बुल्गारिया चुनाव में रूमेन रादेव की जबरदस्त जीत, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)।बुल्गारिया के संसदीय चुनाव में रूमेन रादेव की अगुवाई वाली प्रोग्रेसिव बुल्गारिया गठबंधन ने भारी जीत हासिल की है। इस जीत पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूमेन रादेव को बधाई दी।
मंगलवार को एक्स पर पीएम मोदी ने लिखा, रूमेन रादेव और उनकी पार्टी प्रोग्रेसिव बुल्गारिया को संसदीय चुनावों में मिली जीत के लिए हार्दिक बधाई। मैं भारत और बुल्गारिया के बीच मैत्रीपूर्ण और बहुआयामी संबंधों को और अधिक मजबूत करने और इस क्षेत्र में व्यापक सहयोग को बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने को लेकर उत्सुक हूं।
केंद्रीय चुनाव आयोग (सीईसी) ने 19 अप्रैल को हुए संसदीय चुनावों के प्रारंभिक परिणाम प्रकाशित किए।
पूर्व राष्ट्रपति रूमेन रादेव की अगुवाई वाली प्रोग्रेसिव बुल्गारिया गठबंधन ने भारी मतांतर से जीत हासिल की। केंद्रीय चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 100 प्रतिशत गिनती के बाद गठबंधन को लगभग 44.594 प्रतिशत वोट मिले, जो संसद की 240 सीटों में 135 से अधिक सीटें हासिल करने के लिए पर्याप्त है।
यह 1997 के बाद पहला मौका है जब कोई एक पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बना सकेगी। रादेव, जो यूरोपीय संघ की आलोचना करते रहे हैं और रूस के साथ संबंध सुधारने की वकालत करते हैं, ने इस जीत को आशा की जीत बताया।
उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई और राजनीतिक स्थिरता का वादा किया। बुल्गारिया पिछले पांच साल में आठवीं बार चुनाव लड़ रहा था, जिसके बाद जनता अब स्थिर सरकार की उम्मीद कर रही है। इस जीत पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूमेन रादेव को बधाई दी।
भारत और बुल्गारिया के बीच संबंध पहले से ही मजबूत रहे हैं। दोनों देश यूरोपीय संघ और नाटो जैसे मंचों पर सहयोग करते हैं। रादेव की जीत के बाद भारत-बुल्गारिया के आर्थिक संबंधों में नई गति आएगी।
रादेव ने पहले भी भारत की सराहना की थी। 2024 में भारतीय नौसेना द्वारा बुल्गारियाई जहाज को समुद्री लुटेरों से बचाने पर उन्होंने पीएम मोदी का आभार जताया था।
इस बीच बुल्गारियन न्यूज एजेंसी ने राष्ट्रपति इलियाना इओटोवा के हवाले से बताया कि संसद को 29 या 30 अप्रैल को बुलाए जाने की पूरी संभावना है। उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों से कहा, यह पूरी तरह संभव है कि मैं अगले बुधवार या गुरुवार को 52वीं राष्ट्रीय सभा बुलाऊं।
केंद्रीय चुनाव आयोग (सीईसी) ने अभी तक 19 अप्रैल, 2026 को हुए मध्यावधि संसदीय चुनावों के आधिकारिक परिणामों की घोषणा नहीं की है, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति रूमेन रादेव की पार्टी प्रोग्रेसिव बुल्गारिया ने जबरदस्त जीत हासिल की थी।
इओटोवा ने कहा कि उन्हें सीईसी के निर्णय का इंतजार है। उन्होंने कहा, मुझे उम्मीद है कि शनिवार तक, हमारे पास नए सांसदों के नामों की सूची आ जाएगी।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत को 100 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन का लक्ष्य रखना चाहिए: नितिन गडकरी
नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि भारत को जल्द ही ऑटोमोबाइल ईंधन के रूप में 100 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण हासिल करने का लक्ष्य रखना चाहिए, ताकि आयातित तेल पर निर्भरता कम हो सके, जो ईरान युद्ध जैसे भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान के प्रति देश को संवेदनशील बनाता है।
मंत्री ने बताया कि भारत अपनी कुल तेल जरूरत का लगभग 87 प्रतिशत आयात करता है।
केंद्रीय मंत्री ने इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी के ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव में अपने संबोधन में कहा, हम 22 लाख करोड़ रुपए के फॉसिल फ्यूल आयात करते हैं, जो प्रदूषण भी बढ़ाता है। इसलिए हमें वैकल्पिक ईंधन और बायो-फ्यूल के उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में काम करना होगा।
उन्होंने आगे कहा, निकट भविष्य में भारत को 100 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण हासिल करने का लक्ष्य रखना चाहिए। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण आज ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना जरूरी है।
2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई20) लॉन्च किया था। वर्तमान में भारतीय वाहन ई20 पेट्रोल पर थोड़े बदलाव के साथ चल सकते हैं, जिससे इंजन में जंग जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है। ब्राजील जैसे देशों में 100 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का उपयोग होता है।
पेट्रोल और डीजल वाहनों के उपयोग को कम करने की जरूरत पर जोर देते हुए गडकरी ने कहा, हम लोगों को जबरदस्ती पेट्रोल-डीजल वाहन खरीदने से नहीं रोक सकते।
ई20 को लेकर सोशल मीडिया पर बढ़ती चिंताओं के बारे में उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम सेक्टर इस कदम के खिलाफ लॉबिंग कर रहा है।
उन्होंने ऑटोमोबाइल कंपनियों से कहा कि वे लागत के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान दें, इससे उन्हें नए बाजारों में जगह बनाने में मदद मिलेगी।
गडकरी ने यह भी कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन है, लेकिन इसे व्यावहारिक बनाने के लिए हाइड्रोजन फ्यूल स्टेशनों की लागत कम करना जरूरी है।
उन्होंने आगे कहा, हाइड्रोजन के ट्रांसपोर्ट में दिक्कत है। साथ ही, हमें 1 किलो हाइड्रोजन को 1 डॉलर में तैयार करना होगा ताकि भारत ऊर्जा निर्यातक बन सके। उन्होंने कचरे से हाइड्रोजन बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
मंत्री ने कहा कि सर्कुलर इकोनॉमी पर ध्यान देकर भारत में रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि 1 अप्रैल से लागू होने वाले कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी (सीएएफई III) मानकों का इलेक्ट्रिक और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
--आईएएनएस
डीबीपी
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