Sumit Roy से CID ने सालबोनी जमीन घोटाले में लगातार दूसरे दिन 6 घंटे पूछताछ की
कोलकाता, नौ अगस्त तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के सहयोगी सुमित रॉय से कथित जमीन घोटाला मामले में अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने रविवार को करीब छह घंटे तक पूछताछ की। इससे एक दिन पहले भी राज्य एजेंसी ने उनसे करीब 10 घंटे तक पूछताछ की थी। रॉय कई हफ्तों तक पुलिस की पहुंच से बाहर रहने के बाद शनिवार को उच्चतम न्यायालय के आदेश पर पूछताछ के लिए सीआईडी मुख्यालय पहुंचे थे।
रविवार शाम करीब छह बजे भवानी भवन स्थित सीआईडी कार्यालय से बाहर निकलने पर पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि वह इतने दिनों तक कहां रह रहे थे। रॉय ने कहा, “उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार मैं सभी प्रक्रियाओं का पालन कर रहा हूं। मैं यहीं आसपास था।
मैं इससे ज्यादा कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।” पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक सुजय हाजरा के साथ करोड़ों रुपये के कथित वित्तीय लेन-देन के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर रॉय ने कहा, “सभी आरोप निराधार हैं। मैं इस बारे में और कुछ नहीं कहूंगा। अगर मुझे फिर से पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा तो मैं आऊंगा।” बनर्जी के बचपन के मित्र एवं सहयोगी रॉय पर कई आरोप लगाए गए हैं, जिनमें हाजरा के साथ कथित अवैध वित्तीय लेन-देन और पश्चिम मेदिनीपुर जिले में जमीन सौदों में अनियमितताओं के आरोप शामिल हैं।
सीआईडी ने इस महीने की शुरुआत में रॉय से जुड़े मामलों की जांच अपने हाथ में ली थी। इसके अलावा देबरा थाने में दर्ज जालसाजी के एक मामले में भी उनका नाम सामने आया है। सीआईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पहले कहा था कि एजेंसी शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और इससे जुड़े दस्तावेज जुटा रही है।
अधिकारी ने कहा, “हम शिकायत की जांच कर रहे हैं और सभी संबंधित दस्तावेज एकत्र कर रहे हैं। हर आरोप का सत्यापन साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा और उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” जांचकर्ताओं ने रॉय को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह पेश नहीं हुए थे। बाद में उन्होंने अदालत का रुख किया और कुछ शर्तों के साथ गिरफ्तारी से राहत हासिल की, जिसमें जांच में सहयोग करना भी शामिल था।
उच्चतम न्यायालय ने रॉय को अंतरिम संरक्षण देते हुए उन्हें जांच अधिकारियों के समक्ष पेश होने और जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। रॉय शनिवार को पहली बार सीआईडी के सामने पेश हुए थे और भवानी भवन में उनसे करीब 10 घंटे पूछताछ हुई थी। एजेंसी कार्यालय से निकलने के बाद वह बनर्जी के आवास गए थे, लेकिन उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की।
रविवार को वह पूछताछ के दूसरे दौर के लिए फिर सीआईडी मुख्यालय पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, पिछले दो दिनों से जारी पूछताछ मुख्य रूप से सालबोनी में कथित जमीन घोटाले पर केंद्रित रही। जांचकर्ता रॉय से कथित लेन-देन और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं।
रॉय को सोमवार को देबरा में दर्ज एक मामले में भी जांचकर्ताओं के सामने पेश होने की उम्मीद है। देबरा मामले में पूर्व मेदिनीपुर विधायक सुजय हाजरा का नाम भी शामिल है। उन पर सरकारी नौकरी दिलाने का वादा करके अभ्यर्थियों से पैसे लेने का आरोप लगाया गया है।
सीआईडी ने कहा है कि शिकायत में नामजद सभी लोगों से पूछताछ की जाएगी और कथित अपराधों में उनकी भूमिका, यदि कोई है, तो उसका पता लगाया जाएगा। हालांकि, रॉय ने अपने खिलाफ लगे आरोपों से इनकार किया है। यह जांच रॉय पर बढ़ते कानूनी दबाव के बीच हो रही है।
