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बेंगलुरु जेल में LeT मॉड्यूल से जुड़ी साजिश मामले में आया NIA कोर्ट का फैसला, मास्टरमाइंड समेत 7 लोगों को सजा
NIA Verdict Bengaluru Jail Terror Case: बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ी साजिश के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने मास्टरमाइंड टी. नसीर समेत सात आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सात साल की कठोर कारावास और 48,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है.
पकड़े गए आरोपियों की पहचान
दोषियों में टी. नसीर के अलावा सैयद सुहैल खान, मोहम्मद उमर, जाहिद तबरेज, सैयद मुदस्सिर पाशा, मोहम्मद फैसल रब्बानी और सलमान खान शामिल हैं. सभी को IPC, गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत सजा दी गई है.
मास्टरमाइंड का बेंगलुरु सीरियल ब्लास्ट के कनेक्शन
आरोपियों ने NIA द्वारा दायर आरोपों को स्वीकार कर लिया था. जांच के दौरान सामने आया कि यह पूरा मॉड्यूल बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा जेल के अंदर संचालित किया जा रहा था. मास्टरमाइंड टी. नसीर, जो पहले से ही 2008 के बेंगलुरु सीरियल ब्लास्ट मामले में आरोपी रहा है, जेल के भीतर अन्य कैदियों को निशाना बनाकर उन्हें कट्टरपंथ की ओर प्रेरित कर रहा था. इसके तहत कैदियों की पहचान कर उन्हें भर्ती करना, प्रशिक्षण देना, धर्मांतरण कराना और आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार करना शामिल था.
क्या था साजिश का मकसद?
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस साजिश का मकसद बेंगलुरु शहर में आतंकी हमलों को अंजाम देना था. साथ ही, टी. नसीर को अदालत में पेशी के दौरान भगाने की योजना भी बनाई गई थी. यह मामला जुलाई 2023 में बेंगलुरु सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) द्वारा दर्ज किया गया था, जब आरोपियों के पास से हथियार, गोला-बारूद और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए थे. बाद में इस केस की जांच NIA को सौंपी गई, जिसने एक बड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया.
एक आरोपी अभी भी फरार
NIA ने इस मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था, जबकि एक आरोपी जुनैद अहमद अब भी फरार है. वहीं, आरोपी सलमान खान को रवांडा से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया और गिरफ्तार किया गया. यह मामला इस बात का संकेत है कि आतंकी संगठन जेल के भीतर भी अपने नेटवर्क को फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं.
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