Responsive Scrollable Menu

'जिम्मेदारी बड़ी है, लेकिन पूरी ताकत से निभाऊंगा': डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी

नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने जानेमाने अर्थशास्त्री और पश्चिम बंगाल से बीजेपी विधायक डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी को नीति आयोग का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने सुमन बेरी की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है। नियुक्ति के बाद लाहिड़ी ने कहा कि यह पद जितना सम्मानजनक है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी है।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में लाहिड़ी ने अपनी नई भूमिका को लेकर कहा कि यह जिम्मेदारी कांटों का ताज जैसी है। उन्होंने कहा कि जो लोग इसे हल्के में लेते हैं, उन्हें यह केवल एक सम्मानजनक पद लग सकता है, लेकिन वास्तव में इसमें भारी जिम्मेदारी और दबाव होता है। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इस जिम्मेदारी को लेकर चिंता भी है, लेकिन वह इसे पूरी मेहनत और समर्पण के साथ निभाएंगे।

लाहिड़ी ने आगे कहा, बहुत कुछ करना है, लेकिन असली सवाल यह है कि इसे कैसे किया जाए। क्या करना है यह स्पष्ट है—विकास, विकास, विकास। लेकिन इसके भीतर, पहले क्या किया जाना चाहिए, बाद में क्या और कैसे किया जाना चाहिए—ये सवाल बहुत महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

उन्होंने माना कि नीति निर्माण में प्राथमिकताओं को तय करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने अपनी भावना व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस नई भूमिका को लेकर उत्साहित भी हैं और थोड़े नर्वस भी।

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लाहिड़ी को इस नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि नीति आयोग का पुनर्गठन किया गया है और लाहिड़ी जैसे अनुभवी व्यक्ति का इस पद पर आना देश के लिए फायदेमंद होगा। पीएम मोदी ने अन्य पूर्णकालिक सदस्यों (राजीव गौबा, प्रो. केवी राजू, प्रो. गोवर्धन दास, प्रो. अभय करंदीकर और डॉ. एम. श्रीनिवास) को भी बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नीति आयोग एक ऐसा मंच है जो विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार और दीर्घकालिक रणनीति बनाने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने भरोसा जताया कि लाहिड़ी का अनुभव देश के आर्थिक सुधारों को और मजबूती देगा और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा। पीएम मोदी ने उनसे मुलाकात कर उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी शुभकामनाएं दीं।

अशोक कुमार लाहिड़ी का अर्थशास्त्र और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। वे भारत सरकार के 12वें मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, एशियाई विकास बैंक, बंधन बैंक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी जैसे संस्थानों में काम कर चुके हैं। इसके अलावा उन्हें विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ काम करने का भी व्यापक अनुभव है।

कोलकाता की प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र लाहिड़ी को उनके शैक्षणिक और नीतिगत योगदान के लिए काफी सम्मान दिया जाता है। अब उनकी नियुक्ति के साथ यह उम्मीद की जा रही है कि वह देश की नीति निर्माण प्रक्रिया को और अधिक गतिशील और प्रभावी बनाएंगे।

--आईएएनएस

डीबीपी/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

विदेशियों की नजर में 'चीनी शैली की सुरक्षा की भावना'

बीजिंग, 25 अप्रैल (आईएएनएस) हाल ही में, चीन में रहने वाले एक ब्रिटिश ब्लॉगर ने एक दिलचस्प प्रयोग किया। उन्होंने एक व्यस्त कैफे में मेज पर अपना लैपटॉप रखा और वहां से चले गए। एक घंटे बाद लौटने पर लैपटॉप जस का तस मिला, किसी ने उसे छुआ तक नहीं था। कैमरे की ओर देखकर उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा, “अविश्वसनीय!” इस तरह के “सुरक्षा परीक्षण” आजकल कई विदेशियों के लिए चीन को समझने का एक नया तरीका बनते जा रहे हैं।

इसी के साथ “चीनी शैली की सुरक्षा की भावना” शब्द विदेशों के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से लोकप्रिय हो गया है। सड़क किनारे रखे पैकेजों का सुरक्षित रहना, सुपरमार्केट में ग्राहकों का खुद क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान करना जबकि मालिक निश्चिंत होकर झपकी ले रहा हो, देर रात अकेले खाना खाना या सुबह-सुबह बाहर दौड़ना... ये सभी दृश्य विदेशियों को गहराई से प्रभावित करते हैं। एक विदेशी नेटिजन ने मजाक में कहा, “जब मैं पहली बार चीन आया, तो मुझे खतरे का डर था। लेकिन असली खतरा तो स्वादिष्ट खाने की भरमार निकला, जिससे वजन बढ़ना बहुत आसान है।”

देर रात जगमगाती सड़कों और व्यवस्थित बाजारों की चहल-पहल, जो बाहरी लोगों को “अविश्वसनीय” लगती है, दरअसल चीनियों के लिए रोजमर्रा की बात है। वर्तमान में, चीन में हत्या, आपराधिक अपराध और बंदूक या विस्फोटक से जुड़े मामलों की दर दुनिया में सबसे कम मानी जाती है।

