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भारत-अफ्रीका फोरम समिट 2026, दोनों क्षेत्रों के लिए सहयोग के नए रास्ते खोलेगा : भारत में दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत में दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त अनिल सूकलाल ने गुरुवार को कहा कि चौथी भारत-अफ्रीका फोरम समिट 2026 से दोनों क्षेत्रों के बीच सहयोग के नए अवसर खुलेंगे।
उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि मुझे लगता है कि भारत और अफ्रीका दोनों के लिए यह मंच बहुत महत्वपूर्ण है। अफ्रीकी महाद्वीप और भारत के बीच सदियों पुराने मजबूत ऐतिहासिक संबंध रहे हैं।
मुझे लगता है कि 2008 में पहले भारत-अफ्रीका फोरम समिट का उद्घाटन, उसके बाद 2011 में दूसरा और 2015 में तीसरा समिट, जिसमें मैंने दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में भाग लिया था, ने भारत-अफ्रीका सहयोग के लिए एक बेंचमार्क स्थापित किया है।
हालांकि, बीते एक दशक से कई कारणों के चलते यह समिट नहीं हो पाया था, जिसमें कोविड भी एक कारण था।
चौथा भारत-अफ्रीका फोरम समिट 28 से 31 मई के बीच नई दिल्ली में प्रस्तावित है।
सूकलाल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि अफ्रीका विश्व के सबसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में से एक है, और भारत सबसे तेजी से विकसित हो रही प्रमुख अर्थव्यवस्था है। अफ्रीकी महाद्वीप भी तीव्र गति से विकास कर रहा है। हमारे सामने विकास संबंधी समान चुनौतियां और अपने देशों और अपने लोगों के लिए समान आकांक्षाएं हैं।
सूकलाल ने कहा कि मुझे लगता है कि पिछले समिट के आधार पर इस शिखर सम्मेलन में कई क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। वैश्विक शासन सुधारों और संयुक्त राष्ट्र, सुरक्षा परिषद, ब्रेटन वुड्स संस्थानों और विश्व व्यापार संगठन सहित बहुपक्षीय प्रणाली के सुधारों सहित सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निरंतरता देखने को मिलेगी।
हम आतंकवाद सहित अपनी साझा सुरक्षा चुनौतियों का भी समाधान करेंगे, जिसका सामना अफ्रीकी महाद्वीप में भी किया जा रहा है। साथ ही, विकास पहलों पर काम करेंगे, विशेष रूप से उन प्रमुख क्षेत्रों में जहां भारत और अफ्रीका ने पिछले एक दशक में मिलकर काम किया है।
भारत में दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त ने आगे कहा कि इसमें शिक्षा और कौशल विकास शामिल हैं। पिछले शिखर सम्मेलन में, भारत ने अफ्रीका को 50,000 छात्रवृत्तियां प्रदान की थीं, और अब तक अफ्रीकी महाद्वीप को 85,000 से अधिक छात्रवृत्तियां और कौशल प्रशिक्षण के अवसर प्रदान किए जा चुके हैं। मुझे लगता है कि यह शिखर सम्मेलन इस पर और आगे बढ़ेगा, क्योंकि शिक्षा और कौशल विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। अफ्रीका में उपलब्ध विशाल अवसरों का लाभ उठाने के लिए हमारी युवा आबादी के कौशल विकास और शिक्षा में भारत एक महत्वपूर्ण भागीदार हो सकता है।
समिट में दक्षिण अफ्रीका के भाग लेने पर सुखलाल ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि शिखर सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका की ओर से उच्च स्तरीय प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे, साथ ही एक सशक्त व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी इस शिखर सम्मेलन में भाग लेगा। हम इसे न केवल महाद्वीपीय और भारतीय स्तर पर, बल्कि दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच द्विपक्षीय स्तर पर भी साझेदारी को मजबूत करने के एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखते हैं।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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