रिन्यूएबल एनर्जी और ईवी सेक्टर से बनेंगे लाखों ग्रीन जॉब्स: डॉ. जितेंद्र सिंह
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कहा कि भारत में रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (ईवी) सेक्टर आने वाले वर्षों में बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करेंगे, क्योंकि देश तेजी से ग्रीन इकोनॉमी की ओर बढ़ रहा है।
पृथ्वी दिवस के मौके पर जामिया मिलिया इस्लामिया में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन, ग्रीन फ्यूल और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे सेक्टर युवाओं के लिए रोजगार के बड़े स्रोत बनेंगे।
उन्होंने कहा, ग्रीन जॉब्स और ग्रीन उद्यमिता भविष्य की ग्रीन इकोनॉमी की सबसे बड़ी ताकत बनेंगे, जो युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर नौकरी के मौके पैदा करेंगे।
मंत्री ने बताया कि कम कार्बन वाली अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने से न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि भारत की टिकाऊ (सस्टेनेबल) विकास दर भी मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की कई योजनाएं इस दिशा में काम कर रही हैं, जैसे राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, जिसमें 19,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश किया जा रहा है। यह योजना स्टील और सीमेंट जैसे उद्योगों को साफ ऊर्जा की ओर ले जाने में मदद करेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि नई तकनीकें तेजी से विकसित हो रही हैं, जिससे ग्रीन सेक्टर में नए अवसर बन रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, अब पारंपरिक वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदला जा रहा है, जिससे ये तकनीक सस्ती और आसान हो रही है।
मंत्री ने कहा कि सोलर मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी उत्पादन, पावर ग्रिड मैनेजमेंट और बायोफ्यूल जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के अच्छे अवसर हैं। इसके अलावा, इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल को बायोफ्यूल में बदलना जैसे काम भी नए बिजनेस के मौके दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समुद्री ऊर्जा अभी काफी कम इस्तेमाल हो रही है, लेकिन भविष्य में यह सोलर और विंड एनर्जी के साथ मिलकर ऊर्जा का बड़ा स्रोत बन सकती है।
ऊर्जा सुरक्षा पर उन्होंने कहा कि भारत न्यूक्लियर पावर को भी बढ़ा रहा है और स्पेस व परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निजी कंपनियों को भी मौका दे रहा है, जिससे निवेश और इनोवेशन बढ़ेगा।
उन्होंने 1 लाख करोड़ रुपए के रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन (आरडीआई) फंड का भी जिक्र किया, जो स्टार्टअप्स और नए आइडियाज को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है।
जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भारत लाइफस्टाइल फॉर इनवायरमेंट (लाइफ) के विजन के साथ दुनिया में ग्रीन बदलाव का नेतृत्व करने की अच्छी स्थिति में है।
आगे उन्होंने छात्रों और युवाओं से अपील की कि वे सस्टेनेबिलिटी से जुड़े अवसरों को अपनाएं, क्योंकि भविष्य की तरक्की इनोवेशन, नई सोच और सही फैसलों पर निर्भर करेगी।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
राजस्थान सरकार ने 2 प्रतिशत डीए बढ़ोतरी को मंजूरी दी, 12.46 लाख लोगों को होगा फायदा
जयपुर, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए, राज्य सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में 2 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी है।
इस बदलाव के साथ, 7वें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है, जो 1 जनवरी, 2026 से लागू होगा।
इस फैसले से पूरे राज्य में लगभग 7.02 लाख कर्मचारियों और 5.44 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होने की उम्मीद है।
पंचायत समितियों और जिला परिषदों के कर्मचारियों को भी इस बढ़ोतरी के दायरे में लाया जाएगा।
आदेश के अनुसार, राज्य कर्मचारियों को संशोधित महंगाई भत्ता मई 2026 के वेतन के साथ नकद रूप में मिलेगा, जिसका भुगतान जून 2026 में किया जाएगा।
इसके अलावा, 1 जनवरी से 30 अप्रैल, 2026 तक की अवधि का बकाया कर्मचारियों के जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) खातों में जमा किया जाएगा।
दूसरी ओर, पेंशनभोगियों को बढ़ा हुआ महंगाई राहत नकद रूप में मिलेगा, जो 1 जनवरी, 2026 से लागू होगा, जिससे उन्हें तत्काल वित्तीय लाभ सुनिश्चित होगा।
यह फैसला राज्य सरकार की अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वित्तीय हितों और कल्याण की रक्षा करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, खासकर बढ़ती जीवन लागत के संदर्भ में।
महंगाई भत्ते में संशोधन करके, सरकार का उद्देश्य महंगाई से राहत देना और घरेलू खर्चों में सहायता करना है। इस बढ़ोतरी से राज्य के खजाने पर लगभग 1,156 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय बोझ पड़ेगा।
वित्तीय प्रभावों के बावजूद, सरकार ने कर्मचारियों के कल्याण और समय पर वित्तीय सहायता को प्राथमिकता दी है।
इससे पहले, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी, जिससे यह 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया। यह संशोधन 1 जनवरी से लागू होगा, जिससे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बकाया राशि मिलेगी।
इस कदम से 1.17 करोड़ से अधिक लोगों को फायदा होने की उम्मीद है और सरकार पर सालाना 6,791 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इस बढ़ोतरी से लगभग 49.19 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और 68.72 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा।
चूंकि संशोधित दर इस साल 1 जनवरी से प्रभावी होगी, इसलिए दोनों समूहों को पिछले महीनों का बकाया मिलेगा।
--आईएएनएस
एससीएच
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