देश में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को बढ़ाने की केंद्र की बड़ी तैयारी, जल्द आ सकता है आईएसएम 2.0 : रिपोर्ट
नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्र सरकार देश में तेजी से सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विस्तार के लिए मई तक इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन आईएसएम 2.0 लाने की तैयारी कर रही है। इसका प्रस्तावित परिव्यय एक लाख करोड़ रुपए से 1.2 लाख करोड़ रुपए के बीच रहने का अनुमान है।
एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के मुताबिक, आईएसएम 2.0 को लेकर मंत्रालयों के बीच बातचीत चल रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, वित्त मंत्रालय से मंजूरी का इंतजार कर रहा है।
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि आईएसएम 2.0 में प्रस्तावित परिव्यय पहले चरण से काफी अधिक होने का अनुमान है, जो कि पहले 76,000 करोड़ रुपए था।
सूत्रों ने आगे बताया कि आईएसएम 2.0 के तहत, सरकार का लक्ष्य कार्यक्रम के दायरे को चिप निर्माण और डिजाइन से आगे बढ़ाकर सेमीकंडक्टर उपकरण, कच्चे माल और अन्य महत्वपूर्ण इनपुट के लिए समर्थन को शामिल करना है, साथ ही पूर्ण-स्टैक बौद्धिक संपदा के निर्माण और आपूर्ति श्रृंखला की लचीलता को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित करना है।
सरकार यह कदम ऐसे समय पर उठा रही है, जब वैश्विक अस्थिरता के कारण ग्लोबल आपूर्ति श्रृंखलाओं में लगातार व्यवधान देखने को मिल रहे हैं।
गैस आपूर्तिकर्ता, विशेष रसायन निर्माता, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और अन्य इकोसिस्टम के भागीदार जैसे सहायक खिलाड़ी इस संशोधित ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।
दूसरे चरण की एक प्रमुख विशेषता संशोधित डिजाइन-लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई 2.0) योजना है, जिसके तहत विदेशी कंपनियों को भारतीय कंपनियों के साथ देश के भीतर सेमीकंडक्टर रिसर्च और डेवलपमेंट में साझेदारी करने की अनुमति मिलने की संभावना है।
इस पहल से इनोवेशन को गति मिलने और आने वाले वर्षों में 50 तक फैबलेस सेमीकंडक्टर डिजाइन फर्मों के उदय को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
मार्च 2025 में भारत के पहले नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स रोडशो में, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा था कि घरेलू सेमीकंडक्टर मांग बाजार 2030 तक 110 अरब डॉलर तक बढ़ने की उम्मीद है।
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एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में बंद, सेंसेक्स में 753 अंकों की बढ़त
मुंबई, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के चलते वैश्विक बाजार से मिले-जुले संकेतों के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में मजबूत बढ़त देखी गई, और प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में बंद हुए। और इसतरह सेंसेक्स और निफ्टी50 ने लगातार तीसरे सत्र में अपनी बढ़त जारी रखी, क्योंकि निवेशक अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर सतर्क रूप से आशावादी बने रहे।
बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 753.03 अंकों यानी 0.96 प्रतिशत की बढ़त के साथ 79,273.33 पर था, तो वहीं एनएसई निफ्टी50 211.75 (0.87 प्रतिशत) की उछाल के साथ 24,576.60 पर ट्रेड करता नजर आया।
दिन के कारोबार में सेंसेक्स 78,617.16 पर खुलकर करीब 750 अंकों की बढ़त के साथ 79,367.08 का इंट्रा-डे हाई बनाया, जबकि निफ्टी50 24,374.55 पर खुलकर 227 अंकों की उछाल के साथ 24,601.70 का दिन का उच्चतम स्तर छुआ।
इस दौरान, बैंक निफ्टी इंडेक्स ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 1.39 प्रतिशत की बढ़त हासिल की। वहीं व्यापक बाजारों में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.49 प्रतिशत तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.88 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी रियल्टी में 2.14 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 1.50 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 1.01 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया में 97 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.79 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और ये सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे। इसके अलावा, निफ्टी आईटी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल में भी तेजी देखने को मिली। जबकि निफ्टी फार्मा का प्रदर्शन खराब रहा।
निफ्टी 50 पैक में नेस्ले इंडिया, एचयूएल, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, टाटा कंज्यूमर, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, इटरनल, आईटीसी, एक्सिस बैंक, अदाणी पोर्ट्स, विप्रो और टीसीएस के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई। इसके विपरीत एसबीआई लाइफ, बीईएल, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज, टाइटन, रिलायंस और एनटीपीसी के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।
--आईएएनएस
डीबीपी
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