UP के 75 जिलों में डेयरी कॉन्क्लेव-2026, किसानों को मिलेंगी योजनाओं और आधुनिक पशुपालन की जानकारी
उत्तर प्रदेश में डेयरी सेक्टर को मजबूत करने और पशुपालकों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. प्रदेश के सभी 75 जिलों में डेयरी कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया गया. दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों, पशुपालकों, दुग्ध समितियों और स्वयं सहायता समूहों को डेयरी से जुड़ी योजनाओं और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई.
डेयरी क्षेत्र को नई तकनीक से जोड़ने पर जोर
कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि पशुपालकों को वैज्ञानिक तरीके से डेयरी व्यवसाय करने के लिए प्रोत्साहित करना भी रहा. कार्यक्रम में आधुनिक डेयरी प्रबंधन, पशुओं के लिए बेहतर चारा व्यवस्था, पशु स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की.
सरकार का जोर इस बात पर है कि पशुपालक पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक तकनीक को अपनाएं, ताकि दूध उत्पादन और पशुओं की उत्पादकता बढ़ाई जा सके.
इन योजनाओं से जुड़ेंगे किसान
डेयरी कॉन्क्लेव के दौरान किसानों और पशुपालकों को विभाग की प्रमुख योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई. इनमें मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना और नंदिनी कृषक समृद्धि योजना प्रमुख हैं.
कार्यक्रम में चयनित लाभार्थियों को संबंधित योजनाओं के चयन और अनुमति पत्र भी वितरित किए गए. इससे पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया समझने और डेयरी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
पशु रोगों की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान
डेयरी व्यवसाय में पशुओं का स्वस्थ रहना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. इसी को ध्यान में रखते हुए कॉन्क्लेव में पशु रोगों की पहचान, उनकी रोकथाम, निगरानी, नियंत्रण और टीकाकरण से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई.
कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि विश्वविद्यालयों से जुड़े विशेषज्ञों तथा वैज्ञानिकों ने पशुपालकों के साथ अपने अनुभव साझा किए. इससे किसानों को पशुओं की देखभाल और बीमारी की स्थिति में समय पर जरूरी कदम उठाने की जानकारी मिलने की संभावना है.
चारा प्रबंधन से बढ़ सकती है पशुपालन की क्षमता
कार्यक्रम में चारा प्रबंधन को भी प्रमुख विषय बनाया गया. पशुओं को संतुलित और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने से उनकी सेहत के साथ दूध उत्पादन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.
विशेषज्ञों ने पशुपालकों को बेहतर पशु पोषण और वैज्ञानिक प्रबंधन के तरीकों के बारे में जानकारी दी. सरकार की कोशिश है कि डेयरी को केवल पारंपरिक आजीविका के बजाय व्यवस्थित और लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित किया जाए.
गांवों में रोजगार और आय बढ़ाने की कोशिश
डेयरी क्षेत्र ग्रामीण परिवारों के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत है. ऐसे में सरकार की योजनाओं को ज्यादा से ज्यादा पात्र पशुपालकों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है. डेयरी कॉन्क्लेव के माध्यम से किसानों को एक ही मंच पर योजनाओं, तकनीक, पशु स्वास्थ्य और व्यवसाय से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने की कोशिश की गई.
स्वयं सहायता समूहों और दुग्ध समितियों की भागीदारी से स्थानीय स्तर पर डेयरी गतिविधियों को और संगठित करने की उम्मीद है.
75 जिलों में एक साथ पहुंचा संदेश
डेयरी कॉन्क्लेव की सबसे बड़ी खासियत इसका प्रदेशव्यापी स्वरूप रहा. सभी 75 जिलों में जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि मुख्यालय से भी कार्यक्रम का प्रसारण किया गया. इससे राज्य के अलग-अलग हिस्सों में जुड़े किसानों और पशुपालकों तक एक समान जानकारी पहुंचाने में मदद मिली.
कुल मिलाकर डेयरी कॉन्क्लेव-2026 को उत्तर प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को आधुनिक दिशा देने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है. सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने, वैज्ञानिक पशुपालन को प्रोत्साहित करने और तकनीक के इस्तेमाल से डेयरी कारोबार को मजबूत करने पर इसका मुख्य फोकस रहा.
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Delhi Rain Alert: दिल्ली-NCR में फिर बदला मौसम, तेज बारिश से मिली गर्मी से राहत
दिल्ली-एनसीआर में सोमवार दोपहर एक बार फिर बारिश शुरू हो गई। पिछले चार-पांच दिनों से राजधानी और आसपास के इलाकों में बारिश का दौर जारी है। सोमवार को कई एनसीआर क्षेत्रों में तेज बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली।
अगले पांच दिन हल्की बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में अगले पांच दिनों के दौरान हल्की बारिश होने की संभावना है। रविवार को भी दिल्ली के कई इलाकों में बारिश हुई थी। मौसम में बदलाव के चलते तापमान में भी कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है।
5 से 7 अगस्त तक हुई थी तेज बारिश
दिल्ली और राजधानी से सटे शहरों में 5, 6 और 7 अगस्त को तेज बारिश हुई थी। इस दौरान कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई थी। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। कई जगह यातायात भी प्रभावित हुआ था।
11 अगस्त को बारिश बढ़ने की संभावना, येलो अलर्ट जारी
मंगलवार (11 अगस्त) को बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इस दिन के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। आर्द्रता का स्तर 85 से 90 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। पूर्वानुमान के मुताबिक, सुबह, पूर्वाह्न और दोपहर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। शाम और रात में बारिश की तीव्रता घटकर बहुत हल्की से हल्की रह सकती है। दिनभर रुक-रुककर बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
12 से 15 अगस्त तक बादल और हल्की बारिश के आसार
– 12 अगस्त: अधिकतम तापमान 34 डिग्री, न्यूनतम 23 डिग्री। आमतौर पर बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना। कोई चेतावनी नहीं।
– 13 अगस्त: अधिकतम 34 डिग्री, न्यूनतम 25 डिग्री। बादल छाए रहने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार। कोई चेतावनी नहीं।
– 14 अगस्त: अधिकतम 33 डिग्री, न्यूनतम 25 डिग्री। सामान्य तौर पर बादल और हल्की बारिश की संभावना।
– 15 अगस्त: अधिकतम 33 डिग्री, न्यूनतम 24 डिग्री। बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश हो सकती है। कोई चेतावनी नहीं।
गर्मी से राहत, लेकिन उमस करेगी परेशान
लगातार बादल और बारिश के कारण अधिकतम तापमान 33-34 डिग्री के आसपास ही रहने की संभावना है, जिससे भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, आर्द्रता 85-90 प्रतिशत तक रहने से वातावरण में उमस काफी अधिक बनी रह सकती है। बारिश के बावजूद चिपचिपी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में अगले कई दिनों तक बादलों और हल्की-मध्यम बारिश का यह दौर जारी रह सकता है।
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