Swachh Gwalior Mission 2026: ग्वालियर नगर निगम की नई मुहिम, व्यापारियों और बच्चों के साथ मिलकर बनाया बड़ा प्लान
Swachh Gwalior Mission 2026: ग्वालियर को देश के नक्शे पर सबसे साफ सुथरे शहर के रूप में स्थापित करने के लिए नगर निगम ने एक नई और बड़ी पहल की शुरुआत की है. ग्वालियर के ऐतिहासिक राजवाड़ा इलाके से देश के सबसे बड़े स्वच्छता अभियान का आगाज किया गया. इस कार्यक्रम में नगर निगम के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. इस अभियान का मुख्य मकसद केवल सफाई करना नहीं है, बल्कि ग्वालियर के हर नागरिक को इस मुहिम से जोड़कर शहर को स्वच्छता रैंकिंग में नंबर वन पायदान पर लाना है. कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से ग्वालियर को सुंदर और स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया.
प्लास्टिक और नालियों की समस्या पर कड़ा प्रहार
अभियान के दौरान टी प्रतीक राव ने एक बेहद गंभीर मुद्दे पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि अक्सर लोग घरों का प्लास्टिक और पॉलिथीन नालियों में बहा देते हैं. यह प्लास्टिक आगे जाकर नालियों को पूरी तरह जाम कर देता है. पिछले साल हुई भारी बारिश के दौरान ग्वालियर की सड़कों और घरों में पानी भरने का सबसे बड़ा कारण यही चोक हुई नालियां थीं. निगम अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे प्लास्टिक को नालियों में फेंकने के बजाय नगर निगम की डोर टू डोर कचरा गाड़ियों को ही दें. यदि प्लास्टिक सही तरीके से कचरा प्रबंधन प्लांट तक पहुंचता है, तो उसका इस्तेमाल सड़क बनाने या सीमेंट प्लांट में किया जा सकता है, जो पर्यावरण के लिए भी बेहतर है.
बच्चों के जरिए जागरूकता और डिजिटल क्रांति
ग्वालियर के पूर्व महापौर विवेक शेजवलकर ने स्वच्छता बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया. उन्होंने अपने कार्यकाल के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि स्वच्छता की आदत डालने के लिए स्कूली बच्चों को जागरूक करना सबसे प्रभावी तरीका है. जब बच्चे जागरूक होते हैं, तो वे अपने माता पिता और बड़ों को भी कचरा सही जगह फेंकने के लिए टोकते हैं. इसके अलावा उन्होंने कचरा संग्रहण प्रणाली में निरंतरता और सुधार की बात कही. उन्होंने सुझाव दिया कि आज के डिजिटल युग में मोबाइल पर मैसेज के जरिए नागरिकों को सूचना मिलनी चाहिए कि कचरा गाड़ी उनके मोहल्ले में कब आने वाली है. इससे कचरा संग्रहण की व्यवस्था और अधिक सटीक और पारदर्शी हो जाएगी.
व्यापारियों की भूमिका और व्यावहारिक समाधान
शहर के व्यापारिक संगठनों ने भी इस अभियान में अपना पूरा समर्थन देने का वादा किया है. व्यापारी नेता प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि जहां स्वच्छता होती है, वहीं लक्ष्मी का वास होता है. व्यापारियों की एक व्यावहारिक समस्या यह है कि सुबह दुकान खुलने और सफाई होने के बाद कचरा गाड़ी का समय निकल चुका होता है. उन्होंने सुझाव दिया कि मुख्य बाजारों में दोपहर के समय भी कचरा गाड़ी का एक राउंड होना चाहिए ताकि बाजार पूरी तरह साफ रहें. साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नालियों से निकलने वाली सिल्ट और कचरा तुरंत वहां से हटाया जाना चाहिए, वरना वह दोबारा बारिश के पानी के साथ नाली में चला जाता है.
