मोदी बोले- मीराबाई के हर आंसू से गोल्ड मेडल टपका:हरियाणा की सीमा बोली- दोस्त कहते थे पीएम से मिली क्या, अब कहूंगी कि मिली हूं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों से अपने आवास पर मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से उनके अनुभव जाने और उनकी उपलब्धियों की सराहना की। खिलाड़ियों के साथ हुई इस मुलाकात का वीडियो सोमवार को यूट्यूब पर लाइव किया गया। बातचीत की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, पिछले 10-12 सालों में अगर मैं इस आवास पर नियमित रूप से किसी से मिला हूं, तो वे खिलाड़ी हैं। 10-12 सालों में खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, लगातार सफलता और नई ऊंचाइयों को छूने की परंपरा ने देश का मान बढ़ाया है। पहले भी खिलाड़ियों से मिल चुके हैं मोदी मुक्केबाजों ने सबसे ज्यादा मेडल जीते भारत के 39 पदकों में सबसे बड़ा योगदान बॉक्सिंग का रहा। मुक्केबाजों ने 7 गोल्ड और 3 सिल्वर समेत कुल 10 मेडल जीते। यानी हर चार में से एक मेडल बॉक्सिंग से आया। एथलेटिक्स में 10 मेडल आए, लेकिन इसमें गोल्ड नहीं मिला। वेटलिफ्टिंग से 8, पैरा एथलेटिक्स से 6, जूडो से 4 और पैरा पावरलिफ्टिंग से 1 मेडल मिला। कुल मिलाकर 39 में से 37 पदक सिर्फ पांच खेलों से आए।
जीईएम ने बदली सार्वजनिक खरीद की तस्वीर, 10 साल में 422 करोड़ से 1.55 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा कारोबार: पीयूष गोयल
नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) ने सार्वजनिक खरीद की व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने बताया कि एक दशक पहले जहां इस प्लेटफॉर्म का सकल व्यापारिक मूल्य (जीएमवी) केवल 422 करोड़ रुपए था, वहीं आज यह बढ़कर 1.55 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए गए एक पोस्ट में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जीईएम आज देश में पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और डिजिटल सरकारी खरीद प्रणाली का मजबूत आधार बन चुका है। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर 12.28 लाख से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (एमएसई) पंजीकृत हैं, जिनमें 2.25 लाख से ज्यादा महिला उद्यमियों द्वारा संचालित इकाइयां शामिल हैं। इसके अलावा 42,000 से अधिक स्टार्टअप्स भी इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं।
पीयूष गोयल ने कहा कि यह साबित करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जमीनी स्तर पर सशक्तीकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि सरकार की वास्तविक प्रतिबद्धता है।
उन्होंने कहा, पिछले 10 वर्षों में जीईएम ने प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया है, बेहतर मूल्य खोज सुनिश्चित की है, खरीद प्रक्रिया की अवधि को कम किया है, सरकार के लिए बड़ी बचत पैदा की है और एंड-टू-एंड डिजिटल खरीद प्रक्रिया के माध्यम से जवाबदेही को मजबूत किया है।
मंत्री ने बताया कि जीईएम ने सरकारी खरीद बाजार को एमएसएमई, स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), कारीगरों और बुनकरों के लिए अधिक सुलभ बनाया है। साथ ही यह वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों को भी मजबूती दे रहा है।
उन्होंने कहा कि जीईएम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरा है और विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रहा है।
वर्ष 2016 में शुरू किया गया जीईएम अब अपने 11वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। वर्तमान में यह प्लेटफॉर्म 1.37 लाख से अधिक सरकारी खरीदार संगठनों को लगभग 25 लाख विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं से जोड़ता है।
एक आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, जीईएम अब केवल खरीद-बिक्री का प्लेटफॉर्म नहीं रह गया है, बल्कि यह भारत के डिजिटल प्रोक्योरमेंट इकोसिस्टम का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है। पोर्टल पर 10,660 से अधिक उत्पाद श्रेणियां और 350 सेवा श्रेणियां उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थाओं की जरूरतें पूरी की जाती हैं।
सरकार का कहना है कि आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और व्यापक भागीदारी के जरिए जीईएम को और अधिक स्मार्ट एवं एकीकृत बनाया जाएगा, जिससे पारदर्शिता, दक्षता और सुशासन को और मजबूती मिलेगी।
--आईएएनएस
डीबीपी
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