पहाड़ो पर सरेटा से गेहूं काटने का अनोखा तरीका, सीढ़ीनुमा खेती से मशीन का नहीं होता प्रयोग
पहाड़ों में गेहूं काटने का तरीका आज भी खास और पारंपरिक है. यहां सरेटा नाम की दो पतली, चिकनी लकड़ियों से गेहूं की बालियां अलग की जाती हैं. इस तरीके से एक भी दाना खराब नहीं होता. सीढ़ीनुमा खेतों में मशीनें काम नहीं आतीं, इसलिए ये तरीका आज भी उपयोगी है और लोगों को अपनी परंपरा से जोड़े रखता है.ये दो पतली और बिल्कुल चिकनी लकड़ियां होती हैं, जिनमें कोई खुरदरापन नहीं होता. इन लकड़ियों की मदद से गेहूं की बालियों को बहुत ही सावधानी से पकड़ा जाता है और फिर अलग किया जाता है. इस तरीके की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसमें गेहूं की एक भी बाली खराब नहीं होती और हर एक दाना सुरक्षित रहता है.
दरभंगा राज की संपत्ति दखल करेगी बिहार सरकार, अंतिम महारानी के निधन के बाद शुरू हुई दखल प्रक्रिया, बनाई जा रही नई नियमावली
Darbhanga Raj property takeover Bihar government : दरभंगा राज की विरासत पर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने दखल की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अंतिम महारानी काम सुंदरी देवी के निधन और वसीयत न होने की स्थिति ने इस कार्रवाई को नया मोड़ दे दिया है. बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने दरभंगा राज की संपत्तियों को लेकर औपचारिक कार्रवाी शुरू कर दी है.
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