Castor Oil For Eyebrows: कैस्टर ऑयल में ये 5 चीजें मिलाकर लगाएं, काली-घनी होंगी भौंहें
Castor Oil For Eyebrows: काली, घनी भौंहें इन दिनों ट्रेंड में हैं. ऐसी आईब्रो पाने के लिए लड़कियां माइक्रोब्लेडिंग और आईब्रो लेमिनेशन जैसे प्रोफेशनल ट्रिटमेंट करवा रही हैं. लेकिन इन कैमिकल ट्रिटमेंट के साइड इफेक्ट्स भी हैं. नेचुरली आईब्रो को घना बनाने के लिए आप कैस्टर ऑयल जिसे अरंडी का तेल भी कहा जाता है, इसका इस्तेमाल कर सकती हैं. दरअसल ओवर-प्लकिंग, मेकअप के साइड इफेक्ट्स या पोषण की कमी की वजह से कई लोगों की भौंहें पतली और बेजान लगने लगती हैं. कैस्टल ऑयल ऐसी भौहों को अंदर से मजबूत और घना बनाता है. साथ ही, इससे आईब्रो के टेक्सचर में भी सुधार आता है. तो आइए जानते हैं 5 ऐसे DIY हैक्स के बारे में जो आपकी भौंहों को नेचुरली काली घनी बना सकते हैं.
1. कैस्टर ऑयल और नारियल का तेल
अगर आपके आईब्रो के बाल भी टूटते और झड़ते हैं तो यह मिश्रण आपके लिए है. कैस्टर ऑयल में नारियल का तेल मिलाकर लगाने से आपकी भौंहें अंदर से मजबूत और लचीली बन सकती हैं. नारियल का तेल बालों की सतह पर जाकर उन्हें नरिश करता है. वहीं, कैस्टल ऑयल बालों को टूटने से बचाता है. अगर आप कैस्टर ऑयल में वर्जिन कोकोनट ऑयल बराबर मात्रा में मिलाकर लगाते हैं, तो इससे आईबोन के पास ब्लड सर्कुलेशन बढ़ेगा, जिससे भौहें धीरे-धीरे ग्रोथ करने लगेंगी.
ये भी पढ़ें- Nail Polish Bottle Reuse: खाली नेल पॉलिश की शीशी फेंके नहीं, बल्कि इन तरीकों से सजाएं घर
2. कैस्टर ऑयल और ग्लिसरीन (Castor Oil For Eyebrows)
जिन लोगों की भौंहें रूखी और भुरभुरी हैं या जिनकी भौंहों के नीचे की त्वचा परतदार रहती है उनके लिए यह मिश्रण किसी वरदान से कम नहीं है. ग्लिसरीन हवा से नमी खींचकर त्वचा और बालों में बंद कर देती है जिससे वो कड़क एहसास नहीं होता जो अकेले भारी तेल लगाने पर होता है. इसे लगाने के लिए आधा चम्मच कैस्टर ऑयल में वेजिटेबल ग्लिसरीन की दो बूंदें मिलाएं. रुई के फाहे से बहुत पतली परत लगाएं. हालांकि ध्यान रखें कि ग्लिसरीन ज्यादा हो जाने पर चिपचिपाहट महसूस हो सकती है.
3. कैस्टर ऑयल और विटामिन ई कैप्सूल
ओवर-प्लकिंग या हार्श मेकअप प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने से कई बार भौहों के पोर्स कमजोर होने लगते हैं. इससे भौंहें जरूरत से ज्यादा झड़ने लगती हैं. पोर्स को बंद कर आईब्रो को मजबूत बनाने के लिए आप विटामिन ई कैप्सूल का इस्तेमाल कर सकते हैं. विटामिन ई कैप्सूल बालों को रिग्रोथ करने का काम करता है. इसमें मौजूद पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट बालों की जड़ों पर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं. कैस्टर ऑयल और विटामिन ई कैप्सूल का मिश्रण लगाने के लिए 1 चम्मच कैस्टर ऑयल में 1 विटामिन E कैप्सूल मिलाकर लगाएं. यह मिश्रण थोड़ा गाढ़ा होता है, इसलिए सोने से पहले इसे सीधे भौंहों की जड़ों पर लगाएं.
