पाकिस्तान में युवा हिंदू कारोबारी की गोली मारकर हत्या, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
इस्लामाबाद, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। एक अल्पसंख्यक अधिकार संगठन ने बुधवार को पाकिस्तान के सिंध में एक युवा हिंदू कारोबारी की बेरहमी से हत्या का मामला सामने रखा और देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
वॉइस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी (वीओपीएम) के मुताबिक, विशाल कुमार को सिंध के सुक्कुर शहर में दिनदहाड़े लोगों के सामने गोली मार दी गई। इस घटना के बाद पूरे शहर में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों का हवाला देते हुए, मानवाधिकार संस्था ने बताया कि कुछ हथियारबंद लोग विशाल की दुकान में घुसे और अंधाधुंध गोलियां चलाने लगे, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उनकी मौत हो गई। उनके पीछे पत्नी, बच्चे और दुखी परिवार रह गया है। हमलावर मौके से फरार हो गए और अभी तक पकड़े नहीं गए हैं।
वीओपीएम ने कहा, “सुक्कुर, जो कभी एक जिंदादिल शहर था, अब डर के साए में जी रहा है। लोग अपने बच्चों को लेकर ज्यादा सतर्क हैं। दुकानदार जल्दी दुकानें बंद कर रहे हैं और अल्पसंख्यक, खासकर हिंदू, हमेशा डर में जी रहे हैं। पड़ोस में रहने वाले एक शख्स ने कहा कि हम रात को चैन से कैसे सोएं? यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है।”
मानवाधिकार संस्था ने कहा कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने जल्दबाजी में इसे लूटपाट के दौरान हुई हत्या करार दे दिया। हालांकि, विशाल के भाई ने अधिकारियों के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।
उनके भाई ने कहा, “कुछ भी चोरी नहीं हुआ। उन्हें बिल्कुल पास से गोली मारी गई। यह कोई लूट नहीं थी, बल्कि साफ तौर पर सोची-समझी हत्या थी।”
इस घटना से सिंध के हिंदू समुदाय में गहरा डर और गुस्सा है। वीओपीएम का कहना है कि दिनदहाड़े होने वाली ऐसी हत्याएं, कमजोर जांच और बढ़ते अपराधी गिरोहों की वजह से लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अगर जल्दी और पारदर्शी तरीके से न्याय नहीं मिला, तो हालात और खराब हो सकते हैं।
संगठन ने कहा कि विशाल की मौत सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि उनके परिवार के लिए बहुत बड़ा नुकसान है और पूरे शहर की सुरक्षा के लिए एक झटका है।
वीओपीएम ने कहा, “न्याय बहुत जरूरी है, यही समाज को जोड़कर रखता है। अब सवाल यह है कि क्या अधिकारी अगली घटना से पहले कार्रवाई करेंगे? सुक्कुर के लोग डर के माहौल में जवाब का इंतजार कर रहे हैं।”
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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Kishtwar के चाशोटी में बादल फटने के हादसे के बाद बड़ा बदलाव, मचैल माता यात्रा के लिए कड़े नियम लागू
जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ के पड्डर के चाशोटी में हुई बादल फटने की घटना के बाद जम्मू कश्मीर सरकार ने मचैल माता यात्रा की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़े बदलाव किए हैं. पिछले साल 14 अगस्त को पड्डर के चाशोटी में हुई बादल फटने की घटना की तस्वीरों ने पूरी दुनिया ही झकझोर कर रख दिया था...इस घटना में 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई लोग इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए थे....उस समय यात्रा की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पर कई बड़े सवाल उठे थे.....जिसके बाद प्रशासन द्वारा पूरी यात्रा की समीक्षा करके कई कदम उठाए गए थे...किश्तवाड़ के पड्डर में 14 अप्रैल से ये यात्रा एक बार फिर शुरू हो गई है लेकिन इस बार यात्रा के लिए बनाए गए नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है.
14 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा
किश्तवाड़ के पड्डर में मचैल माता यात्रा शुरू हो गई है....अब तक इस यात्रा में करीब 4500 श्रद्धालु माता मचैल के दर्शन कर चुके हैं.यात्रा शुरू हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं ऐसे में हर दिन 70 से 80 यात्री यात्रा के लिए जा रहे हैं...वैसे इस यात्रा की छड़ी 25 जुलाई से 5 सितंबर तक चलती है....लेकिन यात्रा की शुरुआत बैसाखी से ही शुरू हो जाती है...चाशोटी की घटना के पहले यात्री छड़ी से पहले बेरोकटोक यात्रा किया करते थे...लेकिन घटना के बाद अब यात्रा पर आने वाले सभी यात्रियों के लिए नियमों को मानना अनिवार्य कर दिया गया है.....
यात्रा के लिए RFID कार्ड अनिवार्य
जम्मू कश्मीर पुलिस के सीनियर अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक चाशोटी में हुई बादल फटने की घटना के बाद यात्रा को कंट्रोल में रखने के लिए RFID कार्ड अनिवार्य बनाया गया है.....श्रद्धालु मचैल माता यात्रा को लेकर बनाई गई वेबसाइट के जरिए अपनी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं...जिसके बाद किश्तवाड़ के गौरी शंकर मंदिर या फिर SDM ऑफिस गुलाबगढ़ में रजिस्ट्रेशन दिखाकर वो अपना RFID कार्ड ले सकते हैं.....पुलिस अधिकारी के मुताबिक RFID कार्ड की चेकिंग करने के लिए पहला नाका गुलाबगढ़ में ही लगाया गया है जहां RFID कार्ड को स्कैन किया जाता है...इसी तरह के दो और नाके यात्रा के रास्ते में भी बनाए गए हैं.....जहां RFID कार्ड की स्कैनिंग की जा रही है....
वुल्नरेबल प्वाइंट्स की पहचान
मचैल माता यात्रा के दुर्गम रास्ता होने के चलते 35 वुल्नरेबल प्वाइंट्स की प्रशासन द्वारा निशानदेही की गई है....रोड, लैंडस्लाइड, क्लाउड बर्स्ट वाली जगहों पर CCTV कैमरा इंस्टॉल किए गए हैं....गुलाबगढ़ SDM ऑफिस में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है...जहां से पूरी यात्रा की मॉनिटरिंग की जा रही है....रात के समय यात्रा पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई है....यात्रा का टाइमिंग सुबह 6 बजे से रात के 6 बजे तक रखा गया है.....
6000 यात्री कोटा
यात्रा के लिए यात्री कोटा को 6000 प्रतिदिन कर दिया गया है....किश्तवाड़ और गुलाबगढ़ में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने और RFID कार्ड दिए जाने की भी सुविधा रखी गई है....गुलाबगढ़ से मचैल माता मंदिर के बीच रोड का काम भी लगभग पूरा हो चुका है.....इस बीच प्रशासन द्वारा मौसम खराब होते ही यात्रा को बंद करने के भी निर्देश हैं....साफ है कि चाशोटी में हुए हादसे के बाद जम्मू कश्मीर सरकार और प्रशासन ने न केवल मचैल माता यात्रा की समीक्षा की है बल्कि इसके साथ ही जम्मू कश्मीर में होने वाली दूसरी सभी यात्राओं की भी समीक्षा की गई है ताकि भविष्य में चाशोटी जैसी किसी भी घटना से बचा जा सके......
(रिपोर्ट: शाहनवाज खान)
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