सतत विकास और सामूहिक भागीदारी
ग्वालियर नगर निगम कमिश्नर संघ प्रिय ने इस संवाद के दौरान स्पष्ट किया कि स्वच्छता कोई एक दिन का काम नहीं है, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है. निगम का उद्देश्य शहर के हर वार्ड तक पहुंचकर नागरिकों, युवाओं और बुजुर्गों को इस मिशन का हिस्सा बनाना है. जब तक जनता की भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता. ग्वालियर को एक सुंदर और बेहतर शहर बनाने के लिए प्रशासन अब हर स्तर पर जनता के साथ मिलकर काम करने की योजना बना रहा है. इस अभियान के जरिए ग्वालियर ने अब सीधे तौर पर देश के सबसे स्वच्छ शहरों को चुनौती देने की तैयारी कर ली है. शहर की आर्थिक वृद्धि और विकास के लिए भी स्वच्छता को एक अनिवार्य कड़ी माना जा रहा है.
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सीईआरसी के पावर मार्केट पर ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी करने के बाद आईईएक्स के शेयर करीब 7 प्रतिशत फिसले
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। इंडियन एनर्जी एक्सचेंज लिमिटेड (आईईएक्स) के शेयर सोमवार को करीब 7 प्रतिशत फिसल गए। इसकी वजह सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (सीईआरसी) की ओर से पावर मार्केट पर ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को माना जा रहा है, जिसमें मार्केट कपलिंग का फ्रेमवर्क भी शामिल है।
ड्राफ्ट के जरिए रेगुलेटर ने मार्केट कपलिंग फ्रेमवर्क पर संबंधित पक्षों की राय मांगी है।
मार्केट कपलिंग फ्रेमवर्क एक प्रोसेस है जो ट्रेडिंग प्लेटफार्म्स पर बिजली के लिए एक समान मूल्य निर्धारित करेगा।
अगर यह फ्रेमवर्क लागू हो जाता है तो इससे आईईएक्स का मार्केट शेयर और पावर ट्रेडिंग मार्केट में उसका एकछत्र राज समाप्त हो सकता है।
आईईएक्स का शेयर दोपहर एक बजे 7 प्रतिशत की गिरावट के साथ 126 रुपए पर था।
इससे पहले 23 जुलाई, 2025 को सीईआरसी ने मार्केट कपलिंग लागू करने के लिए निर्देश जारी किए थे, जिसके बाद आईईएक्स के शेयर में 30 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली थी।
वर्तमान में, इलेक्ट्रिसिटी ट्रेडिंग तीन एक्सचेंजों - आईईएक्स, पावर एक्सचेंज ऑफ इंडिया और हिंदुस्तान पावर एक्सचेंज ऑफ इंडिया - पर होती है, जिनमें से आईईएक्स की कुल बाजार हिस्सेदारी लगभग 85 प्रतिशत है।
अगर मार्केट कपलिंग को लागू किया जाता है, तो सभी एक्सचेंजों पर सिंगल मार्केट क्लियरिंग प्राइस लागू होगा। खरीदारों और विक्रेताओं को प्रत्येक एक्सचेंज पर अलग-अलग बोली लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।
नई व्यवस्था के तहत, एक्सचेंज बोलियां एकत्र करेंगे और उन्हें नामित एजेंसी को भेजेंगे जो कॉमन प्राइस का अनुमान लगाएंगे।
विश्लेषकों का कहना है कि बाजार में आपसी तालमेल से आईईएक्स का प्रमुख एक्सचेंज-लाभ समाप्त हो जाता है, और बोली लगाने वालों के पास अन्य प्लेटफार्मों की तुलना में आईईएक्स को प्राथमिकता देने का कोई खास प्रोत्साहन नहीं रह जाता है। आईईएक्स अपनी अधिकांश आय डे-अहेड मार्केट और रियल-टाइम मार्केट सेगमेंट में भारी मात्रा में ट्रेडिंग से अर्जित करता है, इसलिए बाजार में आपसी तालमेल इसकी स्थिति और लाभप्रदता को प्रभावित कर सकता है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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