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इजरायल-लेबनान के बीच दूसरे दौर की वार्ता से पहले विदेश मंत्री सार का बयान, 'कोई गंभीर मतभेद नहीं'

तेल अवीव, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। लेबनान और इजरायल के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में कई सालों के बाद बातचीत हो रही है। पहले राउंड की वार्ता अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो की मौजूदगी में हुई। अब दूसरे दौर की वार्ता होने जा रही है।

इस संबंध में इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने कहा कि बेरूत और यरुशलम के बीच गुरुवार को वॉशिंगटन में होने वाली बातचीत के अगले दौर से पहले, इजरायल का लेबनान के साथ कोई गंभीर मतभेद नहीं है।

यरूशलम में विदेशी डिप्लोमैटिक कॉर्प्स के लिए स्वतंत्रता दिवस के रिसेप्शन में सार ने कहा, “हमने 40 से ज्यादा सालों के बाद लेबनान के साथ सीधे बातचीत करने का ऐतिहासिक फैसला किया है।”

विदेश मंत्री सार ने कहा, बदकिस्मती से, लेबनान एक नाकाम देश है। एक ऐसा देश जो असल में हिज्बुल्लाह के जरिए ईरान के कब्जे में है। लेकिन, इससे यह नतीजा भी निकलता है कि हिज्बुल्लाह इजरायल और लेबनान का एक आम दुश्मन है। जैसे यह इजरायल की सुरक्षा के लिए खतरा है, वैसे ही यह लेबनान की आजादी को नुकसान पहुंचाता है और उसके भविष्य के लिए खतरा है।

इजरायली विदेश मंत्री ने कहा कि इजरायल का लेबनान के साथ कोई गंभीर मतभेद नहीं है। कुछ छोटे-मोटे बॉर्डर विवाद हैं, जिन्हें सुलझाया जा सकता है। देशों के बीच शांति और नॉर्मलाइजेशन में एक ही रुकावट है, हिज्बुल्लाह।

अगले राउंड की वार्ता से पहले उन्होंने लेबनान सरकार से अपील की है कि हिज्बुल्लाह ने आपके इलाके में जो आतंकी राज बनाया है, उसके खिलाफ मिलकर काम करें। इस सहयोग की जरूरत आपको हमसे भी ज्यादा है। इसके लिए नैतिक तौर पर साफ सोच और जोखिम उठाने की हिम्मत चाहिए। लेकिन, आपके और हमारे लिए शांति का भविष्य सुनिश्चित करने का कोई असली विकल्प नहीं है। आपके लिए, लेबनान के लिए संप्रभुता, आजादी और ईरानी कब्जे से आजादी का भविष्य है।

बता दें कि इससे पहले लेबनान और इजरायल के बीच लगभग 34 सालों के बाद आधिकारिक तौर पर बातचीत हुई।

--आईएएनएस

केके/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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Hormuz Strait में फिर बढ़ा तनाव, Iran के IRGC ने इजरायली Ship समेत 2 जहाज़ों को कब्ज़े में लिया

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बुधवार को दावा किया कि उसकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो जहाजों को ज़ब्त कर लिया है। IRGC ने आरोप लगाया कि इन जहाजों ने उसके क्षेत्रीय जल का उल्लंघन किया और तेहरान से बिना अनुमति लिए इस रणनीतिक जलमार्ग से बाहर निकलने की कोशिश की। यह घटना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अस्थायी संघर्ष विराम को अनिश्चित काल के लिए बढ़ाने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद हुई। ईरानी सरकारी मीडिया, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, ये दोनों जहाज—जिनकी पहचान "MSC-FRANCESCA" और "EPAMINODES" के रूप में हुई है—इस रणनीतिक जलमार्ग से गुज़रते समय कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन कर रहे थे।

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IRGC ने अपने बयान में कहा कि ये जहाज बिना अनुमति के जलडमरूमध्य से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। IRGC ने उन पर बार-बार नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया, जिसमें नेविगेशनल सहायता प्रणालियों के साथ छेड़छाड़ करना और समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालना शामिल है। IRIB द्वारा जारी बयान के अनुसार, "होरमुज़ जलडमरूमध्य पर 'इंटेलिजेंट कंट्रोल' (बुद्धिमानीपूर्ण नियंत्रण) के तहत, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने आज सुबह दो उल्लंघनकारी जहाजों की पहचान की। इनमें से एक जहाज 'MSC-FRANCESCA' ज़ायोनी शासन से संबंधित था, और दूसरा जहाज 'EPAMINODES' था। ये जहाज बार-बार नियमों का उल्लंघन करते हुए, नेविगेशनल सहायता प्रणालियों से छेड़छाड़ करते हुए और समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालते हुए, बिना किसी अनुमति के होरमुज़ जलडमरूमध्य से गुपचुप तरीके से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे।

