पीएम मेलोनी पर रूसी टीवी एंकर ने दिया विवादित बयान, इटली के विदेश मंत्रालय ने रूसी राजदूत को किया तलब
नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। रूस के एक टीवी एंकर ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर अपमानजनक शब्द कहे। इसके बाद इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने जानकारी दी है कि इटली ने रोम में रूस के राजदूत को तलब किया है।
इटली की मीडिया के मुताबिक, टीवी एंकर व्लादिमीर सोलोविओव ने रूसी टेलीविजन पर इटैलियन भाषा में कहा कि मेलोनी इंसानियत के लिए शर्म की बात, जंगली जानवर, सर्टिफाइड बेवकूफ और एक गंदी छोटी औरत हैं।
एंकर ने रूसी भाषा में कहा कि यह मेलोनी एक फासीवादी है जिसने अपने वोटरों को धोखा दिया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी धोखा दिया।
तजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया कि उन्होंने रूसी राजदूत, एलेक्सी पैरामोनोव को विदेश मंत्रालय में बुलाया था ताकि टीवी होस्ट व्लादिमीर सोलोविओव द्वारा रूसी टेलीविजन पर प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के खिलाफ की गई बहुत गंभीर और आपत्तिजनक टिप्पणियों का औपचारिक रूप से विरोध किया जा सके।
इटली में विपक्षी पार्टियों ने भी रूसी टीवी एंकर की टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की है। हालांकि, इस मामले में पीएम मेलोनी ने भी एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की और कहा, ये मजाक हमें अपना रास्ता बदलने पर मजबूर नहीं करेंगे। हमारा रास्ता सिर्फ एक ही है: इटली का हित। और हम गर्व के साथ इसका पालन करते रहेंगे, जिससे दूर-दूर तक के प्रोपेगैंडा करने वाले नाराज हो जाएंगे।
दरअसल, पीएम मेलोनी यूक्रेन के समर्थन में रही हैं। इसकी वजह से रोम और मॉस्को के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। वहीं हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की पीएम के बीच तनाव देखने को मिला। ट्रंप ने पोप लियो XIV को लेकर अपशब्द कहे, जिसके बाद पीएम मेलोनी पोप लियो के समर्थन में आई। अमेरिकी राष्ट्रपति को ये बात अच्छी नहीं लगी।
मेलोनी ने ट्रंप के बयान की निंदा करते हुए कहा कि कैथोलिक चर्च के प्रमुख का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। युद्ध की निंदा करना उनका नैतिक कर्तव्य है। वहीं मेलोनी के इस बयान के बाद ट्रंप ने भड़कते हुए कहा कि मेलोनी को ईरान के परमाणु खतरों की परवाह नहीं है। वह पहले जैसी साहसी नहीं रहीं।
--आईएएनएस
केके/पीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
योगी सरकार ने बढ़ाया मुख्यमंत्री आवास योजना का दायरा, ये जातियां की गईं शामिल
UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सभी वर्गों के लिए तमाम योजनाएं चला रही है. जिसका फायदा लोगों को मिल रहा है. अब योगी सरकार ने समाज के सबसे वंचित और पिछड़े वर्ग को सशक्त बनाने के लिए एक और ऐतिहासिक फैसला लिया है. दरअसल, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को एलान किया कि राज्य सरकार ने 'मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण' के दायरा बढ़ाने और उसे अधिक व्यापक बनाने का निर्णय लिया है.
राज्य सरकार के इस फैसले से अब प्रदेश की उन सभी अनुसूचित जनजातियों को पात्रता सूची में शामिल कर लिया गया है, जिन्हें अब तक पक्का आवास नहीं मिल पाता था. लेकिन योगी सरकार के इस फैसले से उन्हें भी पक्के मकान की सौगात मिल सकेगी.
वंचित जातियों को मुख्यधारा में जोड़ रही योगी सरकार
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को कहा का यूपी की 'डबल इंजन' सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े हर व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि अब भोटिया, जौनसारी और राजी समेत राज्य की सभी शेष जनजातियां भी इस योजना में शामिल किया जा रहा है जिससे उन्हें भी इस योजना का लाभ मिल सके.
इसके साथ ही डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, "पहले की सरकारों ने इन जनजातियों को कभी भी मुख्यधारा से जोड़ने की ईमानदार से कोशिश नहीं की. विपक्षी दलों ने इन पिछड़ी और वंचित जातियों को सिर्फ एक 'वोट बैंक' की तरह इस्तेमाल किया. उन्होंने सत्ता में रहते हुए हमेशा इनका शोषण किया. अब हमारी सरकार इन जातियों को पक्की छत देकर उनका मान बढ़ा रही है."
कब हुई थी मुख्यमंत्री आवास योजना की शुरुआत?
बता दें कि योगी सरकार ने मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की शुरुआत साल 2018 में की थी. योजना की शुरुआत में इसके जरिए वनटांगिया और मुसहर जैसी अति-पिछड़ी जातियों को लाभ देने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन समय के साथ योगी सरकार ने इस योजना का दायरा बढ़ा दिया. राज्य सरकार ने योजना की संवेदनशीलता को समझा और इसमें कोल, थारू, सहरिया, नट, चेरो, बैगा, बोक्सा, बंजारा और सपेरा जैसी करीब डेढ़ दर्जन जातियों को अलग-अलग चरण में जोड़ दिया. अब योगी सरकार ने तय किया है कि कोई भी जनजातीय परिवार बिना घर के नहीं रहेगा. इसलिए सूची में शेष सभी समूहों को भी शामिल किया जा रहा है.
इन जातियों को मिलेगा योजना का लाभ
योगी सरकार के नए आदेश के बाद अब इस सूची में कई अन्य जातियां भी शामिल हो गई हैं. जिनके पात्र परिवार अब मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन कर सकेंगे और उसका लाभ ले सकेंगे. इनमें भोटिया, जौनसारी, राजी और गोंड जातियां शामिल हैं. इनके अलावा गोंड की पर्याय जातियां जैसे धुरिया, ओझा, नायक, पठारी और राजगोंड भी इस सूची में शामिल कर ली गई हैं. इनके अलावा खरवार, खैरवार, परहिया, पंखा, पनिका, अगरिया, पटारी, भुइयां और भुनिया जाति के लोग भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे.
ये भी पढ़ें: स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर रोक से लोगों को मिली राहत, लोगों ने की स्थायी समाधान की मांग
योगी सरकार ने किया सामाजिक न्याय की दिशा में कदम
योगी सरकार के इस फैसले का उद्देश्य दूरदराज के उन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षा देना है जो आज भी कच्चे घरों या झोपड़ियों में रहते हैं. यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन जातियों के परिवारों का सर्वे कर उन्हें जल्द से जल्द मुख्यमंत्री आवास योजना से जोड़ा जाए. योगी सरकार के इस कदम से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी बल्कि उन जनजातियों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा जो आज भी सरकारी योजनाओं से काफी दूर हैं.
ये भी पढ़ें: यूपी सरकार ने सुनी यहां के ग्रामीणों की फरियाद, गांव का नाम बदलने की दी सौगात; अधिसूचना जारी
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation





















