Jawan 2 Movie: 'किंग' के बाद शाहरुख खान का बड़ा धमाका! एटली के साथ फिर बनाएंगे 'जवान 2? जानें बड़ी खबर
Jawan 2 Update: बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान की 2023 की फिल्म जवान ब्लॉकबस्टर हुई थी। इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन रिकॉर्डतोड़ रहा। अब एक बार फिर बादशाह खान बड़े पर्दे पर धमाल मचाने की तैयारी में हैं। फिल्म जवान के सीक्वल को लेकर नई खबरें सामने आ रही हैं, जिसने फैंस के बीच उत्साह बढ़ा दिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्देशक एटली और शाहरुख खान जल्द ही ‘जवान 2’ के लिए फिर से साथ आ सकते हैं। बताया जा रहा है कि इस फिल्म की स्क्रिप्ट पर काफी समय से काम चल रहा था और हाल ही में इसे फाइनल कर लिया गया है। हालांकि, इस खबर की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
‘किंग’ के बाद शुरू होगी ‘जवान 2’ की तैयारी
एक मीडिया को मिले सूत्रों के अनुसार, शाहरुख खान अपनी आने वाली फिल्म किंग की शूटिंग पूरी करने के बाद ‘जवान 2’ पर काम शुरू करेंगे। यह फिल्म उनके करियर की सबसे बड़ी एक्शन फिल्मों में से एक मानी जा रही है।
विलेन को लेकर बड़ा प्लान
पहली ‘जवान’ में साउथ स्टार विजय सेतुपति ने दमदार विलेन की भूमिका निभाई थी। अब खबर है कि सीक्वल के लिए मेकर्स एक बड़े साउथ सुपरस्टार को खलनायक के रूप में कास्ट करने की योजना बना रहे हैं। इससे फिल्म का स्केल और भी बड़ा हो सकता है।
‘जवान’ का कलेक्शन
2023 में रिलीज हुई ‘जवान’ ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई की थी और दुनियाभर में लगभग 1100 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। फिल्म में शाहरुख खान डबल रोल में नजर आए थे और उनके साथ नयनतारा, प्रियामणि, सान्या मल्होत्रा और सुनील ग्रोवर जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में थे। वहीं दीपिका पादुकोण का खास कैमियो भी चर्चा में रहा।
फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों दोनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। इतना ही नहीं, इसे राष्ट्रीय पुरस्कार का सम्मान भी मिला, जहां शाहरुख खान को बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला, यह उनके करियर का पहला नेशनल अवॉर्ड था।
वर्क फ्रंट की बात करें तो शाहरुख खान की अगली फिल्म ‘किंग’ है जिसका निर्देशन सिद्धार्थ आनंद कर रहे हैं। इस फिल्म में सुहाना खान अपना थिएटर डेब्यू करेंगी। साथ ही अभिषेक बच्चन और दीपिका पादुकोण भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। 'किंग' 24 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने की उम्मीद है।
अमेरिकी शुल्क वापसी का मामला: भारतीय निर्यातकों के लिए 12 अरब डॉलर का दांव, 'FIEO' ने दी मोलभाव की सलाह
भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिका द्वारा लगाए गए जवाबी शुल्कों (Retaliatory Duties) को वहां के उच्चतम न्यायालय द्वारा अमान्य घोषित किए जाने के बाद अब 166 अरब डॉलर की भारी-भरकम राशि की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसमें भारतीय वस्तुओं से जुड़ा हिस्सा लगभग 12 अरब डॉलर (करीब 1 लाख करोड़ रुपये) होने का अनुमान है। हालांकि, तकनीकी पेच यह है कि यह पैसा सीधे भारतीय निर्यातकों को नहीं, बल्कि अमेरिकी आयातकों (खरीदारों) को मिलेगा। इसी के मद्देनजर निर्यातकों के शीर्ष निकाय फियो (FIEO) ने भारतीय व्यापारियों को विशेष रणनीति अपनाने की सलाह दी है।
भारतीय निर्यातक संगठनों के महासंघ (फियो) के अध्यक्ष एस. सी. रल्हन ने मंगलवार को कहा कि इन शुल्क वापसी पर भारतीय निर्यातकों का कोई कानूनी अधिकार नहीं है, क्योंकि यह केवल अमेरिकी कंपनियों को मिल रहा है।
इसे भी पढ़ें: Tech Mahindra का धमाकेदार प्रदर्शन: चौथी तिमाही में मुनाफा 16% बढ़ा, शेयरधारकों के लिए भारी लाभांश का ऐलान
उन्होंने कहा, ‘‘ लेकिन यदि किसी भारतीय निर्यातक के अपने अमेरिकी खरीदार से अच्छे संबंध हैं, तो उसे कुछ हिस्सा मिल सकता है।’’ चमड़ा क्षेत्र के एक उद्योग अधिकारी ने कहा कि व्यवसाय इस मुद्दे पर अमेरिकी आयातकों के साथ चर्चा करेंगे। एक चमड़ा निर्यातक ने कहा, ‘‘ हम इस बारे में अपने खरीदारों से बात कर रहे हैं।’’ जवाबी शुल्क व्यवस्था दो अप्रैल 2025 को 10 प्रतिशत से शुरू हुई थी जिसे लगातार तेजी से बढ़ाया गया। भारत के लिए दरें सात अगस्त 2025 तक 25 प्रतिशत और 28 अगस्त तक 50 प्रतिशत तक पहुंच गईं और फरवरी 2026 की शुरुआत तक इसी स्तर पर बनी रहीं।
इसे भी पढ़ें: UP Board Result 2026: कल जारी होगा 10वीं-12वीं का रिजल्ट, DigiLocker पर ऐसे करें Marksheet Download
अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने 20 फरवरी को दिए फैसले में ट्रंप के शुल्क के पूरे ढांचे को अमान्य कर दिया, जिससे ये शुल्क कानूनी रूप से शून्य हो गए और इसकी वापसी की प्रक्रिया शुरू हुई। भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात का लगभग 53 प्रतिशत हिस्सा इन उच्च शुल्कों से प्रभावित हुआ है। शोध संस्थान जीटीआरआई के अनुसार, कुल शुल्क वापसी की राशि करीब 166 अरब डॉलर है, जिसमें से करीब 12 अरब डॉलर भारतीय वस्तुओं से संबंधित हैं।
जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘ भारत से जुड़े अनुमानित 12 अरब अमेरिकी डॉलर में से, वस्त्र एवं परिधान का हिस्सा करीब चार अरब डॉलर, इंजीनियरिंग सामान का हिस्सा लगभग चार अरब डॉलर और रसायन का हिस्सा करीब दो अरब डॉलर हो सकता है जबकि अन्य क्षेत्रों का हिस्सा कम होगा।’’
उन्होंने कहा कि भारतीय निर्यातकों को ये शुल्क स्वतः वापस नहीं मिलेगा और यह राशि केवल अमेरिकी आयातकों को जाती है इसलिए निर्यातकों का इस पर कोई कानूनी अधिकार नहीं है। श्रीवास्तव ने सुझाव दिया कि निर्यातकों को अनुबंधों को पर गौर करना चाहिए और ‘इनवॉइस’ एवं शुल्क आंकड़े के आधार पर यह देखना चाहिए कि लागतों को कैसे समायोजित किया गया था।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi
prabhasakshi
