4. कैस्टर ऑयल और एलोवेरा जेल (Castor Oil For Eyebrows)
कई लोगों की त्वचा ऑयली होती है, जिसकी वजह से कैस्टर ऑयल लगाने से उनकी स्किन पर मुंहासे होने लगते हैं. इससे बचने के लिए आप कैस्टर ऑयल में एलोवेरा जेल मिलाकर लगा सकते हैं. एलोवेरा में मौजूद एंजाइम डेड स्किन हटाने का काम करेंगे और इससे आपके ओपन पोर्स भी बंद हो जाएंगे. भौंहों की रिग्रोथ अच्छे से होगी और वो घनी दिखेंगी. इस मिश्रण को लगाने के लिए कैस्टर ऑयल और ताजा एलोवेरा जेल बराबर मात्रा में मिलाएं. यह हल्का सीरम जैसा बनता है जो स्किन में जल्दी एब्जॉर्ब हो जाता है.
5. कैस्टर ऑयल और वैसलीन
यह DIY हैक उन लोगों के लिए है जिन्हें नाइट स्किनकेयर रूटीन ज्यादा पसंद होता है. काली घनी भौंहों के लिए आप कैस्टर ऑयल में वैसलीन मिलाकर लगा सकते हैं. वैसलीन एक ऑक्लूसिव की तरह काम करती है. यानी यह कैस्टर ऑयल को बाहर निकलने से रोककर भौंहों पर रात भर बनाए रखती है. इससे तकिए पर तेल नहीं लगता और भौंहें पूरी रात हाइड्रेटेड रहती हैं.
अखबार या फॉयल में खाना लपेटकर रखने की आदत बन सकती है बड़ा खतरा, सेहत के लिए हो सकते हैं जानलेवा
नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। हमारे रोजमर्रा के जीवन में कई ऐसी आदतें शामिल होती हैं, जिन्हें हम बिना सोचे-समझे अपनाते रहते हैं। खासकर रसोई से जुड़ी आदतें अक्सर पीढ़ी दर पीढ़ी चली आती हैं, जैसे रोटी को अखबार में लपेटकर रखना। समय आगे बढ़ा तो अखबार की जगह एल्युमिनियम फॉयल ने ले ली, लेकिन अखबार हो या एल्युमिनियम फॉयल, ये हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक हैं।
अखबार में खाना रखना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। अखबार छापने में जो स्याही इस्तेमाल होती है, उसमें कई तरह के रसायन होते हैं। वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार, इन स्याहियों में मौजूद रसायन जब गरम या तैलीय खाने के संपर्क में आते हैं तो वे खाने में घुलने लगते हैं। इस तरह ये हानिकारक तत्व हमारे शरीर में पहुंच सकते हैं, जो लंबे समय में पाचन तंत्र पर असर डाल सकते हैं।
बाजार में मिलने वाले स्ट्रीट फूड जैसे पकौड़े, जलेबी या समोसे अक्सर अखबार में लपेटकर दिए जाते हैं। जब इन चीजों को बार-बार इसी तरह खाया जाता है तो धीरे-धीरे शरीर में विषैले तत्व जमा होने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि इसका असर तुरंत नजर नहीं आता, लेकिन लंबे समय में यह आदत स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।
अब बात करें एल्युमिनियम फॉयल की तो इसे आमतौर पर अखबार से बेहतर माना जाता है, लेकिन यह भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि जब गरम, खट्टा या ज्यादा मसालेदार खाना फॉयल में रखा जाता है तो उसमें मौजूद एल्युमिनियम की थोड़ी मात्रा खाने में मिल जाती है। हालांकि यह मात्रा बहुत कम होती है, लेकिन अगर रोजाना ऐसा किया जाए तो इसका असर धीरे-धीरे शरीर पर पड़ सकता है।
गर्मी के कारण फॉयल में मौजूद कण खाने में ज्यादा आसानी से घुल जाते हैं, इसलिए फॉयल का इस्तेमाल कभी-कभार करना ठीक है, लेकिन इसे रोजाना की आदत बनाना सही नहीं है।
इन जोखिमों से बचने के लिए अन्य सही तरीकों को अपनाना जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि खाने को सुरक्षित रखने के लिए स्टील या कांच के बर्तनों का इस्तेमाल करना बेहतर होता है। इसके अलावा साफ सूती कपड़ा या फूड-ग्रेड पेपर भी अच्छे विकल्प माने जाते हैं।
--आईएएनएस
पीके/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation


















