'होर्मुज के हालात नाजुक', चीन ने भारतीय शिप पर फायरिंग को लेकर दिया बयान
बीजिंग, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। चीन ने होर्मुज से गुजर रहे भारतीय झंडे वाले जहाज पर फायरिंग को लेकर बयान दिया है। विदेश मंत्रालय ने उकसावे से बचने की अपील की है। नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने ये बात कही।
इसके साथ ही चीन ने ईरानी झंडे वाले जहाज को रोकने और फिर उसे कब्जे में लेने की अमेरिकी कार्रवाई पर चिंता जताई है। चीन के अनुसार सभी पक्षों को जिम्मेदारी के साथ सीजफायर का पालन करना होगा। वो प्रेस की ओर से पूछे सवालों का जवाब दे रहे थे।
ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, उनसे भारतीय शिप पर हमले को लेकर पूछा गया कि ईरानी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय झंडे वाले एक जहाज पर फायरिंग की थी, जिससे नेविगेशनल सेफ्टी को लेकर चिंता बढ़ गई थी। चीन इस तनाव को कैसे देखता है और स्ट्रेट में अपने शिपिंग और एनर्जी हितों की सुरक्षा के लिए वह किन उपायों पर विचार कर रहा है?
इसके जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जियाकुन ने कहा कि होर्मुज की स्थिति बहुत नाजुक है, लेकिन चीन को उम्मीद है कि सभी पक्ष इसकी गंभीरता को समझेंगे। उन्होंने कहा, मैंने होर्मुज स्ट्रेट के मुद्दे पर चीन का रुख पहले ही बता दिया है। हम यह दोहराना चाहेंगे कि होर्मुज स्ट्रेट एक इंटरनेशनल वॉटरवे है, और इसे नेविगेशन के लिए खुला रखना इस इलाके के देशों और इंटरनेशनल कम्युनिटी के हक में है।
उनके अनुसार सब मिलकर काम करेंगे और चीन अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के साथ मिलकर कोशिशें जारी रखने को तैयार है। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि वे तनाव बढ़ाने से बचें और ऐसा माहौल बनाएं जिससे इस रास्ते पर सामान्य आवाजाही शुरू हो सके।
ईरानी जहाज को कब्जे में लेने की बात अमेरिका ने की थी। कहा था कि उसने एक ईरानी जहाज के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे कब्जे में ले लिया, क्योंकि वह ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी से बचने की फिराक में था।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पोस्ट में लिखा, टाउसका नामक एक ईरानी झंडे वाला मालवाहक जहाज, जिसकी लंबाई लगभग 900 फीट है और जिसका वजन लगभग एक विमानवाहक पोत के बराबर है, हमारी नौसैनिक नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा था, और उनके लिए यह अच्छा नहीं रहा।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
सही पोषण से रोका जा सकता है हेयर फॉल, समय पर पहचान है जरूरी
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। आज के समय में बालों का झड़ना और पतला होना महिलाओं के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। कई लोग इसे प्रदूषण, हेयर प्रोडक्ट्स या तनाव से जोड़कर देखते हैं, लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार, बालों की सेहत सिर्फ बाहरी देखभाल पर नहीं, बल्कि शरीर के अंदर मौजूद पोषण पर भी निर्भर करती है। जब शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स नहीं मिलते, तो इसका असर सीधे बालों की जड़ों पर पड़ता है, जिससे धीरे-धीरे बाल पतले होने लगते हैं और उनका झड़ना बढ़ जाता है।
पोषण की कमी को अगर सही समय पर पहचाना जाए तो ठीक किया जा सकता है। खासतौर पर मासिक धर्म, गर्भावस्था, अनियमित खानपान और तनाव जैसी स्थितियों में शरीर कुछ जरूरी तत्वों की कमी के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाता है।
सबसे अहम पोषक तत्वों में आयरन का नाम सबसे पहले आता है। शरीर में आयरन की कमी होने पर बालों की जड़ों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है। इससे बालों की ग्रोथ धीमी हो जाती है और झड़ना बढ़ जाता है। कई बार ब्लड रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन सामान्य दिखता है, लेकिन शरीर में आयरन का स्टोर कम होता है, जिसे फेरिटिन कहा जाता है। रिसर्च बताती है कि बालों की अच्छी ग्रोथ के लिए पर्याप्त स्तर का आयरन जरूरी होता है।
इसके अलावा विटामिन डी भी बालों की सेहत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह बालों के ग्रोथ साइकिल को संतुलित रखने में मदद करता है। जो लोग धूप में कम निकलते हैं, उनमें इसकी कमी ज्यादा देखी जाती है। वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार, इसकी कमी से बालों का दोबारा उगना धीमा हो सकता है और घनापन कम हो सकता है। हालांकि, इसका स्तर सुधारने में समय लगता है, लेकिन सही मात्रा में मिलने पर यह बालों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
विटामिन बी12 भी बालों के लिए जरूरी है, क्योंकि यह शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है। इसकी कमी से शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई प्रभावित होती है, जिससे बाल कमजोर और बेजान हो सकते हैं।
जिंक बालों की जड़ों की मरम्मत और स्कैल्प को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह प्रोटीन बनाने की प्रक्रिया में भी शामिल होता है। इसकी कमी से बालों का झड़ना बढ़ सकता है और स्कैल्प में जलन या सूखापन महसूस हो सकता है। खराब पाचन भी इसके अवशोषण को प्रभावित कर सकता है।
प्रोटीन की बात करें तो बाल मुख्य रूप से केराटिन नामक प्रोटीन से बने होते हैं। जब शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता, तो बालों की ग्रोथ धीमी हो जाती है और वे कमजोर होकर टूटने लगते हैं। कई बार डाइटिंग या व्यस्त जीवनशैली के कारण महिलाएं पर्याप्त प्रोटीन नहीं ले पातीं, जिसका असर बालों पर साफ दिखता है।
--आईएएनएस
पीके/पीएम
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