Gabru Release Date Postpone: सनी देओल (Sunny Deol) की अपकमिंग एक्शन फिल्म ‘गबरू’ अब तय तारीख पर रिलीज नहीं होगी। पहले यह फिल्म 8 मई को सिनेमाघरों में आने वाली थी, लेकिन अब मेकर्स ने इसे टालने का फैसला लिया है।
क्यों लिया गया फैसला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘धुरंधर 2’ के बॉक्स ऑफिस असर को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। मेकर्स नहीं चाहते कि फिल्म ऐसे समय पर रिलीज हो, जब दर्शकों का ध्यान पहले से किसी बड़ी एक्शन फिल्म पर टिका हो।
नई डेट पर चल रहा विचार
फिलहाल ‘गबरू’ की नई रिलीज डेट तय नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि मेकर्स सही समय का इंतजार कर रहे हैं, ताकि फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिल सके। अनुमान है कि फिल्म जून के आखिर या जुलाई की शुरुआत में रिलीज हो सकती है।
सलमान खान का कैमियो
इस फिल्म को लेकर एक और बड़ी चर्चा यह है कि इसमें सलमान खान (Salman Khan) का स्पेशल कैमियो भी होगा। बताया जा रहा है कि उन्होंने इसके लिए शूटिंग पूरी कर ली है, जिससे फैंस की एक्साइटमेंट और बढ़ गई है।
‘धुरंधर 2’ का असर
‘धुरंधर 2’ के चलते सिर्फ ‘गबरू’ ही नहीं, बल्कि कई अन्य फिल्मों की रिलीज डेट भी प्रभावित हुई है। मेकर्स थिएटर्स में सही टाइमिंग को लेकर काफी सतर्क नजर आ रहे हैं।
वर्कफ्रंट की बात करें तो सनी देओल के पास ‘गबरू’ के अलावा ‘लाहौर 1947’ और ‘इक्का’ जैसी बड़ी फिल्में भी लाइनअप में हैं। ऐसे में फैंस को उनके आने वाले प्रोजेक्ट्स का बेसब्री से इंतजार है।
वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में एक बार फिर हलचल तेज़ हो गई है। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें $100 प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गईं। यह बढ़ोतरी भारत के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि हम अपनी ज़रूरत का करीब 85% कच्चा तेल आयात करते हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें, जो लंबे समय से स्थिर हैं, जल्द ही बढ़ने वाली हैं?
क्या पेट्रोल की कीमतें जल्द ही बढ़ेंगी?
कच्चे तेल की कीमतों में एक दिन की तेज़ी का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि अगली सुबह ही पेट्रोल की कीमतें बढ़ जाएंगी। तेल कंपनियाँ अक्सर मौजूदा स्टॉक, रिफाइनिंग से होने वाले मुनाफ़े और अपने अंदरूनी रिज़र्व का इस्तेमाल करके कम समय के लिए होने वाले झटकों को झेल लेती हैं। लेकिन अगर कच्चा तेल हफ़्तों तक $100 के आस-पास या उससे ऊपर बना रहता है, तो दबाव तेज़ी से बढ़ सकता है। Infomerics Ratings के मुख्य अर्थशास्त्री, मनोरंजन शर्मा ने मुझे बताया कि, "अगर कच्चे तेल की कीमत $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच जाती है, तो कीमतों को स्थिर रखने की गुंजाइश एक तिमाही से भी कम रह सकती है।" उन्होंने आगे कहा कि, "अगर ईंधन की कीमतें नहीं बढ़ाई जातीं या सरकार से मदद नहीं मिलती, तो प्रति लीटर 3 से 4 रुपये से ज़्यादा का लगातार नुकसान झेलना मुश्किल हो जाता है।"
अभी के लिए, इस बोझ का ज़्यादातर हिस्सा तेल मार्केटिंग कंपनियों पर पड़ता दिख रहा है। Geojit Investments Limited के रिसर्च एनालिस्ट, अरुण कैलासन ने बताया कि जब कच्चे तेल की कीमत लगभग $95 प्रति बैरल थी, तब भी भारतीय तेल मार्केटिंग कंपनियाँ "हर दिन लगभग 1,600 करोड़ रुपये (महीने के 48,000 करोड़ रुपये) का नुकसान झेल रही थीं।" उन्होंने मुझे बताया कि, "मुनाफ़े के मौजूदा रिज़र्व लगभग खत्म हो चुके हैं। ऐसे में, अगर कीमतें नहीं बढ़ाई जातीं या सरकार से आर्थिक मदद नहीं मिलती, तो मौजूदा कीमतों को लंबे समय तक बनाए रखना मुश्किल होगा।" अगर कच्चे तेल की कीमत $100 से ऊपर बनी रहती है, तो यह नुकसान और भी बढ़ सकता है।
ईंधन की कीमतें बढ़ने में अभी और कितना समय लगेगा?