इससे पहले सालबोनी जमीन मामले में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और पुलिस लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। गौरतलब है कि हाजरा से जुड़े आरोपों की जांच के दौरान रॉय का नाम सामने आने के बाद उनकी तलाश में राज्य पुलिस ने कोलकाता स्थित बनर्जी के आवास की भी तलाशी ली थी।
Gorakhpur में ठेकेदार की हत्या, 10 लोग हिरासत में, वकीलों का प्रदर्शन
गोरखपुर, नौ अगस्त उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में बिजली विभाग के एक ठेकेदार की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस को संदेह है कि यह वारदात करीब एक साल पहले हुई हत्या का बदला लेने के लिए की गई है।
पुलिस के अनुसार, जिले के सिकरीगंज थाना क्षेत्र के अहिरौली गांव निवासी शिवकुमार त्रिपाठी (52) शनिवार शाम गांव में आयोजित ब्रह्म भोज में शामिल होने गए थे। आरोप है कि इसी दौरान गांव के ही राहुल चौधरी ने पीछे से उन पर बांके से हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि हमले में गंभीर रूप से घायल त्रिपाठी मौके पर ही गिर पड़े।
ग्रामीण उन्हें ऑटो-रिक्शा से अस्पताल ले जाने का प्रयास कर रहे थे, तभी राहुल ने अपने भाई रोहित के साथ रास्ते में वाहन को रोक लिया। पुलिस के अनुसार, स्थानीय लोगों के विरोध के बावजूद दोनों आरोपियों ने कथित रूप से त्रिपाठी को वाहन से बाहर निकाला और करीब 200 मीटर दूर तक घसीटकर ले गए। इसके बाद उन पर तलवार से कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हत्या करीब एक साल पहले आरोपी के चचेरे भाई की हत्या का बदला लेने के लिए की गई हो सकती है। ग्रामीणों के अनुसार, राहुल चौधरी के चचेरे भाई आदेश चौधरी की वर्ष 2024 में हत्या हुई थी और इस मामले में त्रिपाठी के परिवार के कुछ सदस्यों को आरोपी बनाया गया था। जांच अधिकारी इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि शनिवार की हत्या बदले की कार्रवाई थी या नहीं।
पुलिस अधीक्षक (दक्षिण) दिनेश कुमार पुरी ने रविवार को बताया कि हत्या के संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तीन नामजद आरोपियों और सात अन्य लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस हत्या के वास्तविक कारणों का पता लगा रही है और हमले में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। त्रिपाठी बिजली विभाग में ठेकेदार के रूप में काम करते थे। उनके बेटे आदित्य त्रिपाठी गोरखपुर सिविल अदालत में वकालत करते हैं।
इस बीच, हत्या के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर वकीलों ने रविवार को प्रदर्शन किया और पोस्टमार्टम हाउस के बाहर गोरखपुर-महराजगंज मार्ग जाम कर दिया। प्रदर्शन पूर्वाह्न करीब 11 बजकर 15 मिनट पर शुरू हुआ। वकील सड़क पर बैठ गए और आरोपियों को फांसी की सजा देने तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग को लेकर नारेबाजी की।
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद वकील कुछ समय के लिए सड़क से हट गए, लेकिन कुछ ही देर बाद फिर धरने पर बैठ गए और जाम जारी रखा। बाद में गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉक्टर कौस्तुभ मौके पर पहुंचे और उन्होंने अधिवक्ताओं को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
यह जाम अपराह्न करीब तीन बजे तक रहा और इसके बाद आवागमन जारी हुआ। परिवार के सदस्यों के अनुसार, त्रिपाठी शनिवार शाम छेदी चौधरी के घर आयोजित ब्रह्म भोज में शामिल होने गए थे, जहां उन पर हमला किया गया। परिवार का आरोप है कि घायल होने के बाद उन्हें इलाज के लिए ऑटोरिक्शा से ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन हमलावरों ने वाहन को रोक लिया और त्रिपाठी को बाहर खींच लिया।
उन्होंने जान बचाने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने पीछा कर तलवार से हमला कर दिया। हमले में उनके सिर और गर्दन पर गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
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