोड़ से अधिक थी। ये तब ब्रिटेन के इतिहास की सबसे महंगी आवासीय खरीद भी थी। रिनात के पास 5,510 करोड़ रु. कीमत की यॉट भी है।
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