वैश्विक चुनौतियों के बीच एमएसएमई सेक्टर मजबूत, लेकिन नीतिगत समर्थन जरूरी: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत का एमएसएमई मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर मजबूत बना हुआ है, लेकिन इस ग्रोथ को बनाए रखने के लिए समय पर नीतिगत समर्थन और स्थिर वैश्विक माहौल जरूरी होगा। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पीएचडीसीसीआई ने अपने एसएमई मार्केट सेंटिमेंट इंडेक्स (एसएमईएसआई) का चौथा संस्करण जारी किया है, जिसमें जनवरी से मार्च 2026 के दौरान एमएसएमई सेक्टर के प्रदर्शन और अगले तिमाही के आउटलुक को शामिल किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, ग्रोथ बरकरार है, लेकिन बदलते वैश्विक हालात के कारण इसकी रफ्तार में थोड़ी कमी आई है।
सर्वेक्षण के मुताबिक, एसएमई बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स (एसएमई-बीएआई) मार्च तिमाही में 56.5 रहा, जो पिछले तिमाही के 58.9 से थोड़ा कम है, लेकिन अभी भी यह विस्तार का संकेत देता है।
इसी तरह, अप्रैल से जून 2026 के लिए एसएमई बिजनेस आउटलुक इंडेक्स (एमएमई-बीओआई) 58.7 रहा, जो पहले के 60.7 के मुकाबले थोड़ा कम है, लेकिन फिर भी सकारात्मक संकेत देता है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि कारोबार में बढ़ोतरी का मुख्य कारण नए ऑर्डर और उत्पादन में स्थिरता है। करीब 37 फीसदी कंपनियों ने नए ऑर्डर बढ़ने की बात कही, जिससे उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई।
वहीं, रोजगार और सप्लाई चेन (डिलीवरी टाइम) में ज्यादा बदलाव नहीं देखा गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि कंपनियां सावधानी के साथ संतुलित रणनीति अपना रही हैं।
आने वाली तिमाही (अप्रैल-जून) को लेकर भी कंपनियां आशावादी हैं। करीब 37 फीसदी कंपनियों को उम्मीद है कि उनका कारोबार और बढ़ेगा, जबकि लगभग आधी कंपनियों का मानना है कि हालात स्थिर रहेंगे।
निवेश के मोर्चे पर भी सकारात्मक रुख दिख रहा है। करीब 47 फीसदी कंपनियां पूंजी निवेश (कैपेक्स) बढ़ाने की योजना बना रही हैं, जिसका कारण भविष्य की मांग को लेकर उम्मीदें हैं।
हालांकि, नौकरी देने के मामले में कंपनियां अभी भी सतर्क हैं और धीरे-धीरे भर्ती बढ़ा रही हैं। यह दिखाता है कि कंपनियां अनिश्चित वैश्विक हालात के बीच लागत और संचालन को संतुलित रखने की कोशिश कर रही हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच शेयर बाजार सपाट बंद, सेंसेक्स-निफ्टी में मामूली बढ़त
मुंबई, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में जारी तनावों के बीच वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के चलते हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ सपाट बंद हुआ। दिन के कारोबार में घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा।
बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 26.76 अंक या 0.03 प्रतिशत बढ़कर 78,520.30 पर था, तो वहीं एनएसई निफ्टी50 11.30 (0.05 प्रतिशत) की मामूली बढ़त के साथ 24,364.85 पर था।
दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 78,632.90 स्तर पर खुलकर 78,942.45 का इंट्रा-डे हाई और 78,203.30 का लो बनाया। जबकि निफ्टी 24,391.50 पर खुलकर 24,480.65 का दिन का हाई और 24,241.25 लो छुआ।
अमेरिका-ईरान सीजफायर को लेकर अनिश्चितता के कारण जोखिम की भावना में गिरावट आई, जिससे निफ्टी50 और सेंसेक्स सुस्त सत्र के बाद अपने दिन के उच्चतम स्तर से नीचे फिसल गए।
यही कारण रहा कि व्यापक बाजार सूचकांक शुरुआती बढ़त के बाद लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.18 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.45 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं सेक्टरवार बात करें तो निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी ऑटो, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में तेजी देखने को मिली, जबकि निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मेटल, निफ्टी फार्मा निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी आईटी में बिकवाली का दबाव रहा।
निफ्टी50 पैक में ट्रेंट, जेएसडब्ल्यू स्टील, एसबीआई, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी और ग्रासिम इंडस्ट्रीज के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली और ये टॉप गेनर्स में शामिल रहे, जबकि जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, हिंडाल्को, टीएमपीवी, एलएंडटी, एचडीएफसी लाइफ, एचसीएल टेक और बीईएल के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
गौरतलब है कि ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी ध्वज वाले एक मालवाहक जहाज को जबरन जब्त करने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव फिर से बढ़ गया। इससे पहले ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर गोलीबारी की थी।
--आईएएनएस
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