वित्त वर्ष 26 में कंपनियों ने आईपीओ के जरिए 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक जुटाए : रिपोर्ट
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार में कंपनियों ने वित्त वर्ष 26 में 153 इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) के जरिए 2,01,442 करोड़ रुपए जुटाए हैं। यह जानकारी सोमवार को जारी की गई एक रिपोर्ट में दी गई।
रिपोर्ट में कहा गया कि कंपनियों ऐसे समय पर आईपीओ के जरिए पूंजी जुटाने में सफल रही हैं, जब वैश्विक कारणों के चलते बाजार उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में बताया गया कि भारत की अर्थव्यवस्था का आधार मजबूत बना हुआ है और वित्त वर्ष 27 में अर्थव्यवस्था 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है।
सरकार द्वारा किए जा रहे बुनियादी ढांचे पर व्यय की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है, और वित्त वर्ष 2027 में कुल व्यय का लगभग एक तिहाई हिस्सा पूंजीगत व्यय का होने की संभावना है।
मुद्रास्फीति लगभग 4.5 प्रतिशत पर नियंत्रण में रहने की उम्मीद है, साथ ही राजकोषीय घाटा भी 4.3 प्रतिशत के लक्षित स्तर पर रहेगा।
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि बाहरी दबाव बना हुआ है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के कमजोर प्रवाह और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली के कारण भारतीय रुपए पर दबाव बना रह सकता है।
इन सभी कारकों ने 2022 की शुरुआत से रुपए में दबाव बनाने का दाम किया है।
आय के मोर्चे पर, रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि कुल कॉर्पोरेट आय में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी, हालांकि विभिन्न क्षेत्रों में प्रदर्शन भिन्न हो सकता है।
बैंक, उपभोक्ता विवेकाधीन वस्तुएं, धातु और दूरसंचार क्षेत्रों में धीरे-धीरे सुधार होने की उम्मीद है, जबकि ऊर्जा क्षेत्र पर कुछ दबाव पड़ सकता है।
हाल के महीनों में, विशेष रूप से मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में, मूल्यांकन में गिरावट आई है, हालांकि वे अभी भी दीर्घकालिक औसत से ऊपर हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, बेंचमार्क सूचकांक ऐतिहासिक रूप से आकर्षक स्तरों के करीब पहुंच गए हैं।
बाजार में खुदरा निवेशकों की भागीदारी एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनी हुई है। डीमैट खातों की संख्या बढ़कर 222 मिलियन से अधिक हो गई है, जबकि फरवरी 2026 में सक्रिय इक्विटी व्यापारियों की संख्या 1.48 करोड़ से अधिक हो गई।
रिपोर्ट में बताया गया है कि म्यूचुअल फंड में एसआईपी के माध्यम से निवेश मजबूत बना हुआ है और यह सालाना 30,000 करोड़ रुपए से अधिक है।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत-कोरिया के बीच डिजिटल पेमेंट सिस्टम के एकीकरण पर समझौता, लोकल क्यूआर कोड से कर सकेंगे भुगतान
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बैठक के बाद दोनों देशों के नेताओं ने संयुक्त बयान दिया। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली ने कहा कि बढ़ती मांगों को देखते हुए भारत में कोरिया फाउंडेशन और कोरियन एजुकेशन सेंटर के तहत हम कोरियन भाषा और स्टडी प्रोग्राम को भी बढ़ावा देंगे।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा, भारत के लोगों और पीएम मोदी, मैं आपकी पहल और मुझे और मेरे डेलीगेशन को दी गई गर्मजोशी भरी मेहमाननवाजी के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जो सबसे तेजी से आगे बढ़ रहा है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के तौर पर 8 साल में पहली बार आपके देश का स्टेट विजिट करके मुझे बहुत खुशी हो रही है।
उन्होंने कहा, आज, पीएम और मैंने अपने संबंधों को और आगे बढ़ाने के तरीकों पर गहरी बातचीत की और वैश्विक और क्षेत्री मामलों पर अपने विचार शेयर किए। दुनिया की सबसे बड़ी आबादी और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ, भारत वैश्विक दक्षिण में एक नेता के तौर पर उभरा है। आपके विकसित भारत 2047 विजन के तहत भारत बहुत अच्छा विकास कर रहा है। रिपब्लिक ऑफ कोरिया भी चिप-बिल्डिंग, सेमीकंडक्टर और कल्चरल इंडस्ट्रीज में एक लीडर के तौर पर उभरा है।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा, अनिश्चितता के इस दौर में हम इस बात पर सहमत हैं कि भारत और कोरिया आपसी विकास और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर सहयोग के लिए सबसे अच्छे पार्टनर हो सकते हैं। हम शिप बिल्डिंग, एआई, वित्त और रक्षा जैसी रणनीतिक उद्योग में सहयोग बढ़ाने और कल्चर और लोगों के बीच लेन-देन को बढ़ावा देने पर भी सहमत हुए हैं।
उन्होंने कहा, हमारा मकसद भारत और साउथ कोरिया के बीच अभी के 25 बिलियन डॉलर के सालाना ट्रेड वॉल्यूम को 2030 तक बढ़ाकर लगभग 50 बिलियन डॉलर करना है।
साउथ कोरिया के प्रेसिडेंट ली जे म्युंग ने कहा, भारत और दक्षिण कोरिया ने इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम को जोड़ने के लिए एक एमओयू साइन किया है, जिससे हमारे दोनों देश के नागरिक एक-दूसरे के देशों में जाने पर लोकल क्यूआर कोड सिस्टम का इस्तेमाल करके पेमेंट कर सकेंगे। यह एक ऐसा कदम है जिससे दोनों देशों के बीच यात्रा में और भी आसान हो जाएंगी।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और मैंने मिडिल ईस्ट में हाल की घटनाओं पर अपने विचार शेयर किए और इस बात पर सहमत हुए कि मिडिल ईस्ट में स्थिरता और शांति वापस लाना वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए बहुत जरूरी है।
भारत और कोरिया के बीच सिनेमा, संस्कृति, भाषा और शिक्षा को लेकर ली जे म्युंग ने कहा, क्रिएटिव क्षेत्र से संबंधित एमओयू के तहत हमारी सहमति बनी है कि हम मुंबई-कोरिया सेंटर बनाएंगे। उम्मीद है कि यहां के-पॉप और बॉलीवुड मिलकर एक सांस्कृतिक सहयोग बनाएंगे। भारत में कोरिया फाउंडेशन और कोरियन एजुकेशन सेंटर के तहत हम कोरियन भाषा और स्टडी प्रोग्राम को भी बढ़ावा देंगे।
--आईएएनएस
केके/वीसी
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