इस किसान ने 2016 से नहीं खरीदा LPG सिलेंडर, बायोगैस से चलती है आटा चक्की और समरसेबल
Kaushambi News: कौशांबी जिले के सिराथू तहसील के टेंगाई गांव निवासी किसान रविंद्र कुमार पांडे ने गाय के गोबर को कमाई और बचत का जरिया बना दिया है. उन्होंने वर्ष 2016 में अपने घर पर दो 10-10 घनमीटर क्षमता के बायोगैस प्लांट लगवाए थे. इन प्लांटों में रोजाना गाय का गोबर और पानी मिलाकर डाला जाता है. जिससे गैस तैयार होती है. इसी गैस से उनके घर का खाना बनता है और एलपीजी सिलेंडर का खर्च पूरी तरह बच जाता है. किसान का कहना है कि बायोगैस सुरक्षित है और इसमें लीकेज या हादसे का डर नहीं रहता. यही नहीं, बची हुई गैस से इंजन चलाकर बिजली भी बनाई जाती है. इससे घर की लाइट, पंखा, आटा चक्की और समरसेबल पंप भी चलते है. रविंद्र कुमार पांडे बताते हैं कि इस तकनीक से हर साल लाखों रुपये की बचत हो रही है.
रूसी तेल लेना हुआ आसान! होर्मुज की नाकेबंदी के बीच भारत ने खेला बड़ा दांव, 2030 तक की किचकिच खत्म
Russian Oil News: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी से उभरे तेल-गैस संकट के बीच भारत ने रूसी तेल आयात को लेकर बड़ा दांव खेला है. सरकार ने रूसी तेल की सप्लाई को निर्बाध बनाए रखने के लिए समुद्री बीमा देने वाली रूसी कंपनियों की संख्या बढ़ा दी है, जिससे आने वाले कई वर्षों तक तेल आयात में आने वाली बाधाएं काफी हद तक खत्म हो जाएंगी.
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