योगी सरकार ने बढ़ाया मुख्यमंत्री आवास योजना का दायरा, ये जातियां की गईं शामिल
UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सभी वर्गों के लिए तमाम योजनाएं चला रही है. जिसका फायदा लोगों को मिल रहा है. अब योगी सरकार ने समाज के सबसे वंचित और पिछड़े वर्ग को सशक्त बनाने के लिए एक और ऐतिहासिक फैसला लिया है. दरअसल, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को एलान किया कि राज्य सरकार ने 'मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण' के दायरा बढ़ाने और उसे अधिक व्यापक बनाने का निर्णय लिया है.
राज्य सरकार के इस फैसले से अब प्रदेश की उन सभी अनुसूचित जनजातियों को पात्रता सूची में शामिल कर लिया गया है, जिन्हें अब तक पक्का आवास नहीं मिल पाता था. लेकिन योगी सरकार के इस फैसले से उन्हें भी पक्के मकान की सौगात मिल सकेगी.
वंचित जातियों को मुख्यधारा में जोड़ रही योगी सरकार
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को कहा का यूपी की 'डबल इंजन' सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े हर व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि अब भोटिया, जौनसारी और राजी समेत राज्य की सभी शेष जनजातियां भी इस योजना में शामिल किया जा रहा है जिससे उन्हें भी इस योजना का लाभ मिल सके.
इसके साथ ही डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, "पहले की सरकारों ने इन जनजातियों को कभी भी मुख्यधारा से जोड़ने की ईमानदार से कोशिश नहीं की. विपक्षी दलों ने इन पिछड़ी और वंचित जातियों को सिर्फ एक 'वोट बैंक' की तरह इस्तेमाल किया. उन्होंने सत्ता में रहते हुए हमेशा इनका शोषण किया. अब हमारी सरकार इन जातियों को पक्की छत देकर उनका मान बढ़ा रही है."
कब हुई थी मुख्यमंत्री आवास योजना की शुरुआत?
बता दें कि योगी सरकार ने मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की शुरुआत साल 2018 में की थी. योजना की शुरुआत में इसके जरिए वनटांगिया और मुसहर जैसी अति-पिछड़ी जातियों को लाभ देने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन समय के साथ योगी सरकार ने इस योजना का दायरा बढ़ा दिया. राज्य सरकार ने योजना की संवेदनशीलता को समझा और इसमें कोल, थारू, सहरिया, नट, चेरो, बैगा, बोक्सा, बंजारा और सपेरा जैसी करीब डेढ़ दर्जन जातियों को अलग-अलग चरण में जोड़ दिया. अब योगी सरकार ने तय किया है कि कोई भी जनजातीय परिवार बिना घर के नहीं रहेगा. इसलिए सूची में शेष सभी समूहों को भी शामिल किया जा रहा है.
इन जातियों को मिलेगा योजना का लाभ
योगी सरकार के नए आदेश के बाद अब इस सूची में कई अन्य जातियां भी शामिल हो गई हैं. जिनके पात्र परिवार अब मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन कर सकेंगे और उसका लाभ ले सकेंगे. इनमें भोटिया, जौनसारी, राजी और गोंड जातियां शामिल हैं. इनके अलावा गोंड की पर्याय जातियां जैसे धुरिया, ओझा, नायक, पठारी और राजगोंड भी इस सूची में शामिल कर ली गई हैं. इनके अलावा खरवार, खैरवार, परहिया, पंखा, पनिका, अगरिया, पटारी, भुइयां और भुनिया जाति के लोग भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे.
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योगी सरकार ने किया सामाजिक न्याय की दिशा में कदम
योगी सरकार के इस फैसले का उद्देश्य दूरदराज के उन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षा देना है जो आज भी कच्चे घरों या झोपड़ियों में रहते हैं. यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन जातियों के परिवारों का सर्वे कर उन्हें जल्द से जल्द मुख्यमंत्री आवास योजना से जोड़ा जाए. योगी सरकार के इस कदम से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी बल्कि उन जनजातियों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा जो आज भी सरकारी योजनाओं से काफी दूर हैं.
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टेस्ला ने भारत में छह सीटों वाली मॉडल वाई एल को 61.99 लाख रुपए में लॉन्च किया, जून में शुरू होगी डिलीवरी
मुंबई, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। टेस्ला ने बुधवार को नई छह सीटों वाली फैमिली इलेक्ट्रिक कार मॉडल वाई एल को भारत में पेश किया। इसकी शुरुआती कीमत 61.99 लाख रुपए रखी गई है।
इसे बैलार्ड पियर डाउनटाउन एक्सपीरियंस सेंटर में लॉन्च किया गया। साथ ही, इसकी बुकिंग कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर शुरू हो गई है।
मॉडल वाई एल 23 अप्रैल, 2026 से मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स, दिल्ली के एयरोसिटी और गुरुग्राम सहित प्रमुख स्थानों पर स्थित टेस्ला के एक्सपीरियंस सेंटर्स में आम जनता के लिए देखने के लिए उपलब्ध होगी। कंपनी ने बताया कि इसकी डिलीवरी जून 2026 से पूरे भारत में शुरू होने की उम्मीद है।
एक प्रीमियम फैमिली व्हीकल के रूप में पेश की गई मॉडल वाई एल, 681 किमी तक की ड्राइविंग रेंज का क्लेम करती है और 5.0 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है। इसमें केबिन स्पेस, आराम और लचीलेपन को अधिकतम करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए तीन-पंक्ति, छह-सीट कॉन्फिगरेशन है। दूसरी पंक्ति की कैप्टन सीटें पावर आर्मरेस्ट, वेंटिलेशन, हीटिंग और वन-टच फोल्डिंग से लैस हैं, जबकि तीसरी पंक्ति में पावर रिक्लाइन, क्लाइमेट कंट्रोल वेंट्स और आसान फोल्डिंग की सुविधा है।
टेस्ला ने मॉडल वाई एल की शुरुआती कीमत 61.99 लाख रुपए रखी गई है, जिसमें 49,000 रुपए प्रति माह से शुरू होने वाले फाइनेंस विकल्प उपलब्ध हैं। यह लॉन्च भारत में टेस्ला के पोर्टफोलियो विस्तार में एक और कदम है, जहां कंपनी अपने चार्जिंग और सर्विस इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत कर रही है।
वर्तमान में, टेस्ला भारत में पांच सुपरचार्जर स्टेशन संचालित करती है, जिनमें कुल 20 सुपरचार्जर और 14 वॉल कनेक्टर हैं। कंपनी की योजना दिल्ली, चंडीगढ़, जयपुर, अहमदाबाद, मुंबई, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे शहरों को जोड़ने वाले प्रमुख राजमार्गों पर सात और सुपरचार्जर स्टेशन स्थापित करने की है।
सर्विस के मामले में, टेस्ला अपने डायरेक्ट-टू-कस्टमर मॉडल पर निर्भर है, जिसके तहत वह ओवर-द-एयर सॉफ्टवेयर अपडेट और रिमोट डायग्नोस्टिक्स की सुविधा प्रदान करती है, ताकि रखरखाव की आवश्यकता कम से कम हो।
--आईएएनएस
एबीएस/
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