Responsive Scrollable Menu

नसीरुद्दीन शाह के बयान पर भड़के पीयूष मिश्रा:CJP प्रोटेस्ट पर सेलेब्स की चुप्पी पर कहा था- जिन कुत्तों के मुंह में हड्डी है वो चुप

सीनियर एक्टर पीयूष मिश्रा ने झारखंड प्रोटेस्ट में पहुंचकर नसीरुद्दीन शाह के एक बयान पर नाराजगी जाहिर कर उन पर कटाक्ष किया है। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह और अन्य सेलेब्स की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। झारखंड प्रोटेस्ट में शामिल हुए पीयूष मिश्रा ने कहा है, ‘नसीरुद्दीन शाह साहब, आपने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर सेलेब्स के कुछ न कहने पर एक बात कही थी कि जिन कुत्तों के मुंह में हड्डी है वह नहीं बोलेंगे। माफ करिएगा, मैं आपका प्रति पूरा सम्मान देकर पूछना चाहता हूं कि इस वक्त वो कौन कुत्ते हैं, जिनके मुंह में हड्डी है।’ क्या था नसीरुद्दीन शाह का पूरा बयान? कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर सेलेब्स की चुप्पी पर बात करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने द वायर से कहा था, सेलेब्स तब बोलेंगे, जब उनका जमीर उनसे ऐसा करने को बोलेगा। एक कहावत है कि जिस कुत्ते के मुंह में हड्डी होती है, वो भौंक नहीं सकता। जैसे ही हड्डी उसके मुंह से गिरेगी या दांत टूटेंगे, तब वो भौंकेगा। झारखंड प्रोटेस्ट में पहुंचे पीयूष मिश्रा झारखंड की राजधानी रांची में परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है। प्रदर्शन के 16वें दिन अभिनेता और गायक पीयूष मिश्रा धरना स्थल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने अभ्यर्थियों के बीच बैठकर उनका समर्थन किया। मीडिया से बातचीत में पीयूष मिश्रा ने कहा कि वे छात्रों के इंटरव्यू देखकर और उनकी आंखों में दर्द देखकर यहां आए हैं। इस दौरान उन्होंने अपनी फिल्म 'गुलाल' का प्रसिद्ध गाना 'आरंभ है प्रचंड' भी गाया, जिससे पूरे परिसर में उत्साह दिखाई दिया। मीडिया से बातचीत में पीयूष मिश्रा ने रांची आने की वजह बताई। उन्होंने कहा कि उनका यहां आने का कोई अन्य मकसद नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारी छात्रों के इंटरव्यू देखे थे। छात्रों की आंखों में दर्द, तकलीफ और आंसू देखकर उनसे रहा नहीं गया। दो दिन का समय खाली मिलते ही वे सीधे रांची आ गए। उन्होंने प्रोटेस्ट के लिए आर्थिक मदद देने की भी बात कही है।