यह इस बात पर निर्भर करता है कि कच्चे तेल की कीमतें कितने समय तक ऊंची बनी रहती हैं। पुनीत सिंघानिया, डायरेक्टर – मास्टर कैपिटल सर्विसेज़ लिमिटेड, ने बताया कि असली दबाव तब शुरू होता है जब कच्चा तेल $100 से ऊपर बना रहता है।
उन्होंने कहा, “असली समस्या तब शुरू होती है जब कच्चे तेल की कीमतें और ऊपर जाती हैं और $100 प्रति बैरल से ऊपर बनी रहती हैं। तभी मार्जिन पर असली दबाव आता है और कैश फ्लो कम होने लगता है।”
उन्होंने पहले कहा था कि अगर कच्चा तेल $85 से $95 की रेंज में रहता है, तो कंपनियाँ शायद एक या दो तिमाही तक कीमतें स्थिर रख सकती हैं, हालाँकि मुनाफ़ा कम ही रहेगा।
आसान शब्दों में कहें तो, कीमतों में थोड़ी-बहुत बढ़ोतरी तो संभाली जा सकती है, लेकिन लंबे समय तक बढ़ोतरी को संभालना मुश्किल हो सकता है।
अभी, पेट्रोल या डीज़ल की कीमतों में तुरंत बढ़ोतरी का कोई आधिकारिक संकेत नहीं है। लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊँची बनी रहती हैं, तो नीति-निर्माताओं और तेल कंपनियों को आखिरकार वही पुराने विकल्प चुनने पड़ सकते हैं, जैसे कि धीरे-धीरे ईंधन की कीमतें बढ़ाना, दबाव कम करने के लिए टैक्स में कटौती करना, या तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) द्वारा कुछ समय के लिए नुकसान खुद उठाना।
मनस मजूमदार, पार्टनर, ऑयल एंड गैस सेक्टर लीडर, PwC इंडिया, ने मुझे बताया कि भारतीय तेल कंपनियों ने पिछले दो सालों में जो बफ़र (सुरक्षा कोष) बनाए हैं, वे बिना किसी वित्तीय मदद या खुदरा कीमतों में बदलाव के, अगले तीन से चार महीनों में खत्म हो सकते हैं।
तो, क्या आपको पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ती कीमतों के लिए तैयार रहना चाहिए? तुरंत तो नहीं, लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊँची बनी रहती हैं, खासकर $90 प्रति बैरल से ऊपर, तो ऐसा होना निश्चित रूप से संभव है। अगर कच्चा तेल $100 से ऊपर बना रहता है, तो इसकी संभावना और भी बढ़ जाती है, और कीमतों में होने वाली कोई भी बढ़ोतरी ज़्यादा तेज़ भी हो सकती है।
IPL में आज भी दो मैच खेले जाएंगे। दिन के दूसरे मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) अपने होम ग्राउंड इकाना स्टेडियम में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) का सामना करेगी। मुकाबला शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। जिसका टॉस शाम 7:00 बजे होगा। लखनऊ और कोलकाता का इस सीजन दूसरी बार सामना होगा। 3 अप्रैल को कोलकाता में खेले गए मैच में LSG ने KKR को 3 विकेट से हराया था। दोनों टीमों का प्रदर्शन इस सीजन काफी निराशाजनक रहा है। दोनों पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे हैं। लखनऊ ने 7 में से 2 मैच जीते और 9वें नंबर पर है। वहीं, कोलकाता को 7 में से अब तक सिर्फ एक जीत नसीब हुई है। लखनऊ की बादशाहत, 7 में से जीते 5 मैच दोनों टीमों के बीच अब तक लखनऊ का पलड़ा भारी नजर आता है। अब तक खेले गए कुल 7 मैचों में से लखनऊ ने 5 मुकाबलों में जीत दर्ज की है, जबकि कोलकाता को केवल 2 मैचों में सफलता मिली है। मार्श और प्रिंस लखनऊ के बड़े हथियार LSG के लिए इस सीजन में मिचेल मार्श ने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने 7 मैचों में 134.61 की स्ट्राइक रेट से 210 रन बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक शामिल है। गेंदबाजी में प्रिंस यादव सबसे सफल रहे हैं, जिन्होंने 7 मैचों में 13 विकेट चटकाए हैं। अंगकृष और कार्तिक त्यागी KKR की ताकत कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से युवा बैटर अंगकृष रघुवंशी फॉर्म में हैं। उन्होंने 7 मैचों में 142.85 की स्ट्राइक रेट से 200 रन बनाए हैं, जिसमें 2 फिफ्टी शामिल हैं। गेंदबाजी विभाग में कार्तिक त्यागी 7 मैचों में 8 विकेट ले चुके हैं। यहां 26वां मैच खेला जाएगा लखनऊ के इकाना स्टेडियम की पिच पर स्पिनर्स को मदद मिलने की उम्मीद है। यहां अब तक कुल 25 IPL मैच खेले गए। 10 मैच में पहले बैटिंग और 14 में चेज करने वाली टीमों को जीत मिली। एक मैच बेनतीजा भी रहा। यहां IPL का सबसे बड़ा स्कोर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के नाम है, जिन्होंने 2024 में लखनऊ के खिलाफ 235/6 रन बनाए थे। वहीं, सबसे छोटा स्कोर लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के नाम दर्ज है, जब वे 2023 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ महज 108 रन पर सिमट गए थे। लखनऊ में आज तेज गर्मी रहेगी लखनऊ में रविवार को काफी तेज धूप और काफी गर्मी रहेगी। हवा की रफ्तार 19 किमी प्रति घंटा रहेगी। मैच वाले दिन यहां का तापमान 43 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 लखनऊ सुपर जायंट्स: मिचेल मार्श, आयुष बडोनी, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), ऐडन मार्करम, निकोलस पूरन, मुकुल चौधरी, मोहम्मद शमी, मोहसिन खान, प्रिंस यादव, दिग्वेश राठी, मयंक यादव और हिम्मत सिंह। कोलकाता नाइट राइडर्स: टिम साइफर्ट, सुनील नरेन, अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, रिंकू सिंह, रमनदीप सिंह, रोवमन पॉवेल, अनूकुल रॉय, वैभव अरोरा, कार्तिक त्यागी और वरुण चक्रवर्ती।
Sat, 25 Apr 2026 23:40:00