जापान में टैंक अभ्यास के दौरान हादसा, तीन जवानों की मौत, एक गंभीर रूप से घायल
टोक्यो, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। जापान के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में एक ट्रेनिंग रेंज में जबरदस्त हादसा हुआ। टैंक का गोला समय से पहले फटने से तीन रक्षा कर्मियों की मौत हो गई और एक घायल हो गया। यह जानकारी मंगलवार को मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आई।
जापान की प्रमुख समाचार एजेंसी क्योडो ने बताया कि धमाके का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है और इसकी जांच के लिए एक समिति गठित की गई है। यह घटना मंगलवार सुबह करीब 8:40 बजे (स्थानीय समय) ओइता प्रांत में ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्स (जीएसडीएफ) के हिजुदाई ट्रेनिंग रेंज में एक टैंक अभ्यास के दौरान हुई।
जीएसडीएफ के चीफ ऑफ स्टाफ मासायोशी अराई ने मीडिया को बताया कि मारे गए तीनों जवानों के नाम केंटारो हमाबे (45), शिंगो ताकायामा (31) और कोजो कनाई (30) हैं। ये सभी वेस्टर्न आर्मी टैंक यूनिट के सदस्य थे, जो कैंप कुसु में तैनात थे।
जीएसडीएफ के अनुसार, इस हादसे में टैंक के कमांडर, गनर, सेफ्टी ऑफिसर और ड्राइवर शामिल थे। इनमें से ड्राइवर घायल हुआ है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
जनरल अराई ने कहा कि हम मारे गए जवानों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।
जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी ने टोक्यो में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार इस घटना की पूरी जानकारी जुटाने में लगी है।
उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद मैंने टाइप-10 टैंकों से होने वाली लाइव फायर एक्सरसाइज पर रोक लगा दी है। साथ ही टाइप-90 टैंक से जुड़े ऐसे अभ्यास भी बंद कर दिए गए हैं, क्योंकि इनमें एक ही तरह के गोले इस्तेमाल होते हैं। यह बहुत दुखद घटना है। हम पूरी तरह से सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
हिजुदाई ट्रेनिंग रेंज करीब 5,000 हेक्टेयर में फैली हुई है और यहां बड़े स्तर पर सैन्य अभ्यास होते हैं। टाइप-10 टैंक का निर्माण मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज करती है।
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पाकिस्तान: बलूचिस्तान में लगातार दूसरे दिन हमले, एक अधिकारी की मौत, छह घायल
क्वेटा, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन पाकिस्तानी सुरक्षाबलों पर हमले हुए। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हमलों में एक पैरामिलिट्री अधिकारी की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए।
रिपोर्ट्स के अनुसार, एक सशस्त्र समूह ने मस्तुंग के दाश्त इलाके में कई जगहों पर पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाया। अलग-अलग हमलों में दो गाड़ियां नष्ट कर दी गईं और बताया जा रहा है कि हमलावरों ने मारे गए जवानों से हथियार भी छीन ले लिए।
पाकिस्तानी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि एंटी-टेररिज्म फोर्स के अधिकारी रहमतुल्लाह खिलजी की मौत हुई है और छह अन्य घायल हैं।
स्थानीय सूत्रों के हवाले से “द बलूचिस्तान पोस्ट” ने बताया कि मौतों की संख्या ज्यादा हो सकती है, लेकिन अधिकारियों ने अभी और जानकारी साझा नहीं की है।
झड़पें रविवार से शुरू हुई थीं, जब पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने कंबेला इलाके के कुछ हिस्सों को घेरकर ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान हथियारबंद लोगों ने जवानों पर हमला कर दिया, जिससे गोलीबारी शुरू हो गई।
लोगों ने बताया कि पास के कुंद मसूरी में एक फोर्स कैंप के नजदीक भारी फायरिंग और धमाकों की आवाजें सुनी गईं, और लगभग एक घंटे तक लड़ाई चली।
रविवार को इससे पहले, दाघारी क्रॉस पर गश्त कर रही दो सैन्य गाड़ियों पर घात लगाकर हमला किया गया था। ये गाड़ियां एक ट्रेन की सुरक्षा के लिए जा रही थीं। हमले में एक गाड़ी को नुकसान पहुंचा और कुछ लोग हताहत हुए।
पिछले हफ्ते, बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया था कि उसने 3 से 14 अप्रैल के बीच बलूचिस्तान के अलग-अलग इलाकों में 14 हमलों में 29 पाकिस्तानी सैन्य कर्मियों को मार गिराया।
द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, बीएलए के प्रवक्ता जियांद बलूच ने बयान में कहा कि इन हमलों को पंजगुर, खरान, सुराब, वाशुक, उथल, मस्तुंग और झाल मगसी में अंजाम दिया गया। इन हमलों में सैन्य काफिलों, चौकियों और सप्लाई लाइनों को निशाना बनाया गया।
उन्होंने कहा कि इन हमलों में घात लगाकर हमला, आईईडी (बम) और उनके अनुसार ड्रोन स्ट्राइक भी शामिल थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ ऑपरेशन के दौरान हाईवे और चेकपोस्ट पूरी तरह उनके कब्जे में थे, और 13 लेवीज और पुलिस कर्मियों को पकड़कर बाद में छोड़ दिया गया।
बीएलए ने कहा कि ये हालिया हमले उनके अनुसार “बलूच मातृभूमि की रक्षा” के लिए चल रहे संघर्ष के एक “निर्णायक चरण” की शुरुआत हैं।
--आईएएनएस
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