CUET PG 2026 Result Link: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA आज सीयूईटी 2026 पीजी रिजल्ट की घोषणा करने वाला है. पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स में एडमिशन लेने के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस एग्जाम देना जरूरी होता है. परीक्षा में शामिल हुए छात्र-छात्राओं को अपना एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड तैयार रखना चाहिए. क्योंकि इन्हीं की मदद से परिणाम देखे जाएंगे. रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट exams.nta.ac.in पर अपलोड किया जाएगा. बता दें कि इस वर्ष CUET पीजी का स्कोरकार्ड बहुत जरूरी है क्योंकि इससे 198 विश्वविद्यालयों में स्वीकार किया जाएगा.
कब हुई थी परीक्षा?
इस साल CUET पीजी 2026 की परीक्षाएं 6 मार्च से 27 मार्च 2026 तक आयोजित की गई थी. अलग-अलग तारीखों पर अलग-अलग विषयों की परीक्षा हुई थी. यह कंप्यूटर बेस्ट टेस्ट मोड परीक्षा होती है, जिसके नतीजे 24 अप्रैल 2026, शुक्रवार को जारी होंगे. शाम 5 बजे परिणामों की घोषणा करने की तैयारी है.
कैसे अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड करें?
- इसके लिए आपको सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा.
- होम पेज पर CUET PG 2026 Result लिंक दिखेगा.
- उसे क्लिक करें और फिर वहां आवेदन नंबर और पासवर्ड या DOB भरकर सब्मिट करें.
- सब्मिट करने के बाद आपकी स्क्रीन पर स्कोरकार्ड दिख जाएगा.
- आप यहां से स्कोकार्ड को डाउनलोड कर सकते हैं, स्क्रीनशॉट ले सकते हैं या प्रिंटआउट भी निकाल सकते हैं.
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CUET PG 2026 रिजल्ट का डायरेक्ट लिंक
सीयूईटी पीजी 2026 का रिजल्ट चेक करने के लिए और स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के लिए आपको ऑफिशियल लिंक पर जाना होगा. ये रहा डायरेक्ट लिंक exams.nta.ac.in/CUET-PG.
रिजल्ट आने के बाद कैसे मिलेगा कॉलेज में एडमिशन?
NTA द्वारा आज रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवारों को अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड करना है. इसके कुछ दिन बाद यूनिवर्सिटी अपनी कटऑफ लिस्ट निकालेगी. एडमिशन लेने के लिए आपको अलग से यूनिवर्सिटीज की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा और रजिस्ट्रेशन करवाना होगा.
कैसा है एडमिशन का Eligibility Criteria?
बता दें कि किसी भी यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने के लिए आवेदन करने से पहले छात्र को वहां का एलिजिबिलटी क्राइटेरिया देखना होगा. यूनिवर्सिटी पीजी रिजल्ट के बाद स्कोरकार्ड के आधार पर ही काउंसलिंग शुरू की जाएगी. CUET पीजी की परीक्षा में सभी सही जवाब देने पर 4 नंबर मिलेंगे. वहीं, गलत जवाब मिलने पर 1 अंक काटा जाएगा. यदि उत्तर नहीं दिया जाता है तो कोई अंक नहीं कटेंगे न मिलेंगे.
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न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई की हालत गंभीर है, वो एक सीक्रेट ठिकाने पर इलाज करवा रहे हैं और सुरक्षा कारणों से उन से जो संपर्क है उसको सीमित रखा गया है। रिपोर्ट में ये तक दावा किया गया है कि एक पैर का तीन बार अब तक ऑपरेशन हो चुका है और बकाइदा प्रोस्थेटिकल लेग का इंतजाम यहां पर किया जा रहा है। चेहरे और होठ बुरी तरह झुलस चुके हैं, उनको बोलने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, और उस बीच, ईरान में असली ताकत, अब इस्लामिक रेविल्यूशनरी गाड कॉप्स के जनरल के हाथ में जाने का दावा किया जा रहा है।
IRGC का बढ़ता दबदबा
'द न्यूयॉर्क टाइम्स' (NYT) के अनुसार, मामले की जानकारी रखने वाले चार अधिकारियों ने बताया कि हालिया बातचीत के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई का अपने जनरलों (सैन्य अधिकारियों) के साथ बहुत कम संपर्क रहा है। जानकारों का मानना है कि इससे सत्ता में जो खालीपन आया है, उस पर अब 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC ईरान की सबसे ताकतवर सैन्य फोर्स) अपना कब्ज़ा जमा रही है। 'चैटम हाउस' की विशेषज्ञ सनम वकील ने NYT को बताया कि खामेनेई के बेटे और संभावित उत्तराधिकारी 'मोजतबा' के हाथों में अभी पूरी तरह से कमान या नियंत्रण नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार तो फैसले पहले ही ले लिए जाते हैं और मोजतबा को सिर्फ इसके बारे में बता दिया जाता है। 'इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप' के अली वाएज ने भी इसी बात से सहमति जताई है। उन्होंने कहा, "मोजतबा 'सर्वोच्च' नहीं हैं; वह नाम के नेता तो हो सकते हैं, लेकिन अपने पिता की तरह ताकतवर नहीं हैं... असल में मोजतबा 'रिवोल्यूशनरी गार्ड्स' (IRGC) के अधीन काम कर रहे हैं।" (यानी सेना उन पर हावी है)।
शासन में बदलाव
'द न्यूयॉर्क टाइम्स' (NYT) के अनुसार, अमेरिका के साथ इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत को रोकने में ईरान की सेना (IRGC) ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने ईरान की चुनी हुई नागरिक सरकार को दरकिनार कर दिया, जिसमें राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अरागची भी शामिल हैं। अमेरिका-इजरायल के हमलों में अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे (मोजतबा) खामेनेई ने सर्वोच्च नेता की गद्दी संभाली है। लेकिन पद संभालने के बाद से वह न तो कभी जनता के सामने आए हैं और न ही कोई बयान दिया है। कहा जा रहा है कि वह खुद को 'कमज़ोर' दिखने से बचाना चाहते हैं। उनसे सीधा संपर्क नहीं हो रहा है, बल्कि उन तक सीलबंद चिट्ठियाँ हाथों-हाथ पहुँचाई जा रही हैं।
'बोर्ड-स्टाइल' में चल रही है सरकार
ईरान में सत्ता के इस बदलते रूप के बारे में एक पूर्व सलाहकार अब्दोलरेज़ा दावरी ने NYT को बताया, "मोजतबा देश को ऐसे चला रहे हैं जैसे वह किसी कंपनी के बोर्ड के 'डायरेक्टर' हों... और सेना के जनरल उस बोर्ड के सदस्य हों। यह स्थिति मोजतबा के पिता (अली खामेनेई) के शासन से बिल्कुल अलग है। पहले सारी ताकत और फैसले लेने का अधिकार सर्वोच्च नेता के हाथ में होता था, लेकिन अब फैसले लेने में सैन्य कमांडरों का दबदबा ज्यादा हो गया है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान और अमेरिका के बीच अनिश्चित काल के लिए युद्धविराम लागू है। दोनों देश फिर से बातचीत शुरू करने और व्यापार के लिए अहम समुद्री रास्ते 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के रास्ते तलाश रहे हैं। हालांकि, ईरान के अंदर सत्ता को लेकर जो उथल-पुथल मची है और जिस तरह से IRGC (सेना) अपना नियंत्रण बढ़ा रही है, उसे देखते हुए अमेरिका के साथ बातचीत और कूटनीति सफल होने की उम्मीदें अभी भी धुंधली हैं।
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