आधार-आधारित ऑफलाइन वेरिफिकेशन के उपयोग के लिए 100 संस्थाएं जुड़ीं: सरकार
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। सरकार ने सोमवार को बताया कि आधार-आधारित ऑफलाइन वेरिफिकेशन को बढ़ावा देने के लिए अब तक कम से कम 100 संस्थाओं को ऑफलाइन वेरिफिकेशन सीकिंग एंटिटीज (ओवीएसई) के रूप में जोड़ा जा चुका है। यह उपलब्धि इस सिस्टम के लॉन्च के सिर्फ तीन महीनों के भीतर हासिल की गई है।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा हासिल यह मील का पत्थर सुरक्षित, कागज रहित और यूजर की सहमति पर आधारित पहचान सत्यापन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के अनुसार, इन 100 संस्थाओं में केंद्र और राज्य सरकार के विभाग, फिनटेक कंपनियां, होटल और इवेंट मैनेजमेंट फर्म, शिक्षा और परीक्षा से जुड़े संस्थान, तथा बैकग्राउंड और वर्कफोर्स वेरिफिकेशन से जुड़े संगठन शामिल हैं।
मंत्रालय ने कहा कि इन संस्थाओं के जुड़ने से सेवाओं की डिलीवरी तेज होगी, प्रोसेसिंग समय कम होगा और फिजिकल दस्तावेजों पर निर्भरता घटेगी।
आधार ऑफलाइन वेरिफिकेशन सिस्टम में यूजर क्यूआर कोड या डिजिटल साइन किए गए डॉक्यूमेंट के जरिए अपनी सीमित और जरूरी जानकारी साझा कर सकते हैं। इससे यूजर अपने डेटा पर पूरा नियंत्रण रखता है और तय कर सकता है कि कौन-सी जानकारी किसके साथ साझा करनी है।
सरकार का कहना है कि यह सिस्टम डेटा सुरक्षा और गोपनीयता (प्राइवेसी) को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ रहा है।
मंत्रालय के मुताबिक, यह व्यवस्था देश में मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की दिशा में भी एक अहम कदम है, क्योंकि यह स्केलेबल और सुरक्षित सिस्टम प्रदान करती है।
सरकार का मानना है कि इससे ईज ऑफ लिविंग (जीवन की सुगमता) में सुधार होगा, क्योंकि लोगों को अब तेजी से सेवाएं मिलेंगी, कागजी काम कम होगा और रोजमर्रा के काम आसान होंगे।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अब महीने में दो बार वेतन, नेपाल में सरकारी कर्मचारियों के लिए जल्द लागू होगा नया नियम
काठमांडू, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल में सरकारी कर्मचारियों को अब हर 15 दिनों में सैलरी मिलेगी, जिससे महीने में एक बार वेतन मिलने की पुरानी परंपरा टूट जाएगी।
17 अप्रैल को वित्त मंत्री स्तर पर लिए गए फैसले के मुताबिक, सरकारी कर्मचारियों को अब पखवाड़े में (महीने में दो बार) वेतन दिया जाएगा। इस फैसले को लागू करने के लिए संबंधित सरकारी दफ्तरों के नाम पर एक सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है।
दुनिया के ज्यादातर देशों में ऐसा सिस्टम नहीं है। सरकारी कर्मचारियों को आमतौर पर महीने में एक बार ही सैलरी मिलती है। दक्षिण एशिया, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका और मालदीव जैसे देशों में यही व्यवस्था है।
नेपाल सरकार के अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला अर्थव्यवस्था को थोड़ा गति देने के लिए लिया गया है। उनका मानना है कि अगर कर्मचारियों के हाथ में ज्यादा बार पैसा आएगा, तो खर्च भी बढ़ेगा और इससे बाजार में पैसों का प्रवाह बना रहेगा।
अभी यह साफ नहीं है कि इस फैसले को कब से लागू किया जाएगा।
फाइनेंशियल कंट्रोलर जनरल ऑफिस (एफसीजीओ) के प्रवक्ता दीपक लामिछाने ने कहा, “तकनीकी तौर पर हमारे लिए इसे लागू करने में कोई दिक्कत नहीं है। हम सिविल सर्विस, नेपाल आर्मी, पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और बाकी सरकारी कर्मचारियों को कभी भी सैलरी जारी कर सकते हैं।”
हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि इसे लागू करने के लिए कानून में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है, क्योंकि नेपाल के सिविल सर्विस एक्ट में सैलरी हर महीने देने का प्रावधान है।
कानून की धारा 28 के अनुसार, हर सरकारी कर्मचारी को हर महीने के अंत में वेतन और भत्ते दिए जाते हैं।
लामिछाने ने कहा, “शायद इस फैसले को जल्दी लागू करने के लिए कोई रास्ता निकाला जा सकता है।”
फिलहाल संसद सत्र नहीं चल रहा है, इसलिए सरकार अध्यादेश लाकर इस फैसले को तुरंत लागू कर सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि हम इस फैसले को लागू करने के तरीके पर चर्चा कर रहे हैं।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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