IND VS SLXI: वॉर्म-अप मैच में 5 भारतीय खिलाड़ियों ने दिखाया दम, एक ने तो बल्ले से मचा ही दिया तहलका
IND VS SLXI: भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से टेस्ट सीरीज शुरू होने वाली है. इससे पहले भारतीय टीम ने श्रीलंका इलेवन के साथ 3 दिवसीय वॉर्म-अप मैच खेला, जिसमें टीम इंडिया ने 6 विकेट से जीत दर्ज कर ली. इस वॉर्म-अप मैच में भारत के बल्लेबाजों ने तो काफी प्रभावित किया, लेकिन गेंदबाजों का प्रदर्शन काफी फीका नजर आया. तो आइए इस आर्टिकल में आपको भारत के उन 5 खिलाड़ियों के बारे में बताते हैं, जिन्होंने वॉर्म-अप मैच में कमाल का प्रदर्शन किया है.
देवदत्त पडिक्कल ने लगाई सेंचुरी
भारतीय क्रिकेट टीम की ओर से वॉर्म-अप मैच की पहली पारी में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने आए देवदत्त पडिक्कल ने कमाल का प्रदर्शन किया. पहले तो वह 103 रनों की शतकीय पारी खेलकर रिटायर्ड हर्ट होकर पवेलियन लौट गए, लेकिन फिर जब विकेट गिरे, तो मैनेजमेंट ने पडिक्कल को फिर बल्लेबाजी के लिए भेजा और फिर वह 142 के स्कोर पर नाबाद वापस लौटे. उनकी इस पारी की ही बदौलत टीम इंडिया ने पहली पारी में 90 ओवर में 357 का स्कोर खड़ा किया था.
रवींद्र जडेजा ने बल्ले और गेंद से दिखाया दम
Wicket No. 4⃣ for #TeamIndia! ???? ????
— BCCI (@BCCI) August 9, 2026
Ravindra Jadeja ???? Yashasvi Jaiswal
Updates ▶️ https://t.co/g7rdlUUjY2 pic.twitter.com/V2pIOpCUWa
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी खिलाड़ी रवींद्र जडेजा ने कमाल का प्रदर्शन किया है. जडेजा पहली पारी में बल्लेबाजी करने आए, तो उन्होंने 117 गेंदों का सामना किया और 63 रन बोर्ड पर लगाए. वहीं, दूसरी पारी में वह 32 गेंद पर 22 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हो गए. वहीं, गेंद से भी जड्डू ने अच्छा प्रदर्शन किया. पहली पारी में जडेजा ने 15 ओवर फेंके, जिसमें 64 रन देकर 2 विकेट लिए. फिर दूसरी पारी में भी जडेजा ने 7 ओवर गेंदबाजी की और 2 विकेट चटकाए.
Mohammed Siraj with the winning runs ????????
— BCCI (@BCCI) August 9, 2026
A successful chase in Colombo for #TeamIndia against SLC XI ????????
Scorecard ▶️ https://t.co/g7rdlUUjY2 pic.twitter.com/4rAFzHXWXN
गुरनूर बरार ने की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी
भारतीय तेज गेंदबाज गुरनूर बरार ने पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी की. बरार ने टेस्ट में टी-20 वाली बल्लेबाजी की और 18 गेंद पर 36 रन की पारी खेलकर नाबाद लौटे, जिसमें उन्होंने 2 चौके और 4 छक्के लगाए. उनकी इस कैमियो इनिंग ने भारत के स्कोरबोर्ड को 357 तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. गुरनूर बरार ने पहली पारी में 1 विकेट लिया और दूसरी पारी में 2 विकेट लिए. इस तरह उन्होंने इस मैच में 3 विकेट झटक लिए.
4- मानव सुथार ने किया इम्प्रेस
भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर खिलाड़ी मानव सुथार ने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से सभी को इम्प्रेस किया. सुथार ने पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए 90 गेंदों का सामना किया, जिसमें 41 रन बनाए. उन्होंने अपनी पारी में 5 चौके और 1 छक्का भी लगाया. फिर दूसरी पारी में वह बल्लेबाजी के लिए आए, तो उन्होंने 24 गेंदें खेलीं और 4 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट होकर वापस लौट गए. गेंद के साथ भी मानव काफी अच्छे दिखे. पहली पारी में उन्होंने 2 विकेट लिए. हालांकि, दूसरी पारी में वह विकेट नहीं ले सके.
5- यशस्वी जायसवाल ने लगाई फिफ्टी
भारतीय स्टार ओपनर यशस्वी जायसवाल वॉर्म-अप मैच की पहली पारी में खाता खोले बिना ही दूसरी गेंद पर ही आउट हो गए थे. लेकिन, जब टीम इंडिया 207 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी, तो उनके सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने मजबूत शुरुआत दिलाई. यशस्वी ने महज 46 गेंद पर 61 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हुए और पवेलियन लौट गए. यशस्वी ने अपनी इस पारी में 9 चौके और 2 छक्के लगाए.