Continue reading on the app

मोदी बोले- मीराबाई के हर आंसू से गोल्ड मेडल टपका:हरियाणा की सीमा बोली- दोस्त कहते थे पीएम से मिली क्या, अब कहूंगी कि मिली हूं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों से अपने आवास पर मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से उनके अनुभव जाने और उनकी उपलब्धियों की सराहना की। खिलाड़ियों के साथ हुई इस मुलाकात का वीडियो सोमवार को यूट्यूब पर लाइव किया गया। बातचीत की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, पिछले 10-12 सालों में अगर मैं इस आवास पर नियमित रूप से किसी से मिला हूं, तो वे खिलाड़ी हैं। 10-12 सालों में खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, लगातार सफलता और नई ऊंचाइयों को छूने की परंपरा ने देश का मान बढ़ाया है। मैनें अपना मेडल गुरु को गिफ्ट किया- दिलीप पैरा एथलीट दिलीप महादु गावित ने अपना मेडल अपने गुरु को समर्पित किया। उन्होंने कहा, इवेंट के दिन गुरु पूर्णिमा थी और मैंने अपने गुरु को यह मेडल गिफ्ट के तौर पर दिया। दिलीप ने पुरुषों की पैरा T47 कैटेगरी की 100 मीटर रेस में 10.71 सेकेंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया था। मैं अपने आंसू नहीं रोक सकी- चानू PM मोदी ने वेटलिफ्टर मीराबाई चानू से कहा, आपके इतने आंसू टपक रहे थे कि मुझे लगा, हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा हो। चानू ने कहा, पेरिस ओलिंपिक में मेडल से चूकने के बाद पिछले चार साल मेरे लिए बेहद मुश्किल रहे। इस दौरान मुझे लगातार चोटों और पारिवारिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने के बाद जब मैं पोडियम पर खड़ी थी और राष्ट्रगान बज रहा था, तब मैं अपने आंसू नहीं रोक सकी। चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में विमेंस वेटलिफ्टिंग की 48 kg वेट कैटेगरी में कुल 190 किलो वजन उठाकर गोल्ड जीता था। मैनें तय कर लिया था पाकिस्तान को हराना है- जादुमणि मुक्केबाज जादुमणि सिंह ने 26 जुलाई को प्री-क्वार्टरफाइनल में पाकिस्तान के रहमान सुमामा को 5-0 से हराया था। कारगिल विजय दिवस के दिन हुए इस मुकाबले पर जादुमणि ने कहा, मैं भारतीय सेना से जुड़ा हूं, इसलिए मैंने पहले ही तय कर लिया था कि पाकिस्तान को हराना है। मैंने 5-0 से जीत दर्ज की और अपना मेडल कारगिल के वीरों को डेडिकेट किया। पीएम मोदी ने उनके इस जज्बे की तारीफ करते हुए कहा कि कारगिल के वीरों को मेडल समर्पित करने की भावना ने इस जीत को और खास बना दिया। नरेंद्र’नाम से ही नफरत हो गई है मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले का एक दिलचस्प किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा, 2015 के वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स में पाकिस्तान के खिलाफ मेरी पहली फाइट थी। मिलिट्री की ओर से कॉल आई थी कि पाकिस्तान से नहीं हारना है। मैंने मुकाबला जीत लिया, लेकिन इस दौरान हम दोनों खिलाड़ी चोटिल हो गए और जीत के बाद दोनों को अस्पताल जाकर टांके लगवाने पड़े। वहां उसने मुझसे पूछा, ‘भाई जान, एक बात बोलूं?’ मैंने कहा, ‘हां, बोलो।’ उसने कहा, ‘आपका नाम नरेंद्र है, आपके कोच का नाम भी नरेंद्र है और आपके प्रधानमंत्री का नाम भी नरेंद्र है।’ इसके बाद उसने मजाकिया अंदाज में कहा कि उसे ‘नरेंद्र’ नाम से ही नफरत हो गई है।” हां, मैं मोदी जी से मिली हूं - सीमा हरियाणा की सीमा कालीरमन ने कहा, “मेरे दोस्त अक्सर मजाक में पूछते थे, ‘तन्नै मोदी तै मुलाकात कर ली के?’ यानी, क्या तू मोदी से मिली हुई है? अब मैं खुशी से उन्हें बोल पाउंगी कि हां, मैं मोदी जी से मिली हूं।” सीमा ने डिस्कस थ्रो में 58.65 मीटर का थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल जीता था। पहले भी खिलाड़ियों से मिल चुके हैं मोदी मुक्केबाजों ने सबसे ज्यादा मेडल जीते भारत के 39 पदकों में सबसे बड़ा योगदान बॉक्सिंग का रहा। मुक्केबाजों ने 7 गोल्ड और 3 सिल्वर समेत कुल 10 मेडल जीते। यानी हर चार में से एक मेडल बॉक्सिंग से आया। एथलेटिक्स में 10 मेडल आए, लेकिन इसमें गोल्ड नहीं मिला। वेटलिफ्टिंग से 8, पैरा एथलेटिक्स से 6, जूडो से 4 और पैरा पावरलिफ्टिंग से 1 मेडल मिला। कुल मिलाकर 39 में से 37 पदक सिर्फ पांच खेलों से आए।

Continue reading on the app

  Sports

किस चीज़ के आगे फीकी है प्रैक्टिस? टीम इंडिया के बैटिंग कोच ने ऐसा क्यों कहा

भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट गॉल में 15 अगस्त से खेला जाएगा. टीम इंडिया के बैटिंग कोच ने प्रैक्टिस मैच के बाद अहम बात कही Mon, 10 Aug 2026 14:24:35 +0530

  Videos
See all

Shorts | इलाके में घुसा अजगर, लोगों में फैला डर #viral #shorts #trending #viralvideo #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-10T09:15:02+00:00

Jharkhand Student Protest Live: विधानसभा परिसर की दीवार फांदने लगे छात्र, खेतों से बनाया रास्ता #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-10T09:11:00+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers