पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के पहले चरण से एक दिन पहले, सुप्रीम कोर्ट ने I-PAC रेड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर सुनवाई करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कड़ी फटकार लगाई। शीर्ष अदालत ने कहा कि एक चल रही जाँच में उनके दखल से लोकतांत्रिक प्रक्रियाएँ खतरे में पड़ गई हैं। अदालत की यह टिप्पणी बुधवार को सुनवाई के दौरान आई। बेंच ने कहा कि यह केंद्र बनाम राज्य का विवाद नहीं है, बल्कि एक ऐसी स्थिति है जहाँ एक मुख्यमंत्री जाँच के एक अहम चरण में दखल दे रही हैं।
कोर्ट के अनुसार, ऐसा बर्ताव सीधे तौर पर लोकतांत्रिक ढांचे के लिए खतरा है। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह राज्य और केंद्र के बीच का विवाद नहीं है। यह एक ऐसा मामला है, जिसमें एक व्यक्ति, जो मुख्यमंत्री भी है, जांच के बीच में दखल दे रहा है और लोकतंत्र को खतरे में डाल रहा है। जजों ने आगे कहा कि हमने कभी सोचा भी नहीं था कि इस देश में ऐसा दिन भी आएगा, जब कोई मुख्यमंत्री जांच के बीच में दखल देगा।" एक और कड़ी टिप्पणी करते हुए बेंच ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पूरे सिस्टम को खतरे में डाल दिया है।
ED ने TMC नेताओं पर शिकंजा कसा
एक और घटनाक्रम में, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। एजेंसी ने पार्टी के उम्मीदवारों सुजीत बोस और रथिन घोष को चौथा समन जारी किया है और उन्हें 24 अप्रैल को उसके सामने पेश होने का निर्देश दिया है। सुजीत बोस 2026 के चुनावों में बिधाननगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि रथिन घोष मध्यमग्राम से मैदान में हैं।
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पश्चिम बंगाल का मालतीपुर विधानसभा क्षेत्र मालदा ज़िले के उत्तरी हिस्से में स्थित है। परिसीमन के बाद साल 2011 में यह सीट अस्तित्व में आई थी। आमतौर पर यह मुस्लिम बहुल सीट मानी जाती है। यहां मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी करीब 60% से ज्यादा है। बता दें कि राज्य में दो चरणों में चुनाव कराए जाएंगे। जिसमें पहले फेज में 23 अप्रैल 2026 को और दूसरे फेज में 29 अप्रैल 2026 को मतदान होने हैं। तो आइए जानते हैं इस सीट का समीकरण।
मुख्य मुकाबला
बता दें कि साल 2026 के विधानसभा चुनाव में मालतीपुर विधानसभा से तृणमूल कांग्रेस ने अब्दुर रहीम बॉक्सी को चुनाव रण में उतारा है। तो वहीं कांग्रेस पार्टी ने यहां से मासूम नूर को अपना उम्मीदवार बनाया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस सीट से आशीष दास पर दांव लगाया है, जबकि सीपीएम ने मिनारुल हुसैन पर भरोसा जताया है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस सीट से कौन सा उम्मीदवार जनता का विश्वास जीत पाता है।
टीएमसी ने जमाई जड़ें
मालतीपुर की राजनीति में विचारधाराओं के टकराव की जगह स्थानीय नेताओं का और समुदाय के प्रति वफ़ादारी का बोलबाला रहता है। ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी ने यहां पर धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत बनाई है। इसके पीछे ज़मीनी स्तर पर लोगों को एकजुट करने सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की रणनीति का अहम योगदान रहा है। वहीं साल 2021 में भारतीय जनता पार्टी ने भी यहां पर अपनी पैठ बनाने का प्रयास किया है, लेकिन अभी तक पार्टी को सफलता नहीं मिल पाई है।
सत्ता बरकरार रखने की चुनौती
इस चुनाव में जहां एक ओर तृणमूल कांग्रेस के लिए फिर से सत्ता को बरकरार रखने की चुनौती है, तो वहीं भाजपा के लिए सत्ता पर काबिज होना का मौका है। टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ने चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। तो वहीं भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने स्टार प्रचारकों के जरिए चुनाव प्रचार अभियान में पूरी ताकत लगाई है।
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