पाकिस्तान से एक ही दिन में 6,000 से अधिक अफगान शरणार्थियों की वतन वापसी
काबुल, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान से अफगान शरणार्थियों की वतन वापसी का सिलसिला जारी है। हाल ही में कम से कम 6,148 अफगान शरणार्थी एक ही दिन में पड़ोसी देश पाकिस्तान से अपने देश लौटे हैं। अफगानिस्तान के ‘हाई कमीशन फॉर एड्रेसिंग रिटर्नीज़ प्रॉब्लम्स’ ने सोमवार को यह जानकारी दी।
कमीशन के अनुसार, ये सभी शरणार्थी रविवार को पूर्वी नंगरहार प्रांत के तोरखम सीमा पार बिंदु और दक्षिणी कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक सीमा पार बिंदु के जरिए अफगानिस्तान में दाखिल हुए। उन्होंने बताया कि सभी लौटने वालों को सीमा पार करते ही सरकार की ओर से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई।
इसी दिन 471 अफगान शरणार्थी पड़ोसी ईरान से भी अपने देश लौटे।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, वर्ष 2025 में अब तक लगभग 28 लाख अफगान शरणार्थी अपने वतन वापस लौट चुके हैं।
दशकों से जारी विस्थापन के चलते अब भी 60 लाख से अधिक अफगान शरणार्थी पाकिस्तान और ईरान में रह रहे हैं। दोनों ही मेजबान देश बिना दस्तावेज वाले अफगानों से अपने देश लौटने का आग्रह कर रहे हैं।
इससे पहले 25 मार्च को ईद-उल-फितर की छुट्टियों की शुरुआत से अब तक पाकिस्तान की जेलों से 398 अफगान कैदियों को रिहा कर उन्हें अफगानिस्तान भेजा गया था, जो पिछले समय की तुलना में अधिक संख्या है। वहीं, 26 मार्च को अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच एक प्रमुख सीमा पार बिंदु को फिर से खोला गया था, ताकि पाकिस्तान में रह रहे अफगान प्रवासियों की वापसी सुनिश्चित की जा सके।
इससे पहले 18 अप्रैल को संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि एक महीने के भीतर 86,000 से अधिक अफगान प्रवासी ईरान और पाकिस्तान से अपने देश लौटे हैं। स्थानीय मीडिया टोलोन्यूज के अनुसार, यह आंकड़ा गंभीर मानवीय चिंता का विषय है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इतनी बड़ी संख्या में लौटने वाले लोगों के पुनर्वास, बुनियादी सेवाओं तक पहुंच और स्थानीय समुदायों की सीमित क्षमता जैसी कई चुनौतियां सामने आ रही हैं।
यह लगातार हो रही आवाजाही क्षेत्रीय प्रवासन की व्यापक स्थिति को दर्शाती है, जिसमें अफगान नागरिक कानूनी, आर्थिक और सुरक्षा से जुड़े कारणों के चलते अपने देश लौट रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने यह भी जोर देकर कहा है कि लौटने वाले परिवारों को पर्याप्त सहायता सुनिश्चित करने और उनके समाज में सम्मानजनक व स्थायी पुनर्वास के लिए निरंतर निगरानी और अंतरराष्ट्रीय समन्वय को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
--आईएएनएस
डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
वैश्विक संकट के बीच एलपीजी बुकिंग 99 प्रतिशत पहुंची, अब तक 4.93 लाख से ज्यादा पीएनजी कनेक्शन सक्रिय: सरकार
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। सरकार ने सोमवार को कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण एलपीजी सप्लाई प्रभावित हो रही है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। उद्योग स्तर पर ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग बढ़कर 99 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) ने एक बयान में कहा कि डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) के जरिए होने वाली डिलीवरी करीब 92 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिससे गैस की गलत दिशा में सप्लाई (डायवर्जन) को रोकने में मदद मिल रही है। यह कोड उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है।
मंत्रालय ने बताया कि कई एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ने रविवार को भी काम किया, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर मिल सके।
कमर्शियल एलपीजी की कुल सप्लाई को बढ़ाकर संकट से पहले के स्तर के लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंचा दिया गया है, जिसमें 10 प्रतिशत सुधार से जुड़ी अतिरिक्त सप्लाई भी शामिल है।
23 मार्च 2026 से अब तक 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री 18.45 लाख से ज्यादा हो चुकी है, जो बढ़ती मांग को दर्शाता है।
सरकार ने बताया कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के कार्यकारी निदेशकों की तीन सदस्यीय समिति राज्यों और उद्योग संगठनों के साथ मिलकर एलपीजी सप्लाई की योजना बना रही है। पिछले 5 दिनों में औसतन 7,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई है।
ऑटो एलपीजी की बिक्री निजी कंपनियों से हटकर पब्लिक सेक्टर कंपनियों की ओर बढ़ी है। बढ़ती मांग को देखते हुए पीएसयू कंपनियों ने अपनी सप्लाई बढ़ाई है। कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में मांग में ज्यादा वृद्धि देखी गई है।
मार्च 2026 से अब तक 4.93 लाख से ज्यादा पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं, जबकि 5.51 लाख से ज्यादा लोगों ने नए कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। 19 अप्रैल तक करीब 39,200 उपभोक्ताओं ने मायपीएनजीडी.इन के जरिए एलपीजी छोड़कर पीएनजी अपनाया है।
सरकार के अनुसार, सभी रिफाइनरी पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। पेट्रोल और डीजल की भी पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखी गई है, जबकि घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाकर मांग को पूरा किया जा रहा है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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