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How to Exchange Mutilated Banknotes: कटे-फटे नोटों की अब टेंशन खत्म, चुटकियों में बैंक से बदलें अपने खराब पैसे

How to Exchange Mutilated Banknotes: आज के दौर में डिजिटल पेमेंट का चलन काफी बढ़ गया है, लेकिन कैश का महत्व अब भी कम नहीं हुआ है. अक्सर लेन-देन के दौरान हमारे पास गलती से कटे-फटे या गले हुए नोट आ जाते हैं. कई बार जेब में रखा नोट धुलाई में खराब हो जाता है या फिर रखे-रखे चूहे उसे कुतर देते हैं. ऐसी स्थिति में सबसे बड़ी समस्या तब आती है जब कोई दुकानदार या रेहड़ी-पटरी वाला उन नोटों को लेने से साफ मना कर देता है. आम आदमी को लगता है कि उसके पैसे अब बेकार हो गए और उसका नुकसान हो गया है. लेकिन आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने इस संबंध में बहुत ही स्पष्ट और राहत देने वाले नियम बनाए हैं.

बैंक में नोट बदलना है आपका अधिकार

आरबीआई के नियमों के मुताबिक, अगर आपके पास कोई भी ऐसा नोट है जो फट गया है, गंदा हो गया है या फिर उसके दो टुकड़े हो गए हैं, तो आप उसे किसी भी बैंक की शाखा में जाकर बदल सकते हैं. इसके लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि आपका उस बैंक में खाता होना अनिवार्य नहीं है. आप किसी भी सरकारी या निजी बैंक की नजदीकी शाखा में जाकर अपने खराब नोट काउंटर पर दे सकते हैं. बैंक अधिकारी आपको नोट बदलने से मना नहीं कर सकता है. अगर कोई बैंक ऐसा करने से इनकार करता है, तो आप इसकी शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं.

कैसे तय होती है फटे नोट की कीमत?

बैंक में नोट ले जाने पर आपको उसकी कितनी कीमत मिलेगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि नोट कितना फटा हुआ है. आरबीआई के नियमों के अनुसार, अगर आपके पास 50 रुपये या उससे अधिक मूल्य का नोट है और उसका 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा सुरक्षित है, तो बैंक आपको उस नोट की पूरी कीमत देगा. वहीं, अगर नोट का 40 प्रतिशत से 80 प्रतिशत हिस्सा ही सही सलामत है, तो आपको नोट की आधी कीमत ही वापस मिल पाएगी. लेकिन अगर नोट का 40 प्रतिशत से कम हिस्सा बचा है, तो ऐसी स्थिति में बैंक उसे बदलने से मना कर सकता है या उसकी कोई कीमत नहीं मिलेगी. 

इन जरूरी हिस्सों का होना है अनिवार्य

नोट बदलते समय बैंक कुछ मुख्य बातों की जांच जरूर करता है. नोट चाहे कितना भी फटा हो, लेकिन उस पर सीरियल नंबर, महात्मा गांधी की फोटो, वॉटरमार्क और आरबीआई गवर्नर के हस्ताक्षर वाला हिस्सा स्पष्ट दिखना चाहिए. अगर ये जरूरी निशान नोट पर मौजूद हैं, तो उसे बदलने में कोई दिक्कत नहीं आएगी. अगर नोट बहुत ज्यादा टुकड़ों में है या फिर बुरी तरह गल गया है, तो उसे बैंक सीधे काउंटर पर नहीं बदलता. ऐसे मामलों में बैंक नोट को स्वीकार कर लेता है और उसकी जांच के बाद पैसे आपके खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं.

जले और चिपके हुए नोटों के लिए नियम

कुछ मामले ऐसे होते हैं जहां नोट बुरी तरह जल जाते हैं या फिर आपस में बुरी तरह चिपक जाते हैं कि उन्हें अलग करना मुश्किल होता है. ऐसे नोटों को सामान्य बैंक शाखाएं स्वीकार नहीं करती हैं. इस तरह के नोटों को बदलने के लिए आपको आरबीआई के निर्गम कार्यालय (Issue Office) में जाना होता है. वहां इन नोटों की विशेष जांच की जाती है और अगर सब कुछ सही पाया जाता है, तो उनकी कीमत आपके बैंक खाते में भेज दी जाती है. याद रखें कि अगर बैंक को लगता है कि नोट को जानबूझकर फाड़ा गया है या उसके साथ छेड़छाड़ की गई है, तो वह उसे बदलने से इनकार कर सकता है.

नोट बदलने की प्रक्रिया और शिकायत

नोट बदलने की प्रक्रिया बहुत ही सरल है. छोटे नोटों या कम संख्या में नोटों के लिए आपको कोई फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होती. आप सीधे बैंक के कैश काउंटर पर जाकर नोट दे सकते हैं. अगर बैंक अधिकारी नियम का पालन नहीं करता है या नोट बदलने में आनाकानी करता है, तो ग्राहक इसकी शिकायत बैंक के मैनेजर से कर सकते हैं. इसके बावजूद समाधान न होने पर आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहकर आप अपनी मेहनत की कमाई को बेकार होने से बचा सकते हैं.