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बयान में आगे दावा किया गया कि IRGC बलों द्वारा खुफिया निगरानी के बाद इन जहाजों को रोका गया और बाद में उन्हें ईरानी क्षेत्रीय जल में ले जाया गया। अब इन जहाजों को उनके माल और दस्तावेजों की जांच के लिए आगे भेज दिया गया है। IRGC नौसेना ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि वह इस जलडमरूमध्य पर अपना "इंटेलिजेंट कंट्रोल" बनाए रखती है। उसने यह भी दोहराया कि ईरान के समुद्री नियमों का उल्लंघन करने वाला या इस जलमार्ग से सुरक्षित आवागमन में बाधा डालने वाला कोई भी कार्य, उसकी कड़ी निगरानी में रहेगा।

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  Sports

Doping test: 69 इंटरनेशनल मैच खेल चुके दिग्गज पर लगा 2 साल का बैन, कोकीन टेस्ट में पाया गया पॉजिटिव

न्यूज़ीलैंड के पूर्व तेज-मध्यम गेंदबाज डग ब्रेसवेल पर काउंटी क्रिकेट खेलने से दो साल का प्रतिबंध लगा दिया गया। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के क्रिकेट नियामक ने उन्हें कोकीन का इस्तेमाल करने के मामले में दोषी पाया। यह दूसरी बार है जब ब्रेसवेल प्रतिबंधित पदार्थ जांच में फंसे। इस फैसले के बाद वह नवंबर 2027 तक किसी भी अधिकृत क्रिकेट गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।

यह मामला सितंबर में खेले गए काउंटी मुकाबले से जुड़ा है। 25 सितंबर को चेल्म्सफोर्ड में एसेक्स काउंटी क्रिकेट क्लब और समरसेट के बीच डिवीजन एक मैच खेला गया था। इसी मुकाबले के दौरान ब्रेसवेल का नमूना लिया गया था।

लंदन की विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी से मान्यता प्राप्त लैब में जांच के बाद नमूने में कोकीन और उसके मेटाबोलाइट बेंजोयलेक्गोनिन की मौजूदगी पाई गई। ये दोनों पदार्थ टूर्नामेंट के दौरान प्रतिबंधित श्रेणी में आते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेसवेल के पास इस पदार्थ के इस्तेमाल के लिए किसी तरह की चिकित्सीय मंजूरी नहीं थी। बाद में उन्होंने माना कि 24 सितंबर की शाम से लेकर 25 सितंबर की सुबह तक उन्होंने कोकीन का सेवन किया था। यानी मैच शुरू होने से ठीक पहले उन्होंने प्रतिबंधित पदार्थ लिया था।

इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने उनके खिलाफ डोपिंग नियमों के अनुच्छेद 2.1 और 2.2 के तहत कार्रवाई की। इसमें शरीर में प्रतिबंधित पदार्थ पाए जाने और उसके उपयोग दोनों को उल्लंघन माना गया। क्रिकेट नियामक ने माना कि यह सेवन खेल प्रदर्शन बढ़ाने के उद्देश्य से नहीं था, बल्कि नशे की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर नियमों के तहत उन्हें दो साल का प्रतिबंध दिया गया।

ब्रेसवेल ने इस सजा को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद मामले की सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। उनका निलंबन 24 नवंबर से प्रभावी माना गया है, जिस दिन उन पर अस्थायी रोक लगाई गई थी। यह प्रतिबंध 23 नवंबर 2027 तक चलेगा। जांच अवधि के दौरान 25 सितंबर से 24 नवंबर के बीच उनके सभी परिणाम रद्द कर दिए गए हैं। हालांकि एसेक्स काउंटी क्रिकेट क्लब पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

डग ब्रेसवेल ने 2011 से 2023 के बीच न्यूज़ीलैंड के लिए 69 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले थे। उन्होंने दिसंबर में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी थी। बावजूद इसके यह प्रतिबंध लागू रहेगा और वह इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड या विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी के अधीन किसी भी क्रिकेट गतिविधि से दूर रहेंगे। यह मामला क्रिकेट जगत के लिए एक बड़ा संदेश है कि संन्यास के बाद भी नियम उल्लंघन पर कार्रवाई जारी रह सकती है।

Fri, 24 Apr 2026 18:27:25 +0530

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