पाकिस्तान: सिंध में ऑनर किलिंग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
इस्लामाबाद, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान के सिंध में एक रिवाज का विरोध सड़क पर दिखने लगा है। प्रांत के अलग-अलग हिस्सों में कारो-कारी (इज्जत के लिए हत्या) के नाम पर महिलाओं के साथ ज्यादती की बढ़ती दर को लेकर गुस्सा है। अन्याय को बड़े पैमाने पर बेपर्दा करने के लिए अवाम विरोध प्रदर्शन के साथ ही नुक्कड़ नाटकों के जरिए आवाज बुलंद कर रही है। इस रिवाज के नाम पर महिलाओं की हत्या करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई जा रही है।
स्थानीय मीडिया ने सोमवार को यह जानकारी दी। मानवाधिकार संगठन ‘सिविल सोसाइटी फॉर ट्रुथ, पीस एंड जस्टिस’ ने रविवार को सिंध में रैलियां निकाल प्रदर्शन किया। पाकिस्तान के जाने-माने मीडिया आउटलेट डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, विरोध रैली में शामिल लोग हैदराबाद के लोकल प्रेस क्लब में इकट्ठा हुए।
यह विरोध खालिदा चंदियो, शुमैला चंदियो की कथित ऑनर किलिंग और एक मेडिकल छात्रा, फहमीदा लघारी के कथित सुसाइड के बाद किया गया था। विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों ने ऑनर किलिंग के सभी पीड़ितों के लिए इंसाफ की मांग की।
इस क्रूर रिवाज से जुड़ी बारीकियों को समझाने के लिए नुक्कड़ नाटक भी किया गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान, कहा गया कि सिंध में कारो-कारी रिवाज के तहत हत्याएं बिना रुके जारी हैं, जो टांडो मस्ती में खालिदा चंदियो और हाला में शुमैला चंदियो की हत्या से साफ है। उन्होंने बताया कि फहमीदा लघारी को इतना परेशान किया गया कि उन्होंने सुसाइड कर लिया और इस बात पर जोर दिया कि इसे हत्या माना जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कबायली जिरगा पर बैन लगा दिया गया था और सिंध सरकार ने महिलाओं के उत्पीड़न से जुड़े कई कानून पास किए थे; हालांकि, उन्हें ठीक से लागू नहीं किया गया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शैक्षिक संस्थानों में एंटी-हैरेसमेंट कमेटियां (उत्पीड़न विरोधी समिति) सक्रिय नहीं हैं।
पत्रकार, लेखक और प्रबुद्धजनों ने लरकाना के स्थानीय प्रेस क्लब से जिन्ना बाग चौक तक मार्च निकाला और यहां पहुंचकर एक प्रदर्शन भी किया।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए, वक्ताओं ने कहा कि सिंध में कारो-कारी रिवाज के तहत मारी गई महिलाओं को बिना सम्मान के दफना दिया जाता है, और सिंध में ऐसी घटनाएं बढ़ गई हैं।
वक्ताओं ने मांग की कि ऑनर किलिंग के मामलों में सरकार की तरफ से एफआईआर फाइल की जाए, और अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।
वहीं जैकबाबाद में भी प्रेस क्लब से डीसी चौक तक रैली निकाली गई। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, रैली में वक्ताओं ने हाल की ऐसी वारदातों के लिए पुलिस की लापरवाही को दोषी ठहराया और कहा कि हत्यारों को अभी तक पकड़ा तक नहीं गया है।
तो दादू में न्यू चौक से स्थानीय प्रेस क्लब तक एक मार्च निकाला। लोगों को संबोधित करते हुए, स्पीकर्स ने ऑनर किलिंग की बढ़ती घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि सिंध महिलाओं के लिए हत्या का मैदान बन गया है क्योंकि अधिकारियों में इच्छाशक्ति की कमी है। उन्होंने हत्यारों को कड़ी सजा देने और महिलाओं के लिए कानूनों को असरदार तरीके से लागू करने की मांग उठाई।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ग्रीस में भारत के राजदूत नियुक्त किए गए 1995 बैच के आईएफएस अधिकारी रविशंकर
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। 1995 बैच के आईएफएस अधिकारी रवि शंकर को ग्रीस में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया गया है। फिलहाल वह यूक्रेन में भारत के राजदूत के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी साझा की और बताया कि वह जल्दी ही अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
यूक्रेन में भारतीय राजदूत रविशंकर ग्रीस में रुद्रेंद्र टंडन की जगह लेंगे। रविशंकर जून 2023 से ग्रीस में राजदूत के रूप में काम कर रहे हैं। रविशंकर ने पहले भी कई अहम पदों पर जिम्मेदारी निभाई है। अगस्त 2024 में उन्हें यूक्रेन में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया था।
उन्होंने युगांडा में 2017–2020 तक भारत के हाई कमिश्नर के तौर पर काम किया है। युगांडा में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्हें एक साथ बुरुंडी में राजदूत और रवांडा में हाई कमिश्नर के तौर पर भी नियुक्त किया गया था।
2013 से लेकर 2016 तक उन्होंने इटली में भारतीय दूतावास में सेवा दी। उन्होंने 2009-2012 तक हनोई, वियतनाम में, 2000 से लेकर 2004 तक ट्यूनिस, ट्यूनीशिया में और 1997 से लेकर 2000 तक पेरिस, फ्रांस में भारतीय मिशनों में काम किया है।
इसके अलावा, 2022 से 2024 तक विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (दक्षिण) के तौर पर दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के लिए जिम्मेदार डिवीजन के प्रमुख रहे। प्रेसिडेंट के सेक्रेटेरिएट में 2020 से 2022 तक भारत के राष्ट्रपति के संयुक्त सचिव-कम-सोशल सेक्रेटरी के तौर पर काम किया।
2020 में बहुपक्षीय आर्थिक संबंध के मामले में कुछ समय के लिए एनईआर डिवीजन को हेड किया। 2006 से लेकर 2009 तक विदेश राज्य मंत्री के चीफ स्टाफ ऑफिसर रहे।
भारत और ग्रीस के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध मई 1950 में स्थापित हुए थे। ग्रीस ने कश्मीर मुद्दे पर भारत के रुख और यूएएससी में भारत की स्थायी सदस्यता का हमेशा समर्थन किया है। वहीं, भारत ने साइप्रस मुद्दे पर ग्रीस के पक्ष का समर्थन किया है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2023 में ग्रीस की यात्रा की थी। इस दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदला। इसके बाद फरवरी 2026 में ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस ने भारत का दौरा किया।
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और ग्रीस के रक्षा मंत्री निकोलाओस डेंडियास ने हाल ही में 9 फरवरी, 2026 को रक्षा औद्योगिक सहयोग के लिए एक संयुक्त आशय घोषणापत्र (जेडीआई) पर हस्ताक्षर किए।
--आईएएनएस
केके/एएस
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