Devendra Fadnavis ने E20 Policy का बचाव करते हुए कहा कि गाड़ियों में खराबी का कोई सबूत नहीं है।
पुणे, नौ अगस्त महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को एथनॉल मिश्रण नीति का बचाव करते हुए कहा कि इसकी आलोचना अपर्याप्त सबूतों पर आधारित है। फडणवीस ने कोल्हापुर में कहा, “ऑटोमोबाइल कंपनियों ने ग्राहकों से कहा है कि अगर एथनॉल-मिश्रित पेट्रोल की वजह से गाड़ियों में कोई समस्या आती है तो वे इसके सबूत दें, लेकिन अब तक कोई भी ऐसे सबूत के साथ सामने नहीं आया है।” उन्होंने कहा कि एथनॉल उत्पादन ने चीनी मिलों के लिए एक नई राह खोली है। साथ ही, उन्होंने कहा कि सरकार के कई फैसलों से संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित होगा और चीनी उद्योग में बर्बादी कम होगी।
आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि सरकार ने अवसंरचना का उन्नयन किए बिना या यह सुनिश्चित किए बिना कि मौजूदा गाड़ियां ज्यादा एथनॉल वाले मिश्रण के अनुकूल हैं या नहीं, जबरदस्ती ई20 नीति लागू कर दी। केंद्र सरकार ने अपने एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम का बचाव करते हुए कहा है कि बड़े पैमाने पर परीक्षण और व्यवहारिक अनुभव से ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि ई20 पेट्रोल (जिसमें 20 प्रतिशत एथनॉल मिला होता है) से इंजन में असामान्य घिसाव, जंग या गाड़ी की उम्र कम होने जैसी समस्याएं होती हैं।
Sumit Roy से CID ने सालबोनी जमीन घोटाले में लगातार दूसरे दिन 6 घंटे पूछताछ की
कोलकाता, नौ अगस्त तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के सहयोगी सुमित रॉय से कथित जमीन घोटाला मामले में अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने रविवार को करीब छह घंटे तक पूछताछ की। इससे एक दिन पहले भी राज्य एजेंसी ने उनसे करीब 10 घंटे तक पूछताछ की थी। रॉय कई हफ्तों तक पुलिस की पहुंच से बाहर रहने के बाद शनिवार को उच्चतम न्यायालय के आदेश पर पूछताछ के लिए सीआईडी मुख्यालय पहुंचे थे।
रविवार शाम करीब छह बजे भवानी भवन स्थित सीआईडी कार्यालय से बाहर निकलने पर पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि वह इतने दिनों तक कहां रह रहे थे। रॉय ने कहा, “उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार मैं सभी प्रक्रियाओं का पालन कर रहा हूं। मैं यहीं आसपास था।
मैं इससे ज्यादा कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।” पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक सुजय हाजरा के साथ करोड़ों रुपये के कथित वित्तीय लेन-देन के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर रॉय ने कहा, “सभी आरोप निराधार हैं। मैं इस बारे में और कुछ नहीं कहूंगा। अगर मुझे फिर से पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा तो मैं आऊंगा।” बनर्जी के बचपन के मित्र एवं सहयोगी रॉय पर कई आरोप लगाए गए हैं, जिनमें हाजरा के साथ कथित अवैध वित्तीय लेन-देन और पश्चिम मेदिनीपुर जिले में जमीन सौदों में अनियमितताओं के आरोप शामिल हैं।
सीआईडी ने इस महीने की शुरुआत में रॉय से जुड़े मामलों की जांच अपने हाथ में ली थी। इसके अलावा देबरा थाने में दर्ज जालसाजी के एक मामले में भी उनका नाम सामने आया है। सीआईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पहले कहा था कि एजेंसी शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और इससे जुड़े दस्तावेज जुटा रही है।
अधिकारी ने कहा, “हम शिकायत की जांच कर रहे हैं और सभी संबंधित दस्तावेज एकत्र कर रहे हैं। हर आरोप का सत्यापन साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा और उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” जांचकर्ताओं ने रॉय को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह पेश नहीं हुए थे। बाद में उन्होंने अदालत का रुख किया और कुछ शर्तों के साथ गिरफ्तारी से राहत हासिल की, जिसमें जांच में सहयोग करना भी शामिल था।
उच्चतम न्यायालय ने रॉय को अंतरिम संरक्षण देते हुए उन्हें जांच अधिकारियों के समक्ष पेश होने और जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। रॉय शनिवार को पहली बार सीआईडी के सामने पेश हुए थे और भवानी भवन में उनसे करीब 10 घंटे पूछताछ हुई थी। एजेंसी कार्यालय से निकलने के बाद वह बनर्जी के आवास गए थे, लेकिन उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की।
रविवार को वह पूछताछ के दूसरे दौर के लिए फिर सीआईडी मुख्यालय पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, पिछले दो दिनों से जारी पूछताछ मुख्य रूप से सालबोनी में कथित जमीन घोटाले पर केंद्रित रही। जांचकर्ता रॉय से कथित लेन-देन और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं।
रॉय को सोमवार को देबरा में दर्ज एक मामले में भी जांचकर्ताओं के सामने पेश होने की उम्मीद है। देबरा मामले में पूर्व मेदिनीपुर विधायक सुजय हाजरा का नाम भी शामिल है। उन पर सरकारी नौकरी दिलाने का वादा करके अभ्यर्थियों से पैसे लेने का आरोप लगाया गया है।
सीआईडी ने कहा है कि शिकायत में नामजद सभी लोगों से पूछताछ की जाएगी और कथित अपराधों में उनकी भूमिका, यदि कोई है, तो उसका पता लगाया जाएगा। हालांकि, रॉय ने अपने खिलाफ लगे आरोपों से इनकार किया है। यह जांच रॉय पर बढ़ते कानूनी दबाव के बीच हो रही है।
इससे पहले सालबोनी जमीन मामले में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और पुलिस लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। गौरतलब है कि हाजरा से जुड़े आरोपों की जांच के दौरान रॉय का नाम सामने आने के बाद उनकी तलाश में राज्य पुलिस ने कोलकाता स्थित बनर्जी के आवास की भी तलाशी ली थी।
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