32 साल की मॉडल हर्षा ने किया अपना ही पिंडदान और मिला नया नाम, पर क्या हिंदू धर्म में ऐसा कर सकती हैं महिलाएं?
हिंदू धर्म में पितरों की शांति और मोक्ष के लिए किए जाने वाले कर्मकांडों का विशेष महत्व माना गया है। इन्हीं में से एक प्रमुख अनुष्ठान है पिंडदान, जिसे आमतौर पर पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति के लिए किया जाता है. लेकिन 32 साल की मॉडल और इन्फ्लुएंसर हर्षा रिछारिया ने अपना ही पिंडदान कर दिया है और सन्यास ले लिया है. इस विशेष अनुष्ठान के बाद उनको नया नाम भी मिल गया है.
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