New Zealand के PM Christopher Luxon का बड़ा ऐलान, 27 अप्रैल को India के साथ FTA पर होंगे दस्तखत।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने शुक्रवार को बताया कि भारत और न्यूजीलैंड 27 अप्रैल को नयी दिल्ली में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करेंगे। इस समझौते का उद्देश्य घरेलू निर्यातकों के सामान को द्वीप राष्ट्र के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच प्रदान करना है। इसके तहत अगले 15 वर्षों में करीब 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की संभावना जताई गई है।
लक्सन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा, हम सोमवार को भारत के साथ अपना मुक्त व्यापार समझौता हस्ताक्षर करेंगे। दोनों देशों ने पिछले वर्ष 22 दिसंबर को इस व्यापार समझौते की वार्ता पूरी होने की घोषणा की थी। इसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को पांच अरब डॉलर तक दोगुना करना है।
समझौते के तहत भारत को अपने 100 प्रतिशत निर्यात पर न्यूजीलैंड में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जबकि भारत में न्यूजीलैंड के 95 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क समाप्त या कम किए जाएंगे। इनमें ऊन, कोयला, लकड़ी, वाइन, एवोकाडो और ब्लूबेरी जैसे उत्पाद शामिल हैं।
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को पेमेंट्स बैंक नियमों का पालन न करने के कारण पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया। आरबीआई ने कहा कि बैंक का संचालन ऐसे तरीके से किया जा रहा था, जो उसके जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक था। केंद्रीय बैंक ने बताया कि वह बैंक को बंद करने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करेगा। आरबीआई ने कहा कि बैंक ने उसे दिए गए पेमेंट्स बैंक लाइसेंस की शर्तों का पालन नहीं किया, जिसके कारण यह कार्रवाई की गई है।
पेटीएम पेमेंट्स बैंक पहले भी कई मौकों पर नियामक जांच के दायरे में आ चुका है। मार्च 2022 में केंद्रीय बैंक ने इसे नए ग्राहकों को जोड़ने से रोक दिया था। आरबीआई ने कहा कि बैंक का लाइसेंस शुक्रवार को कारोबार समाप्त होने के बाद से रद्द कर दिया गया है। साथ ही, बैंक के पास इतनी नकदी है कि बंद होने की स्थिति में वह अपने सभी जमाकर्ताओं का पैसा वापस कर सकेगा। भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा, “बैंक के प्रबंधन का सामान्य स्वरूप जमाकर्ताओं और सार्वजनिक हित के लिए हानिकारक है।
ऐसे में बैंक को जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है।” आरबीआई के अनुसार, बैंक बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के कुछ प्रावधानों का भी पालन नहीं कर रहा था। बयान के अनुसार अब पेटीएम पेमेंट्स बैंक को तत्काल प्रभाव से बैंकिंग से जुड़े किसी भी कार्य को करने से रोक दिया गया है। पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने 23 मई 2017 से पेमेंट्स बैंक के रूप में काम करना शुरू किया था। पेटीएम ने एक मार्च, 2024 के खुलासे का हवाला देते हुए शेयर बाजार को बताया कि उसका पीपीबीएल के साथ कोई महत्वपूर्ण व्यावसायिक समझौता नहीं है। इसके मुताबिक, कंपनी द्वारा दी जाने वाली कोई भी सेवा पीपीबीएल के साथ साझेदारी में नहीं है। इसके अतिरिक्त, पीपीबीएल स्वतंत्र रूप से संचालित होता है, जिसमें कंपनी की कोई बोर्ड या प्रबंधन भागीदारी नहीं है।
कंपनी पर इसका कोई प्रत्यक्ष वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि कंपनी पहले ही अपने निवेश को बट्टे खाते में डाल चुकी है। पेटीएम ने कहा कि उसकी सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रहेंगी। इन सेवाओं में पेटीएम ऐप, पेटीएम यूपीआई, पेटीएम गोल्ड और उसकी सहायक एवं सहयोगी कंपनियों द्वारा दी जाने वाली अन्य सेवाएं जैसे पेटीएम क्यूआर, साउंडबॉक्स, कार्ड मशीन, पेमेंट गेटवे और पेटीएम मनी आदि शामिल हैं।
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