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क्या Hyrox जैसे महंगे Events एक 'Fitness Scam' हैं? हजारों की फीस पर यूजर्स ने उठाए सवाल

इन दिनों फिटनेस की दुनिया तेजी से चर्चा का विषय बन गई है। शहरों में बढ़ते फिटनेस इवेंट्स, खासकर हाय्रोक्स को लेकर लोग दो हिस्सों में बंटते नजर आ रहे हैं। कुछ लोग इसे फिटनेस का नया ट्रेंड मान रहे हैं, तो कुछ इसे दिखावे और स्टेटस का जरिया बता रहे हैं।

दरअसल, इस बहस की शुरुआत तब हुई जब सोशल मीडिया पर एक यूजर अनकित केडिया का पोस्ट वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने ऐसे आयोजनों की बढ़ती लागत पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि फिट रहना अच्छी बात है, लेकिन एक दिन के इवेंट पर इतना खर्च करना क्या सही है, यह ज्यादा दिखावे जैसा लगता है। बता दें कि इसी के साथ मैराथन और दूसरे फिटनेस आयोजनों की फीस को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, अब कई बड़े शहरों में ऐसे आयोजनों की फीस 3 हजार से 5 हजार रुपये तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा प्रतिभागियों को अलग से बिब नंबर, टाइमिंग चिप और मेडल जैसी चीजों के लिए भी भुगतान करना पड़ता है। गौरतलब है कि इन आयोजनों में शामिल होना अब सिर्फ फिटनेस तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि नेटवर्किंग और सोशल सर्कल बढ़ाने का भी एक माध्यम बनता जा रहा है।

हालांकि, इस पूरे मुद्दे पर एक दूसरा पक्ष भी सामने आता है। कुछ लोग मानते हैं कि ऐसे इवेंट्स सिर्फ खर्च नहीं, बल्कि एक अनुभव होते हैं। इनसे लोगों को अपनी फिटनेस को मापने का एक मानक मिलता है और एक सामूहिक ऊर्जा का माहौल तैयार होता है, जो उन्हें अपनी सीमाओं से आगे जाने के लिए प्रेरित करता है।

बेंगलुरु की कुछ पेशेवर महिलाओं ने भी इस तरह के आयोजनों को सकारात्मक बदलाव बताया है। उनका मानना है कि भारत में लोग अब सिर्फ खेल देखने वाले नहीं, बल्कि खुद उसमें भाग लेने वाले बन रहे हैं। गौरतलब है कि इस बदलाव को फिटनेस संस्कृति के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।

दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर कई लोग इसे "फिटनेस स्कैम" भी कह रहे हैं। उनका तर्क है कि भारी फीस देकर सिर्फ एक टैग या अनुभव हासिल करना जरूरी नहीं है। उनके मुताबिक, असली फिटनेस रोजमर्रा की मेहनत और अनुशासन से आती है, न कि महंगे आयोजनों से।

अगर व्यापक नजरिए से देखें तो ऐसे इवेंट्स पारंपरिक वर्कआउट को एक बड़े मंच और अनुभव में बदल देते हैं, जहां दौड़ना, वजन उठाना और अन्य गतिविधियां एक तय प्रारूप में की जाती हैं। भारत जैसे देश में, जहां फिटनेस संस्कृति अभी विकसित हो रही है, ऐसे आयोजन लोगों में प्रतिस्पर्धा और लक्ष्य आधारित ट्रेनिंग की सोच को बढ़ावा दे रहे हैं।

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Reserve Bank of India का नकदी प्रबंधन: VRRR नीलामी के जरिए बैंकिंग प्रणाली से वापस लिए ₹2 लाख करोड़

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को बैंकिंग प्रणाली में मौजूद अतिरिक्त नकदी को संतुलित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। केंद्रीय बैंक ने सात दिवसीय परिवर्तनीय दर रिवर्स रेपो (VRRR) नीलामी के माध्यम से वित्तीय प्रणाली से अस्थायी रूप से 2,00,031 करोड़ रुपये वापस ले लिए हैं।  केंद्रीय बैंक को इस नीलामी में दो लाख करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि के मुकाबले 2,28,098 करोड़ रुपये की अधिक बोलियां मिलीं। आरबीआई ने 5.24 प्रतिशत की कट-ऑफ दर और 5.23 प्रतिशत की भारित औसत दर पर बोलियों को स्वीकार किया। परिवर्तनीय रेपो दर नीलामी आरबीआई की बैंकों में अल्पकालिक नकदी संतुलित करने के लिए उपयोग की जाने वाली एक मौद्रिक नीति पहल है।

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निश्चित रेपो दर के उलट, वीआरआर में ब्याज दर नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से निर्धारित की जाती है, जिससे बैंकों को धनराशि के लिए बोली लगाने की अनुमति मिलती है। वर्तमान में बैंकिंग प्रणाली में लगभग 4.09 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी मौजूद है। इससे पहले, 10 अप्रैल को भी आरबीआई ने इसी अवधि की वीआरआरआर नीलामी के जरिए 2,00,041 करोड़ रुपये की नकदी वित्तीय प्रणाली से निकाली थी, जो अब प्रणाली में वापस आ गई है। आम तौर पर हर महीने की 20 तारीख के आसपास जीएसटी भुगतान होने के कारण वित्तीय प्रणाली से नकदी निकल जाती है। इससे बाजार में नकदी की उपलब्धता पर दबाव पड़ता है और मुद्रा बाजार की दरें बढ़ सकती हैं।

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जीएसटी भुगतान के बाद नकदी में आई कमी को पूरा करने के लिए वीआरआरआर के तहत ली गई राशि प्रणाली में वापस आएगी, जिससे अल्पकालिक ब्याज दरें नियंत्रण में रहेंगी। अप्रैल की शुरुआत में द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा था कि केंद्रीय बैंक नकदी प्रबंधन में सक्रिय और पूर्व-तैयारी वाला रुख अपनाए रखेगा तथा अर्थव्यवस्था की उत्पादक जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नकदी सुनिश्चित करेगा।

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  Sports

Who is Ashwani Kumar: कौन हैं अश्वनी कुमार, जिसकी चमक के आगे तिलक वर्मा और जसप्रीत बुमराह भी फीके पड़ गए

Who is Ashwani Kumar: मुंबई इंडियंस के तेज गेंदबाज अश्वनी कुमार ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ मुकाबले में धूम मचा दी. मैच में अश्वनी ने 4 ओवर में सिर्फ 24 रन देकर 4 विकेट अपने नाम किए. अश्वनी के इस दमदार गेंदबाजी के कारण ही मुंबई इंडियंस को 15.5 ओवर में ही गुजरात को समेट कर 99 रनों से हरा दिया. Tue, 21 Apr 2026 00:09:23 +0530

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