ये भी पढ़ें: Explainer: 3 गेंद पहले ही टीम इंडिया को मिल गई थी जीत, फिर भी क्यों जारी रहा IND vs SL वॉर्म-अप मुकाबला?
अमेरिका में खसरे के मामले पिछले 35 सालों में सर्वाधिक स्तर पर, माता-पिता बच्चों को लगवाएं टीके : एनआईएच प्रमुख
वॉशिंगटन, 10 अगस्त (आईएएनएस)। नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ (एनआईएच) के डायरेक्टर डॉ. जे भट्टाचार्य ने रविवार को अमेरिकी माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों को स्टैंडर्ड टीके लगवाएं, जिनमें खसरे से बचाव का टीका भी शामिल है, क्योंकि अमेरिका में पिछले 35 सालों में खसरे के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं।
भट्टाचार्य, जो कुछ समय के लिए सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) का नेतृत्व करने में भी मदद कर रहे हैं, ने कहा कि बच्चों को रोकी जा सकने वाली बीमारियों से बचाने का सबसे अच्छा तरीका टीकाकरण ही है।
भट्टाचार्य ने सीबीएस न्यूज के प्रोग्राम फेस द नेशन में कहा, अपने बच्चों को खसरे से बचाने का सबसे अच्छा तरीका खसरे का टीका लगवाना है।
उन्होंने कहा कि माता-पिता को बच्चों के लिए स्टैंडर्ड टीके लगवाने चाहिए, जिनमें खसरा, डिप्थीरिया, टेटनस और पर्टुसिस (काली खांसी) से बचाव वाले टीके शामिल हैं।
उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि माता-पिता के लिए - ज्यादातर बच्चों के मामले में, खासकर खसरे, डीटीपी और बचपन के सभी स्टैंडर्ड टीकों के लिए - यह बहुत जरूरी है कि वे अपने बच्चों को टीका लगवाएं।
भट्टाचार्य ने कहा कि उन्होंने खुद अपने बच्चों को टीके लगवाए हैं। उन्होंने परिवारों से बच्चों को स्कूल भेजने का भी आग्रह किया और कहा कि संक्रमण के डर से उन्हें क्लासरूम से दूर नहीं रखना चाहिए।
उन्होंने कहा, अगर आप अपने बच्चों को उन बीमारियों से बचाना चाहते हैं जिन्हें रोका जा सकता है, तो उन्हें टीका लगवाएं। किसी भी स्थिति में, बच्चों को स्कूल भेजना बेहतर है क्योंकि इसी तरह आप उन्हें स्वस्थ रख सकते हैं।
सीबीएस एंकर मार्गरेट ब्रेनन ने कहा कि खसरे के मामले पिछले 35 सालों में सबसे ज्यादा स्तर पर हैं। उन्होंने कहा कि केवल 10 राज्य ही 95 प्रतिशत टीकाकरण के उस स्तर तक पहुंचे हैं जिसे बीमारी के लगातार फैलने को रोकने के लिए जरूरी माना जाता है।
भट्टाचार्य ने कहा कि साउथ कैरोलिना, टेक्सास, एरिजोना और यूटा में बीमारी के फैलने की समस्या को सुलझा लिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्जीनिया में मामले तेजी से कम हो रहे हैं, जबकि पेंसिल्वेनिया में कुछ खास समुदायों पर अभी भी ज्यादा खतरा बना हुआ है।
एनआईएच डायरेक्टर ने टीकाकरण की घटती दरों को आंशिक रूप से कोविड-19 महामारी के बाद पब्लिक हेल्थ अधिकारियों पर लोगों का भरोसा कम होने से जोड़ा। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता भरोसा फिर से कायम करना है।
भट्टाचार्य ने उन खबरों पर भी बात की जिनमें कहा गया था कि व्हाइट हाउस टीकों और ऑटिज्म पर एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी खास बातों के बारे में पता नहीं है और उन्हें लगता है कि ऑर्डर अभी पूरा नहीं हुआ है।
उन्होंने ब्रेनन से कहा, मुझे ठीक-ठीक नहीं पता कि इस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में क्या है और आपको भी नहीं पता। भट्टाचार्य ने कहा कि एनआईएच से मदद पाने वाले रिसर्चर ऑटिज्म के मामलों में बढ़ोतरी की कई संभावित वजहों की जांच कर रहे थे। ऑटिज्म डेटा साइंस इनिशिएटिव में शामिल एक दर्जन से ज्यादा टीमों के शुरुआती नतीजे कुछ हफ्तों में आने की उम्मीद थी।
उन्होंने कहा, हमें नहीं पता - अगर आप एक साइंटिस्ट के तौर पर मुझसे पूछें कि क्या मुझे पता है कि ऑटिज्म के मामलों में यह बढ़ोतरी क्यों हुई है? तो मैं कहूंगा कि मुझे इस सवाल का जवाब नहीं पता।
--आईएएनएस
पीआईएम/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation












