CBSE कक्षा 10वीं कंपार्टमेंट छात्रों को पास होने के लिए मिलेंगे कई मौके, यहाँ जानें नए नियम
सीबीएसई कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा (CBSE Board Exam 2026) के परिणाम घोषित हो चुके हैं। LOC सबमिशन और फीस भुगतान प्रक्रिया जारी है। टू-एग्जाम सिस्टम में कम्पार्टमेंट एग्जाम से जुड़े नए नियम भी शामिल हैं। कक्षा दसवीं बोर्ड परीक्षा में 1 लाख 47 हजार 172 छात्रों को कंपार्टमेंट कैटेगरी में शामिल किया गया है। ऐसे स्टूडेंट्स को एग्जाम पास करने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड तीन मौके देगा।
पहला मौका मई-जून में आयोजित होने वाली दूसरी बोर्ड परीक्षा में मिलेगा। इस दौरान में अपने प्रदर्शन में सुधार कर सकते हैं। नए नियमों के तहत इस परीक्षा में सभी छात्र शामिल हो सकते हैं। हालांकि यह वैकल्पिक होगा। दूसरा मौका सेशन 2026-27 में आयोजित होने वाली मुख्य परीक्षा में मिलेगा। यदि कोई छात्र इसमें में भी फेल होता है, तो उसे तीसरा और आखिरी मौका मई-जून 2027 में होने वाली बोर्ड परीक्षा में मिलेगा। अब कोई भी विशेष परीक्षा आयोजित नहीं होगी।
तीनों परीक्षा में फेल होने पर क्या होगा?
यदि कम्पार्टमेंट कैटेगरी के छात्र इन 3 में किसी भी एक परीक्षा में पास नहीं होते हैं, तो उन्हें “Essential Repeat” की कैटेगरी में रखा जाएंगे। सभी विषयों की परीक्षा दोबारा देनी होगी। बता दें नई व्यवस्था के तहत जिन छात्रों को एसेंशियल रिपीट की कैटेगरी में रखा जाएगा, उन्हें दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी।
22 अप्रैल तक LOC फीस जमा करने की अंतिम तारीख
पहली बार के कंपार्टमेंट कैटेगरी के छात्रों के लिए LOC जमा करना होगा, यह जिम्मेदारी स्कूलों की होगी। लेट फीस के साथ 22 अप्रैल यह काम पूरा किया जा सकता है। तीसरे चांस वाले छात्र ही दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। ऐसे स्टूडेंट्स जिन्होंने बोर्ड परीक्षा में सभी विषयों में पास हो चुके हैं, लेकिन फिर भी प्रदर्शन सुधारना चाहते हैं, वे भी इसमें शामिल हो सकते हैं। साइंस, मैथमेटिक्स, सोशल साइंस और लैंग्वेज में से किसी भी तीन विषयों के प्रदर्शन को सुधारने का मौका मिलेगा। छात्रों को गणित विषय में बदलाव का मौका भी मिलेगा, बेसिक या स्टैंडर्ड में फेरबदल कर सकते हैं।
पुनर्मूल्यांकन प्रोसेस कब शुरू होगा?
सीबीएसई कक्षा दसवीं दूसरी बोर्ड परीक्षा के बाद पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस दौरान साथ छात्र अपने उत्तरपुस्तिका की फोटोकॉपी और रि-चेकिंग के लिए आवेदन कर पाएंगे। इसके लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान भी करना होगा। बोर्ड ने फिलहाल मार्कशीट और अन्य दस्तावेजों को जारी नहीं किया है। दूसरी बोर्ड परीक्षा के बाद ही फाइनल रिजल्ट जारी किया जाएगा।
PWD के कार्यपालन यंत्री, SDO, सब इंजीनियर को लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, ढाई लाख रुपये जब्त
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचारियों पर लगातार कार्रवाई हो रही है लोकायुक्त पुलिस घूसखोरों को रंगे हाथ पकड़ रही है, इसी क्रम में आज इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने पीडब्ल्यूडी के तीन बड़े अधिकारियों को रिश्वत के मामले में रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, इसमें एक कार्यपालन स्तर का अधिकारी भी शामिल है।
लोकायुक्त एसपी कार्यालय इंदौर से मिली जानकारी के मुताबिक आज टीम ने कार्यपालन यंत्री जयदेव गौतम, अनुविभागीय अधिकारी (SDO) टी.के. जैन और उपयंत्री अंशु दुबे को रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ पकड़ा है, लोकायुक्त कार्यालय ने अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया है।
लोकायुक्त एसपी इंदौर राजेश सही ने बताया कि आवेदक राजपाल सिंह पंवार संचालक पटेल श्री इंटरप्राईजेस धार निवासी सागोर अचाना रोड़, पीथमपुर जिला -धार ने कार्यालय में एक शिकायती आवेदन दिया था जिसमें पीडब्ल्यूडी संभाग कमांक-1 इंदौर के अधिकारियों पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।
बिल भुगतान करने मांगी साढ़े तीन लाख की रिश्वत
आवेदक राजपाल सिंह पंवार ने बताया कि वो पटेल इंटरप्राईजेस धार का संचालक है एवं शासकीय ठेकेदार है। उसकी फर्म द्वारा 2023 में पेटी कॉन्ट्रेक्ट पर मैथवाडा-फारेलेन पहुंच मार्ग का कार्य 4,73,35,000/- रु. में लिया था। आवेदक की फर्म द्वारा उक्त कार्य 4, 51 ,72,101/-86. में पूर्ण किया था। आवेदक की फर्म द्वारा किये गये कार्य के अंतिम बिल का भुगतान करने के एवज में जयदेव गौतम द्वारा 1, 50000/- रुपये, टी. के. जैन द्वारा 100000 रुपये एवं आरोपी अंशु दुबे द्वारा 100000 कुल 3 ,50,000/ रिश्वत की मांग की गई।
लोकायुक्त पुलिस ने अधिकारियों को रंगे हाथ पकड़ा
शिकायती आवेदन मिलने के बाद इसका सत्यापन किय आगे और शिकायत सही पाये जाने पर आज 21 अप्रैल को ट्रेपदल का गठन किया गया। टीम ने कार्यपालन यंत्री जयदेव गौतम को उनके शासकीय निवास पर आवेदक से 1,50,000/- रुपये एवं SDO टी.के. जैन को कार्यालय अनुविभगीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग के पोर्च के नीचे से आवेदक के प्रतिनिधि से 1 ,00,000/ रुपये रिश्वत राशि लेते हुये रंगे हाथो पकड़ा गया। उपयंत्रीअंशु दुबे द्वारा मांग की गई रिश्वत राशि कम होने से आवेदक के प्रतिनिधि से प्राप्त नहीं की गई। टीम ने आरोपियों के पास से ढाई लाख रुपये जब्त कर लिए।
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