मलाईदार झाग और अनोखा स्वाद, पाली में नरेश भाई की ‘देशी डालगोना कॉफी’ का ऐसा क्रेज कि लोग दूर-दूर से पहुंच रहे
Pali Dalgona Coffee: पाली में नरेश भाई की ‘देशी डालगोना कॉफी’ इन दिनों लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. कॉफी का अनोखा नाम, देसी अंदाज और ऊपर बनी मलाईदार झाग इसे सामान्य कॉफी से अलग बनाती है. स्वाद के साथ इसकी प्रस्तुति भी लोगों को खूब पसंद आ रही है. स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि आसपास से आने वाले लोग भी इस खास कॉफी का स्वाद लेने पहुंच रहे हैं. सोशल मीडिया और लोगों की चर्चा के चलते इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है. नरेश भाई का यह देसी प्रयोग अब पाली की खास फूड स्टोरी बन चुका है.
मुरादाबादः वैज्ञानिक विधि से पालक की खेती कर किसान प्रति एकड़ कमा रहे 1 लाख, एक्सपर्ट ने बताया तरीका
Spinach farming: पालक की बुआई के लिए सितंबर से अक्टूबर का महीना सबसे अच्छा माना जाता है. इस मौसम में ठंडक और नमी बनी रहती है. तो वहीं उन्होंने बताया एक एकड़ खेत के लिए लगभग 8 से 12 किलोग्राम बीज की जरूरत होती है. बीज को 1.5 से 2 इंच गहरी मिट्टी में बोना चाहिए ताकि पौधे मजबूत और स्वस्थ उग सकें. पालक की बुआई मुख्य रूप से दो तरीकों से की जाती है. पहली छिटकवां विधि होती है. इसमें बीज को पूरे खेत में समान रूप से बिखेर कर बोया जाता है.दूसरी लाइन में बुआई विधि है. इसमें लाइन से लाइन की दूरी 20 से 25 सेंटीमीटर रखते हुए बीज को लाइन में बोया जाता है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18








