मध्य पूर्व संकट के बीच एलपीजी आपूर्ति नियंत्रण में, मजदूरों के लिए बढ़ाई गई 5 किलो सिलेंडर की सप्लाई: सरकार
नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने मंगलवार को स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में है और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि देश भर में कहीं भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स पर गैस खत्म होने (ड्राय आउट) की कोई रिपोर्ट नहीं है। ऑनलाइन गैस बुकिंग बढ़कर करीब 98 प्रतिशत तक पहुंच गई है और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) के जरिए करीब 92 प्रतिशत डिलीवरी की जा रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। उपभोक्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए एलपीजी बुकिंग करने और वैकल्पिक ईंधन जैसे पीएनजी, इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप का उपयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है। साथ ही, ऊर्जा बचाने की भी सलाह दी गई है।
बयान में कहा गया है कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के बावजूद घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की 100 प्रतिशत सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। कमर्शियल एलपीजी में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य जरूरी सेक्टर्स को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा, प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो सिलेंडर की सप्लाई भी बढ़ाई गई है।
रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाने, बुकिंग अंतराल बढ़ाने और वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराने जैसे कई कदम उठाए गए हैं। कोयला मंत्रालय ने भी राज्यों को अतिरिक्त कोयला उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए देश भर में लगातार कार्रवाई जारी है। हाल ही में एक दिन में 2200 से ज्यादा छापे मारे गए। पीएसयू ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 274 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स पर जुर्माना लगाया है और 67 डिस्ट्रीब्यूटर्स को निलंबित किया गया है।
मंत्रालय ने बताया कि मार्च 2026 से अब तक 5.01 लाख से ज्यादा पीएनजी कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं और 5.68 लाख से अधिक नए उपभोक्ताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। करीब 39,400 उपभोक्ताओं ने एलपीजी कनेक्शन छोड़कर पीएनजी को अपनाया है, जिससे एलपीजी पर दबाव कम हुआ है।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, देश के सभी बंदरगाह सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और कहीं भी जाम की स्थिति नहीं है। 28 फरवरी 2026 से अब तक 9 एलपीजी जहाज और 1 कच्चे तेल का जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं, जो समुद्री गतिविधियों में सुधार का संकेत है।
डीसी शिपिंग कंट्रोल रूम अब तक 7,000 से ज्यादा कॉल और लगभग 15,000 ईमेल संभाल चुका है। साथ ही 2,590 से ज्यादा भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।
इसके अलावा, मंत्रालय ने बताया कि इराक में फंसे 12 भारतीय नाविकों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया है। बगदाद में भारतीय मिशन ने उनकी मदद की और उन्हें मुंबई पहुंचाया गया। सरकार ने कहा कि विदेशों में भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
जापान में टैंक अभ्यास के दौरान हादसा, तीन जवानों की मौत, एक गंभीर रूप से घायल
टोक्यो, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। जापान के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में एक ट्रेनिंग रेंज में जबरदस्त हादसा हुआ। टैंक का गोला समय से पहले फटने से तीन रक्षा कर्मियों की मौत हो गई और एक घायल हो गया। यह जानकारी मंगलवार को मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आई।
जापान की प्रमुख समाचार एजेंसी क्योडो ने बताया कि धमाके का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है और इसकी जांच के लिए एक समिति गठित की गई है। यह घटना मंगलवार सुबह करीब 8:40 बजे (स्थानीय समय) ओइता प्रांत में ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्स (जीएसडीएफ) के हिजुदाई ट्रेनिंग रेंज में एक टैंक अभ्यास के दौरान हुई।
जीएसडीएफ के चीफ ऑफ स्टाफ मासायोशी अराई ने मीडिया को बताया कि मारे गए तीनों जवानों के नाम केंटारो हमाबे (45), शिंगो ताकायामा (31) और कोजो कनाई (30) हैं। ये सभी वेस्टर्न आर्मी टैंक यूनिट के सदस्य थे, जो कैंप कुसु में तैनात थे।
जीएसडीएफ के अनुसार, इस हादसे में टैंक के कमांडर, गनर, सेफ्टी ऑफिसर और ड्राइवर शामिल थे। इनमें से ड्राइवर घायल हुआ है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
जनरल अराई ने कहा कि हम मारे गए जवानों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।
जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी ने टोक्यो में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार इस घटना की पूरी जानकारी जुटाने में लगी है।
उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद मैंने टाइप-10 टैंकों से होने वाली लाइव फायर एक्सरसाइज पर रोक लगा दी है। साथ ही टाइप-90 टैंक से जुड़े ऐसे अभ्यास भी बंद कर दिए गए हैं, क्योंकि इनमें एक ही तरह के गोले इस्तेमाल होते हैं। यह बहुत दुखद घटना है। हम पूरी तरह से सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
हिजुदाई ट्रेनिंग रेंज करीब 5,000 हेक्टेयर में फैली हुई है और यहां बड़े स्तर पर सैन्य अभ्यास होते हैं। टाइप-10 टैंक का निर्माण मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज करती है।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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