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ईरान के सामने दो रास्ते परमाणु समझौता करे या फिर आर्थिक संकट झेले: अमेरिकी रक्षा सचिव

वॉशिंगटन, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका ने शुक्रवार को कहा कि ईरान पर उसकी बढ़ती नौसैनिक नाकेबंदी हर घंटे और सख्त होती जा रही है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने दावा किया कि ईरान के सामने अब सिर्फ दो रास्ते हैं या तो वह परमाणु समझौता करे या फिर लगातार अमेरिकी दबाव के कारण आर्थिक रूप से बड़ा संकट झेले।

पेंटागन में पत्रकारों से बात करते हुए हेगसेथ ने कहा, “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” ने कुछ ही हफ्तों में निर्णायक सैन्य नतीजे दिए हैं। उन्होंने इसे पुराने समय के लंबे और बिना नतीजे वाले युद्धों से अलग बताया, जो वर्षों और दशकों तक चलते रहे।

हेगसेथ ने बताया कि अमेरिकी नौसेना ओमान की खाड़ी से लेकर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र तक कड़ी नाकाबंदी लागू कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले हर जहाज को अगर नियमों का उल्लंघन करते पाया गया, तो वापस भेज जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस समय 34 गैर-ईरानी जहाजों को आने-जाने की अनुमति दी गई है और कई जहाज गुजर भी चुके हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले कुछ दिनों में एक दूसरा विमानवाहक युद्धपोत भी इस अभियान में शामिल होगा।

ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष वायुसेना जनरल डैन केन ने कहा कि अमेरिकी सेना पहले ही जरूरत पड़ने पर ताकत इस्तेमाल करने की क्षमता दिखा चुकी है। उन्होंने बताया कि इस हफ्ते एक बड़े कंटेनर जहाज ने बार-बार चेतावनी को नजरअंदाज किया। सभी उपाय करने के बाद सेंट्रल कमांड ने जहाज को निष्क्रिय करने के लिए गोली चलाने की अनुमति दी। इसके बाद अमेरिकी सेना ने जहाज के इंजन रूम पर फायर किया और फिर मरीन सैनिकों ने जहाज पर कब्जा कर लिया।

उन्होंने बताया कि वह जहाज और उसका चालक दल अब अमेरिकी नियंत्रण में सुरक्षित है।

पेंटागन ने यह भी कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में ईरान के प्रतिबंधित तेल शिपमेंट को रोका गया है, जिसमें हिंद-प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्र के बड़े तेल टैंकर भी शामिल हैं। जनरल केन ने कहा क‍ि हम ऐसे समुद्री रोकथाम अभियान आगे भी जारी रखेंगे।

हेगसेथ ने कहा कि यह नाकाबंदी अब बढ़ती जा रही है और वैश्विक स्तर पर फैल रही है। उन्होंने दावा किया कि होर्मुज स्‍ट्रेट से कोई भी जहाज अमेरिकी नौसेना की अनुमति के बिना नहीं गुजर सकता।

उन्होंने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स पर आरोप लगाया कि वे “समुद्री डाकुओं” और की तरह व्यवहार करते हैं और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले करते हैं, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता फैलती है।

अमेरिका ने यह भी कहा कि उसने ईरान की उन तेज नावों पर भी कार्रवाई की अनुमति दी है जो समुद्र में बारूदी सुरंगें लगा रही थीं। हेगसेथ ने कहा क‍ि अगर ईरान पानी में बारूदी सुरंगें लगाता है, तो हम उन्हें बिना हिचक नष्ट कर देंगे।

उन्होंने अमेरिका के सहयोगी देशों, खासकर यूरोप से कहा कि उन्हें समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा में ज्यादा भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा क‍ि अब मुफ्त में फायदा उठाने का समय खत्म हो गया है, क्योंकि यूरोप और एशिया काफी हद तक होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरने वाले तेल पर निर्भर हैं।

डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र करते हुए हेगसेथ ने कहा कि राष्ट्रपति समझौते को लेकर बहुत उत्सुक नहीं हैं, लेकिन अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को सच्चे और जांच योग्य तरीके से छोड़ देता है, तो बातचीत की संभावना खुली है।

जनरल केन ने कहा कि अमेरिकी सेना किसी भी बड़े सैन्य अभियान के लिए तैयार है और हालात तेजी से बदल रहे हैं।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ा हुआ है। होर्मुज स्‍ट्रेट दुनिया के तेल व्यापार का एक बहुत अहम रास्ता है, जहां से वैश्विक समुद्री कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसलिए यहां किसी भी तरह की रुकावट से दुनिया भर के ऊर्जा बाजार और व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है।

--आईएएनएस

एवाई/वीसी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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