अमेरिकी कंपनी गैलप की “2025 वैश्विक सुरक्षा रिपोर्ट” के अनुसार, चीनी नागरिकों की सुरक्षा की भावना और “कानून-व्यवस्था सूचकांक” में उनकी रैंकिंग कई प्रमुख पश्चिमी देशों से बेहतर है। आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि 2025 में चीन में लोगों की सुरक्षा की भावना 98.2 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो लगातार छह वर्षों से 98 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है।

चीनी शैली की यह सुरक्षा भावना मुख्यतः एक सुदृढ़ सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था का परिणाम है। हाल के वर्षों में संगठित अपराध पर नियंत्रण, दूरसंचार धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई और “नागरिक संहिता” के जरिए लोगों के अधिकारों की रक्षा जैसे कदमों ने मजबूत कानूनी ढांचा तैयार किया है। इसके साथ ही, सरकार की त्वरित शिकायत-निवारण प्रणाली और जमीनी स्तर पर प्रभावी शासन ने समस्याओं को शुरुआती चरण में ही सुलझाने में मदद की है।

पिछले वर्ष एडलमैन द्वारा जारी “एडेलमैन ट्रस्ट बैरोमीटर” में भी यह सामने आया कि सरकार पर भरोसे के मामले में चीनी नागरिक दुनिया में अग्रणी हैं और भविष्य को लेकर सबसे अधिक आशावादी भी।

यह सुरक्षा की भावना केवल व्यवस्था से नहीं, बल्कि भविष्य के प्रति आशा से भी जुड़ी है। चीनी शैली का आधुनिकीकरण समान समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ता है। 2025 में प्रति व्यक्ति प्रयोज्य आय में लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। साथ ही, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक प्रणाली ने एक मजबूत सुरक्षा जाल तैयार किया है। जब जीवन स्थिर हो, सुरक्षा सुनिश्चित हो और भविष्य को लेकर अनिश्चितता कम हो, तो समाज स्वाभाविक रूप से संतुलित और व्यवस्थित बनता है।

इस भावना की जड़ें चीन की गहरी सांस्कृतिक परंपराओं में भी मिलती हैं। “विश्व सबका है”, “सद्भाव अनमोल है” और “पारस्परिक सहायता” जैसे आदर्श लंबे समय से समाज में रचे-बसे हैं। एक पुरानी कहावत है, “जब अन्न भंडार भरे होते हैं, तब लोग शिष्टाचार जानते हैं।” सामाजिक विकास के साथ सभ्यता का स्तर बढ़ा है, और यही “चीनी शैली की सुरक्षा की भावना” को और मजबूत बनाता है। जैसा कि एक ब्रिटिश नागरिक ने कहा, चीन आकर उन्होंने “विश्वास करना” फिर से सीखा और यह एहसास, जहां आप निश्चिंत होकर जी सकें, वास्तव में अनमोल है।

आज जब दुनिया भू-राजनीतिक तनाव और अस्थिरता के दौर से गुजर रही है, ऐसे में यह सुरक्षा की भावना और भी अहम हो जाती है। यह दिखाता है कि कोई देश अपने भीतर स्थिरता कायम रखते हुए वैश्विक निवेश और व्यवसाय के लिए एक भरोसेमंद स्थान बन सकता है।

चीन की यात्रा से लेकर वहां बसने की इच्छा तक, और फिर इस सुरक्षा भावना का अनुभव विदेशी नेटिज़न्स की प्रतिक्रियाएं एक साझा आकांक्षा को दर्शाती हैं: एक सुरक्षित, स्थिर और बेहतर जीवन। चीन द्वारा प्रस्तुत यह सुरक्षा का एहसास “एक दुनिया, एक परिवार” की अवधारणा को ठोस और मानवीय रूप देता है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

डीकेपी/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

RR vs SRH: तीसरी बार 15 गेंद में 50... वैभव सूर्यवंशी ने फिर मचाई तबाही, कमिंस की पहली गेंद पर सिक्स, प्रफुल्ल से किया हिसाब बराबर

Vaibhav Suryavanshi 15 ball fifty: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी घातक बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए सिर्फ 15 गेंदों में अर्धशतक जमा दिया. सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ जयपुर में वैभव ने छक्के के साथ फिफ्टी जड़ी. अर्धशतक पूरा करने के लिए वैभव ने 7 छक्के और एक चौका लगाया. Sat, 25 Apr 2026 20:07:43 +0530

  Videos
See all

Nepal New Rule: Balen Shah सरकार के नए फैसले पर Nepal के पूर्व केंद्रीय मंत्री Ajay Chaurasia #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-25T14:30:06+00:00

Raghav Chadha Joins BJP: 8 बजते ही AAP के 50 विधायक भी बागी? | Arvind Kejriwal Crisis | Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-25T14:30:15+00:00

Raghav Chadha Join BJP: क्या रद्द होगी राघव चड्ढा की सांसदी? Raghav Chadha | Arvind kejriwal #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-25T14:40:00+00:00

खुशियां मातम में बदली! मऊ में शादी से लौट रहे परिवार के 5 सदस्यों की मौत | Mau Road Accident #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-25T14:33:40+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers