Cucumber Cultivation: लखीमपुर में खीरा की खेती, शारदा नदी की रेतीली जमीन बनी कमाई का जरिया
Cucumber cultivation: लखीमपुर खीरी जिले में शारदा नदी किनारे रेतीली जमीन पर बागपत से आए किसान सब्जी खेती कर अच्छी कमाई कर रहे है. बिजुआ ब्लॉक के करसौर गांव के पास किसान ठेके पर जमीन लेकर खीरा उगा रहे है. किसान इनाम ने बताया कि एक एकड़ जमीन 4 हजार रुपये में ठेके पर ली गई है. रासायनिक खाद डालकर बंजर रेतीली जमीन को उपजाऊ बनाया जाता है. इस समय एक एकड़ में खीरे की खेती की जा रही है. जहां हर तीसरे दिन 3 से 4 क्विंटल उत्पादन मिल रहा है. तैयार खीरा सीधे मंडी भेजा जा रहा है. थोक बाजार में इसकी कीमत 15 से 20 रुपये किलो है, जबकि खुदरा बाजार में 30 से 40 रुपये किलो बिक रहा है. गर्मियों में मांग अधिक होने से किसानों को कम लागत में अच्छा मुनाफा मिल रहा है.
मिडिल ईस्ट युद्ध से सहारनपुर के लकड़ी के कारोबार पर संकट, 80 फीसदी कम आ रहे ऑर्डर, व्यापारियों ने बताई ये बात
सहारनपुर दुनिया भर में अपने लकड़ी पर नक्काशी के लिए जाना जाता है. इन दिनों उस पर संकट के बादल नजर आ रहे हैं. यह सब हो रहा है मिड लिस्ट में इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी के कारण. इन दिनों मिडिल ईस्ट में युद्ध और तनाव के बीच यहां का कारोबार लगभग 30% रह गया है जबकि नए ऑर्डर आने की लगभग बंद हो गए हैं. ब्रिटिश काल में सहारनपुर जिले में रुड़की, हरिद्वार और देहरादून का क्षेत्र भी शामिल था. उस समय जिले में वन क्षेत्र 1,88,433 एकड़ था. वर्ष 1878 में सहारनपुर वन क्षेत्र को चार भागों सहारनपुर रेंज, मोहंड, बड़कलां, होलखंड और रानीपुर में बांट दिया गया.
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