कतर में फिर उड़ान भरेंगी विदेशी एयरलाइंस, हमाद एयरपोर्ट से चरणबद्ध संचालन बहाल
दोहा, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। कतर सिविल एविएशन अथॉरिटी (क्यूसीएए) ने विदेशी एयरलाइंस के लिए जल्द ही हवाई सेवा फिर से शुरू करने का ऐलान किया है। यह निर्णय हालात की विस्तृत समीक्षा और सुरक्षा आकलन के बाद लिया गया है।
प्राधिकरण ने एक बयान जारी किया। जिसके मुताबिक, विदेशी एयरलाइंस का संचालन हमाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से चरणबद्ध तरीके से बहाल किया जाएगा। क्यूसीएए ने अपने बयान में कहा कि यह फैसला सभी संबंधित राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय में लिया गया है, ताकि संचालन के दौरान उच्चतम स्तर की तैयारी और दक्षता सुनिश्चित की जा सके।
हाल के दिनों में क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चिंताओं के चलते कई विदेशी एयरलाइंस ने कतर के लिए अपनी उड़ान सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी थीं। इसके कारण अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के आवागमन और हवाई यातायात पर असर पड़ा। इसके अलावा, कुछ एयरलाइंस ने एहतियातन अपने रूट्स में बदलाव भी किया था।
अब स्थिति में सुधार और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा के बाद कतर ने उड़ानों को फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट और संबंधित एजेंसियां पूरी तरह तैयार हैं और सभी जरूरी प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं।
क्यूसीएए ने यह भी स्पष्ट किया है कि उड़ानों की बहाली के दौरान सुरक्षा मानकों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी एयरलाइंस को तय दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
यह कदम महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे न केवल अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बहाल होगी, बल्कि पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
फिलहाल, प्राधिकरण ने संकेत दिया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर आगे के कदम उठाए जाएंगे। उड़ान सेवाओं की बहाली से यात्रियों को राहत मिलने के साथ-साथ क्षेत्र में हवाई यातायात धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है।
28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका इजरायल की संयुक्त एयर स्ट्राइक फिर तेहरान का खाड़ी देशों में मौजूद यूएस एयरबेस पर हमले के बाद से एविएशन इंडस्ट्री को काफी नुकसान हुआ। एयर सेवा पर नकारात्मक असर पड़ा था।
--आईएएनएस
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महिला आरक्षण विधेयक को लेकर पटना में महिलाओं की 'आक्रोश रैली', CM सम्राट ने विपक्ष पर साधा निशाना
पटना - महिला आरक्षण विधेयक सदन से पास नहीं होने के विरोध में बीजेपी महिला मोर्चा ने पटना में जन आक्रोश और महिला सम्मेलन किया. इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बीजेपी और एनडीए की महिला कार्यकर्ता शामिल हुईं. सम्मेलन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सराबगी भी मौजूद रहे.
हजारों महिलाओं की भागीदारी
इस महिला सम्मेलन में हजारों की संख्या में NDA की महिला कार्यकर्ता जुटीं. कार्यक्रम में महिलाओं ने विपक्ष के खिलाफ नाराजगी जताई और महिला आरक्षण लागू करने की मांग उठाई.
विपक्ष पर बीजेपी का हमला
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सराबगी ने कहा कि विपक्ष के कारण महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाया. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष कभी भी महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के लिए गंभीर नहीं रहा. इसी वजह से आज देश की महिलाओं में आक्रोश है. नरेंद्र मोदी की सरकार महिलाओं के उत्थान के लिए यह विधेयक लाई थी जिसमें नकाबले महिलाओं को 33% आरक्षण मिलता है बल्कि लोकसभा और विधानसभा के परिसीमन होने के बाद इसकी संख्या भी बढ़ती. लेकिन विपक्षी दल खासकर कांग्रेस आरजेडी टीएमसी सपा के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका. विपक्षी दलों के इस निर्णय का जवाब देश की महिला देगी.
महिला आरक्षण पर सीएम का बयान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को अधिकार देने के लिए महिला आरक्षण विधेयक लाए थे. लेकिन विपक्ष ने इसे पास नहीं होने दिया. उन्होंने कहा कि अगर यह विधेयक पास हो जाता तो लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं की संख्या बढ़ती. बिहार में अभी 19 महिला विधायक है यह बिल यदि पास हो जाता तो बिहार के सदन में 122 महिला विधायक आती.
विपक्ष के नेता पर निशाना
सम्राट चौधरी ने विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, लालू प्रसाद और अखिलेश यादव जैसे नेता आम महिलाओं को आगे नहीं लाना चाहते, बल्कि अपने परिवार के लोगों को ही राजनीति में देखना चाहते हैं. लालू प्रसाद पर निशाना चाहते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि उनकी पत्नी बिहार में विधान परिषद के नेता बने और बेटी सांसद लेकिन आम महिला सदन में न जाए यही उनकी सोच है. राहुल गांधी पर निशाना चाहते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि उनकी बहन सांसद बने लेकिन आम महिला कौन का हक नहीं मिले अखिलेश यादव की पत्नी सांसद बने और जब आम महिला की बात हो तो यह लोग महिला बिल पर अरंगा लगते हैं.
महिला सशक्तिकरण के लिए बिहार सरकार का काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार ने पंचायत स्तर पर महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया है. आज राज्य में बड़ी संख्या में महिलाएं मुखिया और अन्य पदों पर काम कर रही हैं. यह महिलाओं के सशक्तिकरण का उदाहरण है.
महिलाओं को दिया भरोसा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि जब तक वह सत्ता में हैं, महिलाओं पर अत्याचार नहीं होने दिया जाएगा. राज्य में कानून का राज कायम है. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को लेकर अब जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर तक अभियान चलाया जाएगा. महिलाओं को बताया जाएगा कि उनके साथ विपक्ष ने नाइंसाफी की है.
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