Responsive Scrollable Menu

456 KM रेंज वाली इस इलेक्ट्रिक SUV पर मिल रही ₹4 लाख की छूट, स्टॉक खत्म होने से पहले पहुंचिए शोरूम

अगर आप इलेक्ट्रिक SUV खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो ये मौका मिस न करें. Mahindra XUV400 पर अप्रैल 2026 में कंपनी दे रही है 4 लाख रुपये तक का बड़ा डिस्काउंट. दमदार रेंज, प्रीमियम फीचर्स और शानदार परफॉर्मेंस के साथ ये डील इसे और भी आकर्षक बनाती है. जानें पूरी डिटेल और क्यों ये ऑफर सीमित समय के लिए है.

Continue reading on the app

हाईकोर्ट जज से बहस वाले वीडियो सर्कुलेट करने पर नोटिस:कोर्ट ने केजरीवाल-सिसोदिया से पूछा- सबसे पहले अपलोड किसने किया; जितने लिंक बचे उन्हें हटाएं

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को पूर्व CM केजरीवाल के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका पर कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। यह याचिका बिना इजाजत कोर्ट की कार्यवाही को रिकॉर्ड करने, उसे सोशल मीडिया पर सर्कुलेट करने को लेकर दायर की गई थी। न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक याचिका एडवोकेट वैभव सिंह ने लगाई थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल, सिसोदिया, पत्रकार रवीश कुमार और अन्य के खिलाफ नोटिस जारी किया है। साथ ही सुनवाई से जुड़े सभी लिंक हटाने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि जिन लिंक पर आपत्ति थी, उन्हें Google और Meta ने पहले ही हटा दिया है। कोर्ट ने सूचना मंत्रालय को भी पक्षकार बनाया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी। एक दिन पहले यह मामला मुख्य न्यायाधीश की बेंच में लिस्ट किया गया था। लेकिन, जस्टिस तेजस करिया ने इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसके बाद इसे जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस मनमीत अरोड़ा की बेंच में रखा गया। वह वीडियो फुटेज, जिसके खिलाफ याचिका लगी… याचिकाकर्ता का आरोप- कोर्ट की अवमानना हुई वैभव सिंह का आरोप था कि 13 अप्रैल की सुनवाई को बिना परमिशन रिकॉर्ड किया गया और सोशल मीडिया पर सर्कुलेट किया गया। यह सुनवाई केजरीवाल की उस अर्जी पर हुई थी, जिसमें उन्होंने जज स्वर्णकांता से खुद को केस से अलग करने की मांग की थी। याचिकाकर्ता के मुताबिक कार्रवाई के वीडियो को एडिट करके तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। इससे कोर्ट की बदनामी हुई। हालांकि कोर्ट ने निर्देश दिया है कि सुनवाई से जुड़े सभी सोशल मीडिया लिंक हटा दिए जाएं। याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि अगर इस तरह के मामलों में कार्रवाई नहीं होती है, तो यह एक गलत मिसाल बन सकती है। इससे आगे भी लोग कोर्ट की कार्यवाही से जुड़े वीडियो का दुरुपयोग कर सकते हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के 3 कमेंट मेटा-गूगल का दावा- कंटेंट ऑटोमैटिक ब्लॉक करना मुश्किल काम वकील अरविंद पी. दातार ने कहा कि जिस सामग्री पर आपत्ति जताई गई थी, उसे आधिकारिक सूचना मिलने के बाद हटा दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि मध्यस्थ सेंसर की तरह काम नहीं कर सकते। लेकिन ओरिजनल वीडियो अपलोड करने वाले की पहचान करना या ऐसी सामग्री को अपने आप ब्लॉक करना तकनीकी रूप से अभी भी मुश्किल है। जज को हटाने की अर्जी क्यों, 5 पॉइंट्स में समझिए ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और 22 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था। इस आदेश को CBI ने चुनौती दी, जिसकी सुनवाई वर्तमान में जस्टिस शर्मा कर रही हैं। 9 मार्च को जस्टिस शर्मा ने नोटिस जारी किया और उस आदेश के उस हिस्से पर रोक लगा दी, जिसमें जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात कही गई थी। उन्होंने प्रारंभिक तौर पर यह भी कहा कि ट्रायल कोर्ट की कुछ टिप्पणियां गलत थीं और ट्रायल कोर्ट को PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग) की कार्यवाही स्थगित करने का निर्देश दिया। इसके बाद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, विजय नायर समेत अन्य आरोपियों ने जस्टिस शर्मा को हटाने की अर्जी दाखिल की। केजरीवाल 156 दिन, सिसोदिया 530 दिन तक जेल में रहे दिल्ली सरकार ने 2021 में राजस्व बढ़ाने और शराब व्यापार में सुधार के लिए आबकारी नीति बनाई थी, जिसे बाद में अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद वापस ले लिया गया। इसके बाद उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने CBI जांच के आदेश दिए थे। CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि इस नीति के जरिए निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया और इसमें भ्रष्टाचार हुआ। इस मामले में केजरीवाल को 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान गिरफ्तार कर हिरासत में भेजा गया था। उन्हें 156 दिन की हिरासत के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली। वहीं सिसोदिया इस मामले में 530 दिन तक जेल में रहे। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… जज को केस से हटाने वाली याचिका: जस्टिस स्वर्णकांता बोलीं- मैं हटी तो संदेश जाएगा दबाव डालकर जज हटा सकते हैं दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने शराब नीति केस से जुड़े पूर्व CM अरविंद केजरीवाल की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें जज के केस से हटने की मांग की गई थी। जस्टिस स्वर्ण कांता ने कहा कि मैं इस मामले से खुद को अलग नहीं करूंगी। मैं सुनवाई करूंगी। मैं हट गई तो संदेश जाएगा कि दबाव डालकर किसी भी केस से जज हटा सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर…

Continue reading on the app

  Sports

वो क्रिकेटर...जो 3 टेस्ट खेलने के बाद बन गया कप्तान, 64 साल से कायम है सबसे कम उम्र में कैप्टेंसी का रिकॉर्ड

mansoor ali khan Pataudi youngest test captain of india: मंसूर अली खान पटौदी भारतीय क्रिकेट के इतिहास का वह सुनहरा अध्याय हैं. जिन्होंने न केवल अपनी कप्तानी से टीम इंडिया को विदेशों में जीतना सिखाया, बल्कि व्यक्तिगत त्रासदी को मात देकर मिसाल पेश की. कार हादसे में एक आंख की रोशनी खोने के बावजूद उन्होंने दुनिया के घातक गेंदबाजों का डटकर सामना किया. महज 21 साल की उम्र में टीम की कमान संभालने वाले 'टाइगर' पटौदी की कहानी साहस, शाही अंदाज और क्रिकेट के प्रति अटूट समर्पण की एक अद्भुत दास्तान है. Thu, 23 Apr 2026 18:37:19 +0530

  Videos
See all

Breaking News : कौन होगा UP में BJP का अगला चेहरा? नितिन नवीन के इंटरव्यू ने बढ़ाई धड़कनें! #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-23T13:00:32+00:00

Birbhum Election: बंगाल के बीरभूम में EVM में खराबी के बाद लोगों ने किया हंगामा | Birbhum Violence #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-23T13:00:02+00:00

West Bengal Phase 1 Voting LIVE Updates: बंगाल में 95 प्रतिशत वोटिंग! | Mamata | BJP Vs TMC |PM Modi #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-23T13:09:22+00:00

Prahar: West Bengal Election Polling में बड़ा फैसला! | TMC Vs BJP | PM Modi | Mamata Vs Suvendu #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-23T13:02:46+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers