मारुति सुजुकी इंडिया का प्रोडक्शन वित्त वर्ष 26 में ऑल-टाइम हाई पर रहा
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने गुरुवार को कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में उसने 23.4 लाख यूनिट्स का उत्पादन किया है, जो कि अब तक का सबसे अधिक वार्षिक उत्पादन है।
देश में वार्षिक आधार पर 23 लाख से अधिक यूनिट्स का उत्पादन करने वाली मारुति सुजुकी एकमात्र कार मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है।
कंपनी ने बयान में कहा कि वैश्विक स्तर पर सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन की सभी कंपनियों में मारुति सुजुकी इंडिया एक मात्र कंपनी है, जिसने यह उपलब्धि हासिल की है।
कंपनी का उद्देश्य उत्पादन को बढ़ाकर 40 लाख यूनिट्स प्रति वर्ष तक करना है।
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और सीईओ, हिसाशी ताकेउची ने कहा, “यह हमारे लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि विश्व भर में बहुत कम कंपनियां एक ही देश में इतनी बड़ी मात्रा में उत्पादन करने में सक्षम हैं। मारुति सुजुकी में, हम हमेशा से ऐसे उत्पाद और तकनीकें पेश करने में विश्वास रखते आए हैं जो हमारे ग्राहकों की बदलती जरूरतों और आकांक्षाओं को पूरा करती हैं, जिससे पीढ़ी दर पीढ़ी उनका विश्वास अर्जित होता रहा है।”
कंपनी ने बताया कि डिजायर, फ्रोंक्स, स्विफ्ट, एर्टिगा और बलेनो वर्ष के दौरान सबसे अधिक उत्पादित मॉडल रहे, जिनमें से प्रत्येक ने दो लाख यूनिट का आंकड़ा पार किया।
ताकेउची ने कहा, “इसकी नींव हमारे कर्मचारियों, विक्रेताओं और डीलर भागीदारों के साथ हमारे आपसी विश्वास और दीर्घकालिक सहयोग पर टिकी है। वर्तमान सरकार की नीतिगत व्यवस्था, जैसे जीएसटी 2.0 की शुरुआत, ने बाजार के भरोसे को मजबूत किया और एक महत्वपूर्ण समय में मांग को बढ़ाया, जिससे हमें रिकॉर्ड-उच्च यूनिट उत्पादन करने में मदद मिली।”
वर्तमान में, ऑटोमोबाइल कंपनी हरियाणा के गुरुग्राम, मानेसर और खरखोदा में एक-एक और गुजरात के हंसलपुर में चार विनिर्माण संयंत्र संचालित करती है।
इन संयंत्रों की कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता 24 लाख यूनिट है।
क्षमता विस्तार रणनीति के तहत, कंपनी ने मार्च 2026 में गुजरात के सानंद स्थित खोराज औद्योगिक एस्टेट में अपने पांचवें विनिर्माण संयंत्र के लिए भूमि का चयन किया।
पूरी तरह से चालू होने पर, इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 10 लाख यूनिट होगी।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
बच्चों और बुजुर्गों को हीटवेव का खतरा सबसे ज्यादा, जानें बचाव के आसान उपाय
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। देश में गर्मी तेजी से बढ़ रही है और हीटवेव या लू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन आयु वर्ग के लोगों का शरीर तापमान को जल्दी नियंत्रित नहीं कर पाता, जिससे वे लू की चपेट में जल्दी आ सकते हैं।
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में लू लगने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इनकी उम्र के कारण शरीर तापमान को जल्दी नियंत्रित नहीं कर पाता, जिससे डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में इन दोनों आयुवर्ग के लोगों की विशेष देखभाल जरूरी है।
बच्चों का शरीर अभी पूरी तरह विकसित नहीं होता और उनकी पसीने की ग्रंथियां भी कम सक्रिय होती हैं। वहीं, बुजुर्गों में कई बार दवाइयों का असर या कमजोर स्वास्थ्य के कारण शरीर गर्मी को सहन नहीं कर पाता। दोनों ही मामलों में लू लगने की आशंका बढ़ जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी से इन जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
लू लगने के मुख्य लक्षणों पर नजर डालें तो इनमें चक्कर आना, तेज सिरदर्द, ज्यादा पसीना आना, अचानक कमजोरी महसूस होना, मतली या उल्टी जैसा लगना। अगर किसी बच्चे या बुजुर्ग में ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और उन्हें ठंडी जगह पर ले जाएं। ऐसे में एनएचएम सुरक्षा के आसान और प्रभावी उपाय भी बताता है।
पानी ज्यादा पिएं: - बच्चों और बुजुर्गों को बार-बार पानी पिलाएं। सामान्य पानी के साथ नींबू पानी, छाछ या ओआरएस घोल भी दिया जा सकता है। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए तरल पदार्थों का सेवन जरूरी है।
धूप से बचाव: - बाहर निकलते समय सिर पर टोपी, आंखों पर चश्मा और हल्के, ढीले, सूती कपड़े पहनें। इससे शरीर की गर्मी आसानी से बाहर निकल सके।
दोपहर के समय घर में रहें: - दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर ही रखें। इस समय सूर्य की किरणें सबसे तेज होती हैं।
हल्का और पौष्टिक खाना: - भोजन में ज्यादा तेल-मसाले वाले भारी खाने से बचें। फल, सब्जियां, दही और हल्का खाना दें जो शरीर को ठंडक प्रदान करे और सुपाच्य हो।
परहेज रखें:- शराब, ज्यादा कैफीन वाली चीजें और बहुत ठंडे पेय पदार्थों से दूर रहें। ये शरीर के तापमान को असंतुलित कर सकते हैं। प्राकृतिक शरबत या जूस का सेवन करें।
शरीर की निगरानी: बच्चों और बुजुर्गों पर लगातार नजर रखें। अगर वे थकान महसूस करें या खेलने-घूमने में कम रुचि दिखाएं तो उन्हें आराम कराएं व डॉक्टर से सलाह लें।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह है कि गर्मी के मौसम में घरों में पंखे, कूलर या एसी का इस्तेमाल करें और कमरों को ठंडा रखें। अगर किसी को लू लगने का शक हो तो उसे ठंडे पानी से नहलाएं, गीले कपड़े से शरीर पोछें और तुरंत चिकित्सकीय मदद लें। इन आसान उपायों से बच्चों और बुजुर्गों को गर्मी की मार से बचा सकते हैं।
--आईएएनएस
एमटी/एएस
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